नई दिल्ली। दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहे ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ के चौथे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने AI के सुरक्षित इस्तेमाल के लिए एक नया फॉर्मूला पेश किया। PM ने कहा कि जैसे खाने के पैकेट पर ‘न्यूट्रिशन लेबल’ होता है, वैसे ही डिजिटल कंटेंट में फर्क करने के लिए उस पर ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ होना चाहिए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस बीच, रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने भारत को ‘इंटेलिजेंस एज’ में ले जाने के लिए 10 लाख करोड़ के बड़े इन्वेस्टमेंट का ऐलान किया। नरेंद्र मोदी और मुकेश अंबानी के अलावा, गूगल के CEO सुंदर पिचाई और ओपन AI के सैम ऑल्टमैन जैसे नेताओं ने आज समिट को संबोधित किया।
16 फरवरी से शुरू हुआ यह समिट 20 फरवरी तक चलेगा। समिट में 110 से ज़्यादा देश, 20 से ज़्यादा देशों के राष्ट्राध्यक्ष और लगभग 100 CEO और फाउंडर शामिल हुए।
प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की 5 खास बातें
AI डर का कारण नहीं, बल्कि एक “किस्मत” और भविष्य
PM ने साफ किया कि जहां दुनिया भर के कई देश AI से डरते हैं, वहीं भारत इसे अपनी “किस्मत” और एक अच्छा भविष्य मानता है। भारत इसे अपनी विकास यात्रा में अगला बड़ा मोड़ मानता है।
M.A.N.A.V (ह्यूमन) विज़न का प्रस्ताव
मोदी ने AI के लिए एक नया ग्लोबल फ्रेमवर्क प्रस्तावित किया। उन्होंने कहा कि AI नैतिक, जवाबदेह, राष्ट्रीय संप्रभुता वाला, सुलभ और मान्य होना चाहिए, ताकि यह सिर्फ़ एक डेटा पॉइंट न होकर मानवता की भलाई का एक ज़रिया बन जाए।
कंटेंट पर ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ की जरूरत
PM ने सुझाव दिया कि डिजिटल कंटेंट पर साफ लेबल होने चाहिए, जैसे खाने की चीज़ों पर न्यूट्रिशन लेबल होते हैं। इससे लोगों को असली और बनावटी AI में फ़र्क करने में मदद मिलेगी।
AI को ‘ओपन सोर्स’ बनाएं
भारत ने AI कोड को खुले तौर पर शेयर करने की अपील की, जो ग्लोबल “कॉन्फिडेंशियल” तरीके से अलग है। PM का मानना है कि जब टेक्नोलॉजी सबके लिए खुली होगी, तभी दुनिया भर के युवा इसे बेहतर और सुरक्षित बना पाएंगे।
ह्यूमन-सेंट्रिक तरीका और नौकरियां
PM ने कहा कि AI नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि नए मौके बनाएगा। उन्होंने कहा कि हम ऐसे दौर में हैं, जहां इंसान और मशीनें मिलकर कुछ बनाएंगे। उन्होंने स्किलिंग और रीस्किलिंग को “मास मूवमेंट” बनाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
अंबानी ने कहा, “AI डेटा जितना सस्ता होगा
रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि जैसे Jio ने देश में डेटा को सस्ता बनाया, वैसे ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी आम भारतीय को सस्ती दरों पर मिलेगा। Jio और Reliance Industries अगले सात सालों में इस दिशा में 10 लाख करोड़ इन्वेस्ट करेंगे।
AI से पैदा हो रही चिंताओं के बारे में अंबानी ने कहा, “AI वह मंत्र है जो हर डिवाइस को तेज, बेहतर और स्मार्ट तरीके से काम करने में मदद करता है। मैं AI को एक मॉडर्न अक्षय पात्र की तरह देखता हूं, जो कभी न खत्म होने वाला पोषण दे सकता है। AI नौकरियां नहीं छीनेगा; बल्कि, यह हाई-स्किल्ड काम के लिए नए मौके पैदा करेगा।”
ग्रुप फोटो में OpenAI और Anthropic ने हाथ नहीं पकड़े थे
