भोपाल। प्रयागराज ‘महाकुंभ’ की वायरल गर्ल मोनालिसा के नकली बर्थ सर्टिफिकेट केस में MP सरकार ने पहली बड़ी कार्रवाई की है। महेश्वर नगर परिषद के CMO का ट्रांसफर कर दिया गया है, जबकि मामला अब ‘लव जिहाद’ और इंटरनेशनल संगठनों से जुड़ा हुआ लग रहा है।
दरअसल, महाकुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा केस ने तूल पकड़ लिया है। केरल में मुस्लिम युवक फरमान से शादी करने वाली मोनालिसा नाबालिग निकली। अब, उसका नकली बर्थ सर्टिफिकेट जारी करने वाले महेश्वर नगर परिषद के CMO का ट्रांसफर कर दिया गया है। CMO प्रियांक पंड्या का ट्रांसफर धार जिले की धामनोद नगर परिषद में किया गया है। नगर परिषद ने नगर परिषद द्वारा जारी बर्थ सर्टिफिकेट को कैंसिल कर दिया है। इस मामले की जांच नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल्ड ट्राइब्स ने की है।
इस वजह से खरगोन जिले का महेश्वर पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। महाकुंभ की वायरल लड़की मोनालिसा का नगर परिषद महेश्वर द्वारा जारी बर्थ सर्टिफिकेट जांच में फर्जी पाया गया।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार के डिप्टी सेक्रेटरी प्रमोद शुक्ला ने ट्रांसफर ऑर्डर जारी कर CMO प्रियांक पंड्या का तुरंत प्रभाव से ट्रांसफर कर दिया है।
मालूम हो कि मोनालिसा का बर्थ सर्टिफिकेट नगर परिषद महेश्वर ने 5 जून 2025 को जारी किया था, जिसमें बताया गया था कि उनका जन्म 2008 में हुआ था। इसी बर्थ सर्टिफिकेट को आधार बनाकर बागपत (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले फरमान खान ने केरल में मोनालिसा से शादी की, लेकिन जांच में बर्थ सर्टिफिकेट फर्जी पाया गया।
दरअसल में, मोनालिसा की मां लताबाई ने 30 दिसंबर 2009 को महेश्वर के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में मोनालिसा को जन्म दिया था। हॉस्पिटल के रजिस्ट्रार के रजिस्टर में मोनालिसा की मां और पिता दोनों का नाम सही तरीके से दर्ज है। बेटी का जन्म 30 दिसंबर 2009 को शाम 5:50 बजे बताया गया है। लताबाई ने हॉस्पिटल में बेटी को जन्म दिया, जिसका वज़न 2 kg 100 ग्राम था और डिलीवरी नॉर्मल हुई थी। मोनालिसा की मां लताबाई ने दावा किया कि वह अनपढ़ हैं और किसी अनजान व्यक्ति ने उनकी इसी नासमझी का फ़ायदा उठाकर डॉक्यूमेंट्स पर उनके साइन करवा लिए।
खरगोन-बड़वानी सांसद गजेंद्र पटेल ने इस मामले में एक सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक शादी नहीं, बल्कि लव जिहाद की एक बड़ी साजिश है। उनके मुताबिक, केरल में शादी करना और फर्जी डॉक्यूमेंट्स तैयार करना PFI जैसे संगठनों की गिरफ्तारी का हिस्सा हो सकता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल्ड ट्राइब्स (NCST) ने साइकोलॉजिकल कार्रवाई की है। कमीशन के निर्देश पर एक हाई-लेवल जांच कमेटी बनाई गई है। म्युनिसिपल काउंसिल ने पेंडिंग विवादित बर्थ सर्टिफिकेट को कैंसल कर दिया है।
वायरल गर्ल मोनालिसा
मध्य प्रदेश की मोनालिसा भोंसले, जो 2025 महाकुंभ में रुद्राक्ष बेचते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं, अब अपनी शादी और उम्र के कारण विवादों में हैं। जांच में उन्हें नाबालिग (16-17 वर्ष) पाया गया है, जिसके बाद उनके पति फरमान खान पर नाबालिग से शादी करने के आरोप में [पॉक्सो एक्ट (POCSO Act)] के तहत कार्रवाई की जा रही है।
कौन हैं: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर की रहने वाली मोनालिसा, जो प्रयागराज महाकुंभ में रुद्राक्ष बेचते हुए अपनी आंखों के कारण प्रसिद्ध हुई थीं।
शादी और विवाद: उन्होंने 11 मार्च 2026 को केरल में फरमान खान से शादी की। परिजनों ने इसे ‘लव जिहाद’ और अपहरण का मामला बताया।
उम्र का खुलासा: राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच और मेडिकल रिकॉर्ड के अनुसार, मोनालिसा का जन्म 30 दिसंबर 2009 को हुआ था, जिससे वह विवाह के समय नाबालिग थीं।
कानूनी स्थिति: नाबालिग होने के कारण, मोनालिसा की सहमति कानूनी रूप से मान्य नहीं है। उनके पति फरमान पर पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें कड़ी सजा का प्रावधान है।
वर्तमान स्थिति: मोनालिसा ने अपनी मर्जी से शादी करने का दावा किया था और पुलिस से सुरक्षा मांगी थी।
