5 साल में इंसानों से ज्यादा स्मार्ट होगा एआई
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!वॉशिंगटन। दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का डेवेलपमेंट जिस तेजी से हो रहा है, उसने अब एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आने वाले समय में इंसान एआई को कंट्रोल कर पाएगा? टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने एआई को लेकर एक बार फिर गंभीर चेतावनी दी है। उनका मानना है कि अगले करीब पांच साल में एआई की इंटेलिजेंस पूरी मानव जाति की कंबाइन्ड इंटेलिजेंस से भी आगे निकल सकती है।
मस्क ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर एआई इंसानों से कहीं ज्यादा बुद्धिमान हो गया, तो अगले 10 वर्षों में उसे कंट्रोल करना बेहद मुश्किल हो सकता है। हालांकि, मस्क एआई के भविष्य को केवल खतरे के तौर पर नहीं देखते। उनका मानना है कि अगर एआई का विकास सही दिशा में हुआ, तो यह मानव इतिहास में समृद्धि और विकास का दौर ला सकता है। एआई के कारण प्रोडक्टिविटी बढ़ सकती है, कई मुश्किल दिक्कतों का सॉल्यूशन तेजी से हो सकता है और इंसानों की जिंदगी पहले से कहीं ज्यादा आसान हो सकती है, लेकिन इसके साथ ही वह मानते हैं कि एआई की बढ़ती क्षमताओं के साथ सुरक्षा को लेकर तैयारी करना भी जरूरी है।
एआई कंपनियों को मिलकर काम करने की जरूरत
मस्क का कहना है कि एआई के संभावित खतरों से निपटने के लिए दुनिया की बड़ी एआई कंपनियों को आपसी कॉम्पिटीशन से ऊपर उठकर सुरक्षा के मामले पर सहयोग करना चाहिए। उनके मुताबिक, एआई डिवेलप करने वाली कंपनियों को नियमित तौर पर एक-दूसरे के साथ बैठकर एआई सेफ्टी और इससे जुड़े संभावित जोखिमों पर चर्चा करनी चाहिए। उनका सुझाव है कि ऐसी बैठकें हर सप्ताह या कम से कम हर दो सप्ताह में होनी चाहिए। इस तरह कंपनियां एक-दूसरे के अनुभवों और सुरक्षा उपायों से सीख सकती हैं और एआई मॉडल के विकास के दौरान सामने आने वाले खतरों को समय रहते पहचाना जा सकता है।
लॉन्च से पहले हो एआई मॉडल की सुरक्षा जांच
मस्क ने एआई मॉडल की सुरक्षा को लेकर पीयर रिव्यू का विचार भी सामने रखा है। उनका मानना है कि लेटेस्ट फ्रंटियर एआई मॉडल को पब्लिकली लॉन्च करने से पहले प्रतिस्पर्धी एआई कंपनियों के एक्सपर्ट्स से उनकी समीक्षा कराई जा सकती है। इस प्रोसेस का मकसद किसी कंपनी की तकनीक को रोकना नहीं, बल्कि यह पता लगाना होगा कि नए एआई मॉडल में कोई ऐसा जोखिम तो नहीं है, जिसे डिवेलप करने वाली कंपनी खुद पहचान ना पाई हो। अलग-अलग कंपनियों के एक्सपर्ट्स के एनालिसिस और रिव्यू से संभावित खतरों को पहले ही सामने लाया जा सकता है।
