हेल्थ डेस्क। त्वचा कैंसर (Skin Cancer) का जल्द पता लगाना जान बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। हाल के वर्षों में, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने ऐसे ‘जोखिम पैटर्न’ की पहचान करने में महारत हासिल की है, जो इंसानी आंखों के लिए अदृश्य हो सकते हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!AI कैसे जोखिम की पहचान करता है?
AI मुख्य रूप से डीप लर्निंग (Deep Learning) और इमेज रिकग्निशन का उपयोग करता है।
डेटाबेस तुलना: AI लाखों क्लिनिकल छवियों के डेटाबेस से किसी तिल (mole) या निशान की तुलना करता है।
अदृश्य पैटर्न: यह पिक्सेल के स्तर पर रंग, बनावट और किनारों की अनियमितताओं को पकड़ता है।
बदसूरत बत्तख (Ugly Duckling) नियम: AI शरीर के अन्य तिलों की तुलना में किसी एक अलग दिखने वाले निशान की पहचान तेजी से करता है।
शुरुआती संकेतों की पहचान (ABCDE नियम)
AI इन पांच मानकों पर आधारित पैटर्न को स्कैन करता है।
Asymmetry (असममिति): यदि तिल के दो आधे हिस्से आपस में नहीं मिलते।
Border (सीमा): किनारे धुंधले, फटे हुए या अनियमित होना।
Color (रंग): एक ही तिल में कई रंग (काला, भूरा, लाल या नीला) होना।
Diameter (व्यास): तिल का आकार 6mm (पेंसिल इरेजर) से बड़ा होना।
Evolving (विकास): तिल का समय के साथ आकार, रंग या मोटाई में बदलना।
AI के फायदे
सटीकता: कई शोधों में AI ने त्वचा विशेषज्ञों (Dermatologists) के बराबर या उनसे बेहतर सटीकता से ‘मेलेनोमा’ की पहचान की है।
पहुंच: स्मार्टफोन ऐप्स के जरिए दूरदराज के इलाकों में भी शुरुआती जांच संभव हो रही है।
त्वरित परिणाम: बायोप्सी से पहले ही जोखिम का स्तर पता चलने से इलाज जल्दी शुरू हो सकता है।
महत्वपूर्ण सावधानी
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दुनियाभर में कैंसर के मरीज
कैंसर आज पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के हालिया आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर कैंसर के मामलों और इससे होने वाली मौतों में वृद्धि जारी है।
प्रमुख आंकड़े (वैश्विक स्तर)
नए मामले: हर साल दुनिया भर में लगभग 2 करोड़ (20 मिलियन) नए कैंसर के रोगी सामने आते हैं।
मृत्यु दर: वैश्विक स्तर पर कैंसर से हर साल लगभग 1 करोड़ (10 मिलियन) लोगों की मृत्यु हो जाती है।
भविष्य का अनुमान: 2050 तक नए मामलों की संख्या बढ़कर 3.5 करोड़ (35 मिलियन) होने का अंदेशा है।
मृत्यु का कारण: हृदय रोगों के बाद कैंसर दुनिया में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है।
सबसे आम कैंसर के प्रकार
दुनियाभर में होने वाले कुल कैंसर मामलों में से अधिकांश इन प्रमुख प्रकारों से जुड़े हैं।
फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer): 2022 में लगभग 25 लाख नए मामले; यह पुरुषों में सबसे आम है।
स्तन कैंसर (Breast Cancer): महिलाओं में सबसे अधिक निदान किया जाने वाला कैंसर (लगभग 23 लाख मामले)।
कोलोरेक्टल कैंसर (Colorectal Cancer): आंतों का कैंसर तेजी से बढ़ रहा है (करीब 19 लाख मामले)।
प्रोस्टेट कैंसर (Prostate Cancer): पुरुषों में व्यापक रूप से पाया जाने वाला कैंसर।
भारत की स्थिति
भारत कैंसर के मामलों में दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल है:
रैंकिंग: कैंसर के कुल मामलों में भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर है।
मरीजों की संख्या: वर्तमान में भारत में लगभग 14 से 15 लाख कैंसर के मामले मौजूद हैं।
आम प्रकार: भारत में पुरुषों में फेफड़ों और मुंह का कैंसर, जबकि महिलाओं में स्तन और गर्भाशय ग्रीवा (Cervical) का कैंसर सबसे अधिक है।
वृद्धि दर: भारत में कैंसर के मामलों की संख्या वैश्विक औसत से भी अधिक दर से बढ़ने की उम्मीद है।
बढ़ते मामलों के मुख्य कारण
वायु प्रदूषण: धूम्रपान न करने वालों में भी फेफड़ों के कैंसर का एक बड़ा कारण है।
तंबाकू और धूम्रपान: भारत में कैंसर के बढ़ते मामलों का यह सबसे बड़ा कारण है।
बदलती जीवनशैली: खराब आहार, शारीरिक निष्क्रियता और शराब का सेवन।
बढ़ती उम्र: जनसंख्या का वृद्ध होना भी कैंसर के जोखिम को बढ़ाता है।
बचाव और उपचार
जल्दी पहचान: यदि शुरुआती स्टेज (Stage 1 या 2) में पता चल जाए, तो कैंसर का सफल इलाज संभव है।
आधुनिक तकनीक: अब कीमोथेरेपी के अलावा इम्यूनोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी और रूस जैसी नई कैंसर वैक्सीन पर भी शोध हो रहा है।
स्वस्थ आहार: फल, सब्जियां (जैसे ब्रोकली, पत्तागोभी) और नियमित व्यायाम कैंसर के खतरे को 40% तक कम कर सकते हैं।
