भोपाल। राजधानी में रविवार को दुनिया के सबसे लंबे सैंडविच का रिकॉर्ड तोड़ने वाला इवेंट हुआ। इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (IHM) भोपाल ने 269.9 फीट लंबा और लगभग 8 इंच चौड़ा सैंडविच तैयार किया। यह सैंडविच सिर्फ 7 मिनट 26 सेकंड में बन गया। पूरा इवेंट लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स टीम की मौजूदगी में हुआ और रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। दो से ढाई महीने में फाइनल अप्रूवल मिलने की उम्मीद है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दरअसल, सैंडविच का जिक्र तो स्वाभाविक है, लेकिन जब बात दुनिया के सबसे लंबे सैंडविच की हो तो उत्सुकता और भी बढ़ जाती है। रविवार, 14 दिसंबर को भोपाल में लोगों ने 269.9 फीट लंबा और लगभग 8 इंच चौड़ा सैंडविच बनते देखा, जो अपने आप में एक अनोखा नजारा था।
IHM भोपाल के प्रिंसिपल डॉ. रोहित सरीन के मुताबिक, यह एक्सपेरिमेंट न सिर्फ शहर के लिए बल्कि देश के लिए भी अहम है। सैंडविच बनाने के लिए 300 फीट लंबी टेबल लगाई गई थी। 24 इंच लंबी ब्रेड लोफ को खास तौर पर बनाए गए एडिबल ग्लू से जोड़ा गया, जिससे 269.9 फीट लंबा एक जैसा ब्रेड का टुकड़ा बना।
क्वालिटी बनाए रखना बड़ी चुनौती
इतने बड़े सैंडविच का टेस्ट और क्वालिटी बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती थी। तीन तरह के लेट्यूस, शिमला मिर्च, तीन तरह की शिमला मिर्च, ऑलिव, जलेपीनो और लगभग 5 से 6 तरह के स्प्रेड इस्तेमाल किए गए। ऑर्गनाइजर का दावा है कि यह एक अनोखा और खास वर्ल्ड रिकॉर्ड है। तीन तरह के लेट्यूस, शिमला मिर्च, तीन तरह की शिमला मिर्च, ऑलिव, जलेपीनो और लगभग 5 से 6 तरह के स्प्रेड इस्तेमाल किए गए। मकसद रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि स्टूडेंट्स में कॉन्फिडेंस जगाना था
डॉ. सरीन का कहना है कि इस पहल का मकसद सिर्फ रिकॉर्ड बनाना नहीं था, बल्कि स्टूडेंट्स और फैकल्टी में यह कॉन्फिडेंस जगाना था कि वे नामुमकिन लगने वाले काम भी कर सकते हैं। यह “फील-गुड फैक्टर” स्टूडेंट्स की क्रिएटिव स्किल्स को नई दिशा देगा और टीमवर्क की भावना को मजबूत करेगा।
कुकिंग कोई प्रोफेशन नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम
IHM भोपाल के प्रिंसिपल डॉ. रोहित सरीन ने कहा कि कुकिंग सिर्फ एक प्रोफेशन नहीं, बल्कि सेवा का एक माध्यम है। हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में मेहमानों को भगवान माना जाता है, और उनकी सेवा करने का मौका मिलना सबसे बड़ी बात है। स्टूडेंट्स में यह भावना जगाने के लिए ऐसे इवेंट्स आयोजित किए जाते हैं।
डॉ. सरीन खुद IHM के एल्युम्नस हैं। उन्होंने 1994 में वहीं से अपनी पढ़ाई पूरी की और अब उसी इंस्टीट्यूशन के प्रिंसिपल के तौर पर काम कर रहे हैं। उनका मानना है कि स्टूडेंट्स को उनके कॉलेज के इतिहास और उपलब्धियों से जोड़ना बहुत ज़रूरी है। इससे पहले, IHM भोपाल ने 100 फीट और 223 फीट लंबे सैंडविच बनाकर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगह बनाई है।
डॉ. सरीन ने बताया कि सबसे बड़ा चैलेंज इतने लंबे सैंडविच के हर हिस्से में एक जैसा टेस्ट बनाए रखना था। सब्जियों को एक जैसे साइज में काटा गया था और एक ही रेसिपी और इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल किया गया था। सैंडविच में चार से पांच अलग-अलग सॉस, कई तरह के सलाद, पर्पल पत्तागोभी, तीन तरह की शिमला मिर्च, प्याज, ऑलिव और जलापेनो शामिल थे।
दो महीने की तैयारी, टीमवर्क के बिना नामुमकिन
इस एक्सपेरिमेंट ने न सिर्फ स्टूडेंट्स को प्रोफेशनल लेवल पर काम करने का एक्सपीरियंस दिया बल्कि उनका कॉन्फिडेंस भी बढ़ाया। डॉ. सरीन के मुताबिक, ऐसा एक्सपेरिमेंट टीमवर्क के बिना मुमकिन नहीं होता। इस रिकॉर्ड की तैयारी पिछले दो महीने से चल रही थी।
लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का इंतजार
लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स टीम ने पूरे इवेंट को मैनेज किया और पूरे प्रोसेस को फिल्माया भी। प्रिंसिपल सरीन के मुताबिक, रिकॉर्ड रजिस्टर हो गया है। फाइनल अप्रूवल में लगभग दो से ढाई महीने लगने की उम्मीद है। सैंडविच की कुल लंबाई 269.9 फीट थी, और इसे 7 मिनट और 26 सेकंड में तैयार किया गया था।
स्टूडेंट्स को छह टीमों में बांटा गया
इस मेगा सैंडविच को तैयार करने के लिए स्टूडेंट्स को छह टीमों में बांटा गया था। हर टीम को लगभग 40 फीट लंबा एक सेक्शन दिया गया था।
गौरतलब है कि डॉ. रोहित सरीन पहले भी कई रिकॉर्ड बना चुके हैं। 2016 में, उन्होंने 100 फीट लंबा सैंडविच बनाया था और 2017 में, उन्होंने जालंधर में सिर्फ पांच मिनट में 228 ऑमलेट तैयार करने का रिकॉर्ड बनाया था।
