डेस्क। गैलप (Gallup) के हालिया सर्वेक्षणों के अनुसार, कार्यस्थल पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग पिछले दो वर्षों में लगभग दोगुना हो गया है। जहां 2023 में केवल 8% अमेरिकी कर्मचारी दैनिक आधार पर AI का उपयोग करते थे, वहीं 2025 तक यह संख्या बढ़कर 40% तक पहुंच गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!गैलप पोल के मुख्य निष्कर्ष
कार्यस्थल पर AI के उपयोग के रुझान
उपयोग में वृद्धि: लगभग 10 में से 3 कर्मचारी अब अपने काम में नियमित रूप से (प्रतिदिन या सप्ताह में कुछ बार) AI का उपयोग करते हैं।
पद के अनुसार अंतर: उच्च-स्तरीय नेतृत्व पदों (Leaders) पर बैठे 44% लोग AI का बार-बार उपयोग करते हैं, जबकि व्यक्तिगत योगदानकर्ताओं (Individual Contributors) में यह दर केवल 23% है।
उद्योगवार प्रभाव: प्रौद्योगिकी (50%), पेशेवर सेवाएं (34%) और वित्त (32%) जैसे क्षेत्रों में AI का सबसे अधिक उपयोग देखा जा रहा है।
उत्पादकता और दक्षता पर प्रभाव
सकारात्मक अनुभव: AI अपनाने वाले 66% कर्मचारियों का कहना है कि इसने उनकी उत्पादकता और कार्यकुशलता पर सकारात्मक प्रभाव डाला है।
समय की बचत: शिक्षकों पर किए गए एक विशेष सर्वे में पाया गया कि AI का नियमित उपयोग करने वाले शिक्षक प्रति सप्ताह लगभग 6 घंटे (पूरे शैक्षणिक वर्ष में 6 सप्ताह के बराबर) बचा रहे हैं।
मुख्य उपयोग: कर्मचारी मुख्य रूप से डेटा को संक्षिप्त करने (42%), नए विचार पैदा करने (41%) और बुनियादी कार्यों को ऑटोमेट करने (34%) के लिए AI का सहारा ले रहे हैं।
चुनौतियां और चिंताएं
नौकरी का डर: लगभग 75% अमेरिकियों का मानना है कि AI भविष्य में नौकरियों की संख्या को कम कर देगा।
शिक्षा में जोखिम: 57% शिक्षकों का मानना है कि AI के उपयोग से छात्रों की स्वतंत्र सोच में कमी आएगी और 52% को लगता है कि इससे उनकी आलोचनात्मक सोच (Critical Thinking) प्रभावित होगी।
भरोसे की कमी: जेनरेशन ज़ेड (Gen Z) के केवल 3% लोग पूरी तरह से AI द्वारा जनरेट किए गए काम पर भरोसा करते हैं, जबकि 69% अभी भी इंसानी काम को प्राथमिकता देते हैं।
प्रमुख सांख्यिकी एक नजर में
श्रेणी विवरण डेटा
नियमित उपयोग प्रतिदिन या साप्ताहिक उपयोग करने वाले कर्मचारी ~30%
उत्पादकता AI को सकारात्मक मानने वाले उपयोगकर्ता 66%
नौकरी का खतरा एआई से नौकरियां कम होने का डर 75%
संस्थागत अपनाना संगठनों द्वारा AI तकनीक अपनाना ~40%
नौकरियों पर प्रभाव को लेकर चिंता
गैलप और अन्य प्रमुख संस्थानों (जैसे IMF और नैकॉम) के डेटा के आधार पर इसको लेकर नया डाटा सामने आया है।
भारतीय कार्यस्थल पर AI के रुझान
भारत वर्तमान में AI अपनाने के मामले में दुनिया के अग्रणी देशों में से एक है।
सबसे तेज़ एडॉप्शन: भारतीय कर्मचारी वैश्विक औसत की तुलना में AI टूल्स (जैसे ChatGPT, Copilot) का उपयोग करने में अधिक सक्रिय हैं।
नैकॉम (NASSCOM) की रिपोर्ट: भारत में AI स्किल्स की मांग दुनिया में सबसे तेज गति से बढ़ रही है।
जेनरेटिव AI का जादू: लगभग 80-90% भारतीय डेवलपर्स अपनी कोडिंग क्षमताओं को बढ़ाने के लिए AI का उपयोग कर रहे हैं।
हाइब्रिड वर्क: भारतीय कंपनियों में AI का उपयोग विशेष रूप से मीटिंग नोट्स बनाने, ईमेल ड्राफ्ट करने और डेटा एनालिसिस के लिए किया जा रहा है।
नौकरी जाने का जोखिम (Job Loss Risks)
AI से नौकरियों पर पड़ने वाले प्रभाव को दो श्रेणियों में बांटा जा सकता है। ‘विस्थापन’ (Replacement) और ‘बढ़ावा’ (Augmentation)।
