भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के PM प्रगति पोर्टल की तर्ज पर CM प्रगति पोर्टल लॉन्च करेगी। यादव ने बुधवार को राजधानी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बयान दिया। इस दौरान चीफ सेक्रेटरी अनुराग जैन ने एक प्रेजेंटेशन दिया। सीएस जैन ने कहा कि राज्य का प्रगति पोर्टल तैयार है, जिसके जरिए यादव प्रोजेक्ट्स की प्रोग्रेस का रिव्यू करेंगे। उन्होंने कहा कि पोर्टल के जरिए 50 करोड़ से 500 करोड़ रुपए तक के प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप में MP के 209 प्रोजेक्ट्स हैं, और इन प्रोजेक्ट्स में 322 मुद्दे उठाए गए हैं और 312 को हल किया गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रगति पोर्टल के जरिए प्रधानमंत्री के सामने 39 प्रोजेक्ट्स रखे गए हैं। प्रोजेक्ट्स से जुड़े 124 मुद्दे सामने आए, और उनमें से 120 का हल निकाल लिया गया। लगभग 2.61 लाख करोड़ रुपए के 108 प्रोजेक्ट्स पूरे हो गए, और उन्होंने काम करना शुरू कर दिया। दूसरी ओर, 521 लाख करोड़ रुपये के 101 प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।
कांग्रेस के CM ने कहा था, उन्हें NDA सरकार से ज्यादा मदद मिली: यादव
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी एक बार उनसे PMO में मिले थे। यादव के मुताबिक, रेड्डी ने उन्हें बताया कि उन्हें NDA सरकार से ज़्यादा मदद मिली है। आंध्र प्रदेश को अलग राज्य बनाने के बाद, अमरावती को उसकी राजधानी बनाया जा रहा है। यादव के मुताबिक, रेड्डी ने उन्हें यह भी बताया कि केंद्र सरकार की मदद से 30,000 एकड़ में एक नया शहर बसाया जा रहा है। यादव ने कहा कि तमिलनाडु, केरल और झारखंड जैसे राज्यों को केंद्र सरकार से पूरी मदद मिल रही है।
हेल्थ सर्विस देखने नागपुर गए
सीएम यादव ने कहा है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए नागपुर जाते हैं। उन्होंने कहा कि वह नागपुर में हेल्थ सर्विस देखने वहां गए थे। यादव ने कहा कि छिंदवाड़ा में ज़हरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत के लिए जो लोग जिम्मेदार थे, उन्हें जेल भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में दवा के सैंपल की जांच हो सके, इसके लिए इंतज़ाम किए जा रहे हैं।
जन कल्याण योजनाओं में भ्रष्टाचार पर रोक लगाएं: CM
सीएम यादव ने कहा कि “संकल्प से समाधान” के तहत काम ट्रांसपेरेंट और टाइम-बाउंड तरीके से किए जाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी लेवल पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वह बुधवार को CM हाउस के समानता भवन में “संकल्प से समाधान” कैंपेन का रिव्यू कर रहे थे।
यादव ने कहा कि भ्रष्टाचार ज़्यादातर रेवेन्यू से जुड़े मामलों, जैसे लैंड म्यूटेशन और इसी तरह के मामलों में होता है। उन्होंने कमिश्नरों से ऐसी चीजें न हों, यह पक्का करने की ज़िम्मेदारी लेने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से पब्लिक वेलफेयर स्कीमों में करप्शन रोकने और कैंपेन के तहत स्कीमों की पब्लिसिटी पर ज़ोर देने को भी कहा। उन्होंने असरदार तरीके से लागू करने और मॉनिटरिंग करने को कहा। उन्होंने कहा, “कैंपेन के तहत हेल्थ चेक-अप, सफाई और शिक्षा पर आधारित एक्टिविटीज़ की जानी चाहिए।”
क्या है पीएम प्रगति पोर्टल
(प्रगति – Pro-Active Governance and Timely Implementation) पोर्टल भारत सरकार का एक बहुउद्देशीय और इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 25 मार्च 2015 को लॉन्च किया गया यह पोर्टल मुख्य रूप से सार्वजनिक शिकायतों के निवारण और महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रमों व परियोजनाओं की निगरानी के लिए उपयोग किया जाता है।
मुख्य विशेषताएं
- तीन-स्तरीय प्रणाली: इस प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री सीधे केंद्र सरकार के सचिवों और राज्यों के मुख्य सचिवों से संवाद करते हैं।
2. टेक्नोलॉजी का संगम: इसमें डिजिटल डेटा मैनेजमेंट, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और जियो-स्पेशियल (Geo-spatial) तकनीक का एक साथ उपयोग किया जाता है।
3. प्रगति दिवस (PRAGATI Day): समीक्षा बैठकें आम तौर पर महीने के चौथे बुधवार को आयोजित की जाती हैं।
4. 50वीं बैठक: जनवरी 2026 में प्रगति की 50वीं बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जो शासन में इसके एक दशक के निरंतर प्रभाव को दर्शाती है।
5. उपलब्धियां: इस पोर्टल के माध्यम से अब तक लगभग 17.05 लाख करोड़ की परियोजनाओं की निगरानी और तेजी से कार्यान्वयन सुनिश्चित किया गया है।
हालिया विकास
- राज्यों में विस्तार: प्रधानमंत्री के प्रगति पोर्टल की तर्ज पर अब राज्य भी अपने स्तर पर ऐसे पोर्टल विकसित कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, मध्य प्रदेश सरकार ने जनवरी 2026 में राज्य की बड़ी परियोजनाओं की सीधी मॉनिटरिंग के लिए “सीएम प्रगति पोर्टल” शुरू करने की घोषणा की है।
2. एकीकरण: यह पोर्टल अब पीएम गतिशक्ति, परिवेश (PARIVESH) और परियोजना निगरानी समूह (PMG) जैसे अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ एकीकृत है, जिससे परियोजनाओं को पर्यावरणीय मंजूरी और लॉजिस्टिक्स योजना में और तेजी आई है।
