नई दिल्ली। देश में लगभग 25 मिलियन एक्टिव YouTube चैनल में से सिर्फ 3 मिलियन प्रोफेशनल हैं, और बाकी लाखों में से कई बिना किसी रेगुलेशन या मोनेटाइजेशन के गलत सलाह या कॉपी-पेस्ट कंटेंट फैला रहे हैं। इन्फ्लुएंसर ट्रस्ट रिपोर्ट के अनुसार, देश में हर महीने YouTube के लगभग 500 मिलियन एक्टिव यूजर हैं। यह अब सिर्फ मनोरंजन का जरिया नहीं रहा, बल्कि डॉक्टरों, मैकेनिक, जिम ट्रेनर और यहां तक कि कानूनी सलाहकारों के लिए भी एक प्लेटफॉर्म बन गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अगर इन चैनलों पर दी गई सलाह से किसी को नुकसान होता है, तो इंसाफ़ का रास्ता इतना मुश्किल है कि दोषी आसानी से बच सकते हैं। देश में हर 10 में से सात लोग YouTube की सलाह पर भरोसा करते हैं, और उनमें से 60% बिना क्रॉस-चेक किए उसे मान लेते हैं। YouTube 14 फरवरी 2005 को लॉन्च हुआ था। इसे अक्टूबर 2006 में Google ने खरीद लिया था।
ऐसे मामले जहां YouTubers की गलत सलाह महंगी पड़ी
फरवरी 2026 में, मद्रास हाईकोर्ट ने इस मामले में कहा, “कुछ YouTube चैनल सिर्फ व्यूज और सब्सक्राइबर बढ़ाने के लिए कुछ भी और सब कुछ दिखा रहे हैं। वे समाज के लिए खतरा बन रहे हैं।”
तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले में पढ़े-लिखे एक कपल ने YouTube पर “होम डिलीवरी” वीडियो देखे। लेबर पेन के दौरान, पति ने YouTube वीडियो के इंस्ट्रक्शन फॉलो किए। बहुत ज्यादा ब्लीडिंग से हालत और बिगड़ गई, जिससे महिला की मौत हो गई।
मोहम्मद नसीरुद्दीन अंसारी “Bap of Charts” नाम का एक YouTube चैनल चलाते थे। वह इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल लोगों को स्टॉक मार्केट इन्वेस्टमेंट, खासकर ऑप्शंस ट्रेडिंग पर सलाह देने के लिए करते थे। SEBI की जांच से पता चला कि अंसारी को खुद 2.89 करोड़ रुपए (लगभग $1.72 बिलियन) का नुकसान हुआ था।
SEBI ने अंसारी को इन्वेस्टर्स से गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा किए गए 17.2 करोड़ रुपए (लगभग $1.72 बिलियन) वापस करने का आदेश दिया। हालांकि, इस मामले में YouTube को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया।
2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े अजीत मोहन (Facebook) बनाम दिल्ली असेंबली केस में, सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को सिर्फ “इंटरमीडियरी” नहीं माना जा सकता। उनके एल्गोरिदम तय करते हैं कि कौन सी खबर फैलाई जाएगी, इसलिए दंगों के दौरान उनकी भूमिका की जांच की जा सकती है।
YouTube चैनल्स को टैक्सपेयर के तौर पर रजिस्टर करें
एक्सपर्ट का कहना है कि YouTube चैनलों को टैक्सपेयर के तौर पर रजिस्टर किया जाना चाहिए, तभी उन्हें कंट्रोल किया जा सकता है। YouTube और Facebook जैसी कंपनियों का तर्क है, “हम सिर्फ प्लेटफॉर्म दे रहे हैं; कंटेंट जनता अपलोड करती है।” एक इंटरमीडियरी के तौर पर, उन्हें “सेफ हार्बर” (सेक्शन 79) का प्रोटेक्शन मिलता है, जिसका मतलब है कि YouTube को यूजर्स के गलत वीडियो के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
विशेषज्ञों का तर्क है कि यह गलत है, क्योंकि YouTube बिना किसी रजिस्ट्रेशन के काम करता है। इसे एक मीडिया कंपनी माना जाना चाहिए, बिचौलिया नहीं। कंपनीज एक्ट और इनकम टैक्स एक्ट के अनुसार, इन कंपनियों पर देश के लागू कानून लागू होने चाहिए, जिसमें देश में उनके बिजनेस की मौजूदगी के आधार पर उन पर इनकम टैक्स लगाना भी शामिल है।
YouTube चैनल
YouTube पर वीडियो अपलोड करने और अपनी खुद की पहचान बनाने के लिए एक YouTube चैनल की आवश्यकता होती है। आप इसे अपने कंप्यूटर या मोबाइल डिवाइस के ज़रिए आसानी से बना सकते हैं।
नया YouTube चैनल कैसे बनाएं?
साइन इन करें: सबसे पहले YouTube पर जाएं और अपने Google खाते (Gmail) से साइन इन करें।
प्रोफाइल फोटो पर क्लिक करें: ऊपरी दाएं कोने में अपनी प्रोफाइल फोटो पर टैप करें।
चैनल बनाएं (Create a channel): विकल्पों में से “चैनल बनाएं” पर क्लिक करें।
जानकारी भरें:
नाम: अपने चैनल के लिए एक अच्छा नाम चुनें।
हैंडल: एक यूनीक हैंडल (जैसे @yourname) चुनें जिससे लोग आपको टैग कर सकें।
फोटो: अपने चैनल के लिए एक लोगो या प्रोफ़ाइल फोटो अपलोड करें।
पुष्टि करें: “बनाएं” या “क्रिएट चैनल” पर क्लिक करते ही आपका चैनल तैयार हो जाएगा।
चैनल को मैनेज करने के महत्वपूर्ण टूल्स
YouTube Studio: यह क्रिएटर्स के लिए एक मुख्य केंद्र है, जहां आप वीडियो अपलोड करने, मेटाडेटा जोड़ने और चैनल एनालिटिक्स देखने जैसे काम कर सकते हैं।
YouTube Analytics: इसकी मदद से आप यह जान सकते हैं कि आपके दर्शक कौन हैं और आपके वीडियो कैसा प्रदर्शन कर रहे हैं。
चैनल कस्टमाइज़ेशन: आप अपने चैनल पर बैनर, सोशल मीडिया लिंक और एक विस्तृत विवरण (Description) जोड़कर इसे और अधिक पेशेवर बना सकते हैं।
ध्यान रखने योग्य बातें
ब्रैंड खाता: यदि आप चाहते हैं कि एक से ज़्यादा लोग चैनल को मैनेज करें, तो आप ब्रैंड खाता बना सकते हैं।
कंटेंट के प्रकार: आप 60 सेकंड से कम के Shorts या लंबी अवधि के सामान्य वीडियो अपलोड कर सकते हैं।