- सबसे अधिक जोखिम वाले क्षेत्र
डेटा एंट्री और एडमिनिस्ट्रेशन: जो काम दोहराव वाले (Repetitive) हैं, उनके पूरी तरह ऑटोमेट होने का खतरा सबसे अधिक है।
कस्टमर सपोर्ट: बुनियादी चैटबॉट अब जटिल सवालों के जवाब देने में सक्षम हो रहे हैं, जिससे शुरुआती स्तर की कॉल सेंटर नौकरियों पर असर पड़ रहा है।
कंटेंट और ट्रांसलेशन: बुनियादी अनुवाद और सामान्य लेख लिखने वाले पदों पर AI का सीधा प्रभाव दिख रहा है।
- सुरक्षित और नए उभरते क्षेत्र
इंसानी कौशल (Human Skills): नेतृत्व (Leadership), सहानुभूति (Empathy), और रणनीतिक निर्णय लेने वाली भूमिकाएं सुरक्षित मानी जा रही हैं।
AI ऑपरेटर्स: वे लोग जो AI का उपयोग करना जानते हैं, उनकी मांग बढ़ रही है। कहा जा रहा है कि “AI आपकी नौकरी नहीं छीनेगा, बल्कि AI का उपयोग करने वाला व्यक्ति आपकी नौकरी ले लेगा।”
आंकड़े और भविष्यवाणियां
IMF का अनुमान: विकसित अर्थव्यवस्थाओं में लगभग 60% और भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं में 40% नौकरियां AI से प्रभावित हो सकती हैं।
कौशल विकास की आवश्यकता: गैलप पोल के अनुसार, 72% कर्मचारी मानते हैं कि उन्हें अपनी वर्तमान नौकरी बचाने के लिए AI सीखना अनिवार्य होगा।
उत्पादकता बनाम छंटनी: कई कंपनियां छंटनी के बजाय अपने मौजूदा कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए AI का उपयोग कर रही हैं।
आगे की राह: खुद को कैसे बचाएं?
AI के युग में प्रासंगिक बने रहने के लिए ये कदम महत्वपूर्ण हैं:
Upskilling: बुनियादी AI टूल्स (Prompt Engineering) का उपयोग करना सीखें।
Soft Skills: अपनी कम्युनिकेशन और क्रिटिकल थिंकिंग क्षमताओं को मजबूत करें।
Adaptability: नई तकनीकों के साथ तेजी से ढलने की आदत डालें।

AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा, कर्मचारियों की चिंता भी बढ़ी
AI उपयोग में बड़ा उछाल
पहले सिर्फ 8% कर्मचारी रोज़ AI इस्तेमाल करते थे।
अब यह बढ़कर लगभग 13% daily users हो गया है।
कुल मिलाकर
50% कर्मचारी AI का इस्तेमाल कर रहे हैं।
28% हफ्ते में कई बार AI यूज़ करते हैं।
मतलब: AI अब “future tech” नहीं, बल्कि daily work tool बन चुका है।
कंपनियों में AI adoption
करीब 41% कंपनियों ने AI integrate कर लिया है
Managers और leaders सबसे ज़्यादा AI इस्तेमाल कर रहे हैं
Productivity में सुधार दिख रहा है।
लेकिन…
सिर्फ 12% लोगों को लगता है कि AI ने काम करने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है।
कर्मचारियों की बढ़ती चिंताएं
लगभग 18% कर्मचारियों को डर है कि उनकी नौकरी AI से खत्म हो सकती है।
कई लोग कहते हैं
AI से workload बढ़ रहा है (editing, checking)
कंपनियाँ layoffs भी कर रही हैं।
यानी AI = opportunity + uncertainty
Mixed Reality (दोनों तरफ असर)
Positive
65% लोग कहते हैं AI से productivity बढ़ी
काम जल्दी और आसान हो रहा है।
Negative
Stress और job insecurity बढ़ रही है।
कई employees AI पर पूरी तरह भरोसा नहीं करते।
दिलचस्प Insight
आधे लोग AI इस्तेमाल कर रहे हैं।
लेकिन आधे लोग अभी भी hesitant हैं।
कारण
Privacy concerns
Trust issues
“काम का सही फायदा नहीं”
निष्कर्ष
AI adoption तेज़ी से बढ़ रहा है।
लेकिन employees पूरी तरह comfortable नहीं हैं।
Future trend
“AI के साथ काम करना” skill बन जाएगा।
लेकिन job security और trust सबसे बड़े सवाल रहेंगे।
