भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही अब ऑनलाइन होगी। नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) के तहत दिल्ली में संसदीय कार्य मंत्रालय के विशेषज्ञों ने मंगलवार को विधानसभा के मानसरोवर ऑडिटोरियम में विधायकों को ट्रेनिंग दी। ट्रेनिंग में सिर्फ 74 MLA ही शामिल हुए। हालांकि, इसमें से ज्यादातर विपक्षी विधायकों ने सवाल—जवाब किए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ट्रेनिंग के दौरान विधायकों ने सवाल भी पूछे। मसलन, क्या हम बाहर अटेंडेंस लगाते हैं? अगर हम लॉग इन नहीं करेंगे, तो क्या अटेंडेंस नहीं लगेगी? जवाब में विशेषज्ञों ने कहा, आपकी अटेंडेंस ऑनलाइन लगेगी। आपकी अटेंडेंस आपके नेवा के ई-बुक सेक्शन में दिखेगी।
एक अन्य विधायक ने पूछा, ई-बुक्स में ऑडियो बुक्स का इंतजाम करें, ताकि हमारी नजर भी रहे। कई सवाल ऐसे होते हैं, जिनमें दो या तीन विभाग शामिल होते हैं, तो क्या जवाब देने वाले विभाग की जानकारी दिखेगी? जवाब में विशेषज्ञों ने कहा, अगर जिस विभाग से सवाल भेजा गया था, उसे पता चलता है कि यह दूसरे विभाग से जुड़ा है, तो उन विभाग से जवाब लेने का ऑप्शन है। यह संबंधित मंत्री और विभाग की जिम्मेदारी है कि वे तय करें कि जवाब कैसे देना है।
एक अन्य विधायक ने पूछा, आपने “वन नेशन, वन एप्लीकेशन” के बारे में लिखा। कृपया इसका मतलब समझाएं। जवाब में बताया गया कि यह एप्लीकेशन देश की सभी 37 विधानसभाओं के लिए बनाया गया है। आप देश की सभी विधानसभाओं की पूरी कार्यवाही देख सकते हैं। आप एक ही पोर्टल पर एक क्लिक पर सारी डिटेल्स देख सकते हैं।

ये सवाल भी पूछे गए
यह सिस्टम लागू होने के बाद क्या जवाब देने का प्रोसेस ऑफलाइन होगा या सिर्फ ऑनलाइन? जवाब: दोनों तरह से जवाब देने का प्रोविजन होगा।
उत्तर प्रदेश समेत कई विधानसभाओं की कार्यवाही लाइव होती है। क्या हमारी कार्यवाही भी लाइव होगी? जवाब: लाइव स्ट्रीमिंग का ऑप्शन है।
कभी-कभी जब सदस्य बोलते हैं, तो कुछ को पांच मिनट बोलने के बाद बैठा दिया जाता है, जबकि कुछ 15-20 मिनट तक बोलते रहते हैं। क्या स्पीकिंग टाइमर सभी को दिखेगा?
जवाब: सुझाव अच्छा है। हम प्रशासनिक फैसले के अनुसार, पोर्टल में मिलने वाले निर्देशों को जोड़ देंगे।

यह प्रेजेंटेशन अधूरा है। ऐसा लगता है जैसे कोई खाली किताब रखी हो। जवाब: हमारा NeVA प्रोजेक्ट सॉफ्टवेयर पूरे देश के लिए एक जैसा है। जैसे ही जानकारी अपलोड होगी, वह दिखेगी। यह हमारी असेंबली में लाइव नहीं हुआ है। जैसे ही यह लाइव होगा, सभी एक्शन दिखेंगे। पुरानी जानकारी अपलोड हो जाएगी।
जब हम कोई सवाल पूछते हैं, तो क्या हमें जवाब मिलता है कि जानकारी इकट्ठा की जा रही है? जानकारी इकट्ठा करने पर हमें कितनी बार जवाब मिलते हैं? जवाब: ऐसे सवाल जिनका जवाब मिला कि जानकारी इकट्ठा की जा रही है। अगर सेशन स्थगित होता है और बाद में जानकारी मिलती है, तो उसे अगले सेशन के पहले दिन अपलोड किया जाएगा। क्वेश्चन रेफरेंस कमेटी ऐसे सवालों पर जानकारी इकट्ठा करती है।
हाउस के नियमों और प्रोसीजर से हटकर इससे हमें क्या खास फायदे होंगे। MLA की लिखी चिट्ठियों पर कब और क्या एक्शन लिया गया। यह जानकारी भी मिलनी चाहिए।
सवाल पूछने और उनके जवाब देने के अलावा वोटिंग के दौरान वोटिंग का पूरा प्रोसेस भी सिखाया गया। डिजिटल जमाने में पेपरलेस काम होना चाहिए। देश भर की 37 विधानसभाएं इस दिशा में आगे बढ़ रही हैं। मध्य प्रदेश विधानसभा भी डिजिटल हो रही है।