AI कंपनियों OpenAI और Anthropic के बीच कॉम्पिटिशन एक बार फिर खबरों में है। आज इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान एक ग्रुप फोटो ली जा रही थी। इवेंट के दौरान OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन और Anthropic के को-फाउंडर डारियो अमोदेई ने हाथ नहीं पकड़े थे।
टाटा ग्रुप भारत का पहला ‘नेक्स्ट-जेनरेशन’ डेटा सेंटर बनाएगा
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा ग्रुप भारत का पहला बड़े पैमाने पर ‘AI-ऑप्टिमाइज़्ड’ डेटा सेंटर बना रहा है, जिसे खास तौर पर नेक्स्ट-जेनरेशन AI ट्रेनिंग और इंफरेंस के लिए डिज़ाइन किया गया है। उन्होंने कहा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमने OpenAI के साथ पार्टनरशिप की है ताकि इसकी पहली 100 मेगावाट कैपेसिटी बनाई जा सके, जिसे भविष्य में एक गीगावाट तक बढ़ाया जाएगा।”
पिचाई बोले—”AI अरबों लोगों की जिंदगी बदल देगा।”
Google भारत में अपने $15 बिलियन (Rs 1.35 लाख करोड़) के इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट के हिस्से के तौर पर एक ‘फुल स्टैक AI हब’ बना रहा है। इस हब में गीगावाट-स्केल कंप्यूटिंग और एक नया इंटरनेशनल सबसी केबल गेटवे होगा।
हमें AI को सभी के लिए उपयोगी बनाने के लिए बड़े कदम उठाने होंगे, क्योंकि यह अरबों लोगों की जिंदगी को बेहतर बना सकता है और सबसे मुश्किल समस्याओं को हल कर सकता है। हमें उन क्षेत्रों में समस्याओं को हल करने के लिए भी उतनी ही हिम्मत दिखानी होगी जहाँ टेक्नोलॉजी अभी तक नहीं पहुँची है।
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026
एक ऐतिहासिक वैश्विक आयोजन है, जो भारत की अध्यक्षता में 16 से 20 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित हो रहा है। यह ‘ग्लोबल साउथ’ (Global South) में आयोजित होने वाला अपनी तरह का पहला सबसे बड़ा AI शिखर सम्मेलन है।
प्रमुख जानकारी और हाइलाइट्स
उद्घाटन और स्थान: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में इसका औपचारिक उद्घाटन किया।
विजन ‘मानव’ (MANAV): पीएम मोदी ने एआई के नैतिक और जिम्मेदार विकास के लिए ‘MANAV’ विजन का अनावरण किया, जो डेटा अधिकारों की रक्षा और मानव कल्याण पर केंद्रित है।
थीम: इस शिखर सम्मेलन का मुख्य मंत्र “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” (सभी का कल्याण, सभी की खुशी) है।
निवेश की घोषणा: रिलायंस के मुकेश अंबानी ने अगले 7 वर्षों में AI और डिजिटल बुनियादी ढांचे में ₹10 लाख करोड़ के निवेश की बड़ी घोषणा की है।
वैश्विक भागीदारी: इसमें 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, 20 से अधिक शासनाध्यक्ष और 500 से अधिक वैश्विक AI लीडर्स (जैसे सैम ऑल्टमैन और सुंदर पिचाई) शामिल हो रहे हैं।
प्रमुख क्षेत्र: सम्मेलन में स्वास्थ्य सेवा, कृषि, आपदा प्रबंधन (जैसे AI for Oceans) और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में AI के प्रभाव पर चर्चा की जा रही है।
विशेष पहल:
AI इम्पैक्ट एक्सपो: 16-20 फरवरी तक चलने वाले इस एक्सपो में 300+ प्रदर्शक अपने नवाचारों का प्रदर्शन कर रहे हैं।
वैश्विक चुनौतियां: शिखर सम्मेलन के हिस्से के रूप में ‘AI for ALL’, ‘AI by HER’ और ‘YUVAi’ जैसी वैश्विक चुनौतियों के माध्यम से स्टार्टअप्स और युवाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है
