वॉशिंगटन। एक हालिया एपी-एनओआरसी पोल (सर्वे) के अनुसार, लगभग 65 फीसदी अमेरिकी वयस्क ईरान के मुद्दे से निपटने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तरीके से नाखुश हैं। ट्रंप प्रशासन द्वारा ईरान के साथ हालिया समझौते का प्रस्ताव रखने के बावजूद अधिकांश अमेरिकी नागरिकों ने इस दिशा में उनके फैसलों पर असहमति जताई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!केवल 34 फीसदी अमेरिकी ही ईरान के मुद्दे पर ट्रंप के दृष्टिकोण का समर्थन करते हैं। वहीं डेमोक्रेट्स और निर्दलीय मतदाताओं का भारी बहुमत ट्रंप की नीतियों के खिलाफ है। इसके अलावा, ट्रंप की खुद की पार्टी (रिपब्लिकन) के लगभग 28 फीसदी समर्थक भी उनके फैसलों से नाखुश हैं। ईरान के साथ संघर्ष (जो फरवरी के अंत में शुरू हुआ था) और उसके कारण ऊर्जा संकट/पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने जनता के बीच इस मुद्दे को बेहद अलोकप्रिय बना दिया है।
दरअसल, अमेरिकी नागरिक ईरान के साथ बढ़ते तनाव और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति से संतुष्ट नहीं हैं। अमेरिकी जनमत सर्वेक्षणों में अधिकांश जनता ने युद्ध की स्थिति को टालने और कूटनीतिक रास्तों को अपनाने का समर्थन किया था। सर्वे के परिणामों के अनुसार, अधिकांश अमेरिकी नागरिक ईरान के साथ किसी भी सीधे सैन्य टकराव या पूर्ण युद्ध के खिलाफ थे। असंतोष का सबसे बड़ा कारण ट्रंप प्रशासन के फैसलों (जैसे परमाणु समझौते से बाहर निकलना) ने स्थिति को और अधिक खतरनाक बना दिया।
कूटनीति को प्राथमिकता
सर्वे में शामिल ज्यादातर लोगों ने बातचीत और आर्थिक प्रतिबंधों को सैन्य हमलों से बेहतर विकल्प माना। ट्रंप ने 2018 में ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका को बाहर कर लिया था। अमेरिका ने ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए, जिससे दोनों देशों में तनाव चरम पर पहुंच गया। खाड़ी क्षेत्र में तेल टैंकरों पर हमले और अमेरिकी ड्रोन को गिराए जाने के बाद युद्ध का खतरा बढ़ गया था।
