जम्मू। अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने श्रीनगर पहुंचे। कश्मीर पहुंचने के बाद सर्जियो गोर ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, जम्मू-कश्मीर भारत का एक बेहद अहम हिस्सा है। भारत की लंबे समय से चली आ रही स्थिति पर अमेरिकी दूत का यह बयान काफी मजबूत समर्थन माना जा रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!आर्टिकल 370 हटने और हालिया सुरक्षा घटनाओं के बाद किसी अमेरिकी राजदूत का यह पहला कश्मीर दौरा है। श्रीनगर में गोर ने जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। एक्स पर सर्जियो गोर ने बताया कि इस बैठक का मुख्य केंद्र कश्मीर के विकास से जुड़े मुद्दे और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आपसी साझेदारी को और मजबूत करने के नए अवसरों पर भी चर्चा की गई है।
श्रीनगर में सीएम अब्दुल्ला से मुलाकात के बाद गोर ने कहा, यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। यह भारत का एक अहम हिस्सा है। मैं यहां पहली बार आया हूं। यह जगह बहुत खूबसूरत है। मैं यहां आकर और इस जगह को देखकर बहुत उत्साहित हूं। उन्होंने कहा कि हमारी बहुत अच्छी मुलाकात हुई। कुछ आगे की बातें भी हैं, जिन्हें हम वॉशिंगटन और दिल्ली ले जाएंगे, लेकिन यह मुलाकात बहुत गर्मजोशी भरी और दोस्ताना रही, और हम इस रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं।
अमेरिकी राजदूत का यह दौरा कूटनीतिक रूप से बेहद खास माना जा रहा है। पिछले 15 से अधिक सालों में यह पहला मौका है जब किसी सेवारत अमेरिकी राजदूत और जम्मू-कश्मीर के किसी मुख्यमंत्री के बीच सीधी बैठक हुई है, इससे पहले साल 2011 में तत्कालीन अमेरिकी दूत टिमोथी रोएमर ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की थी। साल 2018 के बाद यह किसी अमेरिकी राजदूत का पहला स्वतंत्र कश्मीर दौरा है, इस यात्रा के बाद अमेरिकी दूत के लद्दाख जाने का भी कार्यक्रम तय किया गया है।
वाशिंगटन हमारी समस्याएं हल नहीं करेगा
एक तरफ जहां इस अमेरिकी दौरे को लेकर कूटनीतिक हलकों में काफी चर्चा हो रही है, वहीं मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने इस पर बहुत अधिक प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है। मीडिया से बातचीत करते हुए उमर अब्दुल्ला ने दो टूक शब्दों में कहा कि वाशिंगटन उनकी समस्याओं को हल नहीं करने वाला है, बल्कि केंद्र सरकार ही उनका समाधान करेगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि वे अमेरिकी दूत के सामने किसी भी तरह की शिकायतें लेकर नहीं जाने वाले हैं। उनका मानना है कि स्थानीय मुद्दों का समाधान देश के अंदर से ही निकलेगा। यह पूरा दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार गहरी हो रही है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और सुरक्षा के मुद्दों पर दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
मुलाकात के बाद अब्दुल्ला ने एक्स पर पोस्ट शेयर की। उन्होंने लिखा श्रीनगर में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का स्वागत करना उनके लिए बेहद सुखद रहा। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान जम्मू-कश्मीर और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच विशेष रूप से पर्यटन, बागवानी और नई अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में आपसी जुड़ाव को और अधिक बढ़ाने और गहरा करने की संभावनाओं पर बहुत अच्छी चर्चा हुई। उन्होंने इस जुड़ाव को निरंतर जारी रखने और बातचीत को आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई।
