श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो पार्क में चीता गामिनी से पैदा हुई 25 महीने की भारतीय मूल की मादा चीता ने शनिवार को कूनो नेशनल पार्क में चार बच्चों को जन्म दिया। अधिकारियों ने कहा कि यह इस प्रोजेक्ट के तहत भारतीय मूल की मादा चीता की पहली सफल डिलीवरी भी है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मादा चीता एक साल से ज़्यादा समय से खुले जंगल में रह रही थी और उसने प्राकृतिक माहौल में अच्छी तरह से ढल गई थी।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने वन विभाग की टीम और प्रोजेक्ट में शामिल अन्य स्टाफ सदस्यों को बधाई दी।
कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता के जंगल में चार बच्चों को जन्म देने के बाद उन्होंने इसे भारत के चीता संरक्षण कार्यक्रम के लिए एक ऐतिहासिक पल बताया। उन्होंने इस सफलता के लिए फॉरेस्ट अधिकारियों, जानवरों के डॉक्टरों और फील्ड स्टाफ को उनकी कोशिशों के लिए बधाई दी।
जानकारी के मुताबिक, जंगल में बच्चों का जन्म एक पॉजिटिव संकेत माना जा रहा है कि कूनो नेशनल पार्क का माहौल चीतों के लिए सही हो गया है। फॉरेस्ट अधिकारियों का मानना है कि यह डेवलपमेंट दिखाता है कि जानवर धीरे-धीरे हैबिटैट में एडजस्ट हो रहे हैं।
चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट उत्तम कुमार शर्मा ने इस डेवलपमेंट की पुष्टि की और कहा कि यह प्रोजेक्ट के मुख्य लक्ष्य की ओर एक बड़ा कदम है, जो कि चीतों को नेचुरल कंडीशन में बसाना और जंगल में उनकी ब्रीडिंग सुनिश्चित करना है।
वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट्स ने कहा कि यह सफलता पार्क में काम करने वाले फॉरेस्ट अधिकारियों, जानवरों के डॉक्टरों और फील्ड स्टाफ की लगातार कोशिशों का नतीजा है। उनका मानना है कि बच्चों का जन्म भारत में चीता कंजर्वेशन प्रोग्राम को मजबूत करेगा और भविष्य में चीतों की आबादी बढ़ने की उम्मीद जगाएगा।
इसे भारत के चीता रीइंट्रोडक्शन प्रोग्राम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। 2022 में प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद से, यह पहली बार है जब किसी चीते ने देश के किसी प्राकृतिक जंगल में बच्चों को जन्म दिया है।
मध्य प्रदेश में चीतों की संख्या
मध्य प्रदेश में चीतों की कुल संख्या वर्तमान में 57 हो गई है। 11 अप्रैल 2026 को कूनो नेशनल पार्क में एक भारतीय मूल की मादा चीता (गामिनी की बेटी) द्वारा चार शावकों को जन्म दिए जाने के बाद यह आंकड़ा 57 तक पहुंचा है।
कूनो नेशनल पार्क (श्योपुर): यहां चीतों का सबसे बड़ा कुनबा है, जहां अब कुल 54 चीते मौजूद हैं। हाल ही में जन्मी मादा चीता द्वारा शावकों को जन्म देना इस प्रोजेक्ट की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है क्योंकि यह भारत में जन्मी किसी मादा चीता द्वारा जंगल में प्रजनन का पहला मामला है।
गांधी सागर अभयारण्य (मंदसौर/नीमच): यहां वर्तमान में 3 वयस्क चीते निवास कर रहे हैं।
प्रोजेक्ट चीता की महत्वपूर्ण उपलब्धियां (अप्रैल 2026 तक)
प्रजनन सफलता: कूनो में सभी सात वयस्क मादा चीतों ने अब तक शावकों को जन्म दिया है।
कुल भारतीय मूल के चीते: अब भारत (मध्य प्रदेश) की धरती पर जन्मे चीतों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है।
नया ठिकाना: सरकार अब सागर-दमोह क्षेत्र में स्थित रानी दुर्गावती (नौरादेही) अभयारण्य को देश का तीसरा ‘चीता होम’ बनाने की तैयारी कर रही है।
