सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले में जिला खनिज अधिकारी ने एक कोयला व्यापारी पर गैर-कानूनी स्टोरेज के लिए 20 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। खनिज विभाग ने व्यापारी शुभम पांडे को गैर-कानूनी तरीके से कोयला स्टोर करने के लिए नोटिस जारी किया था। पांडे ने पैसे जमा कर दिए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मामला रामपुर बाघेलान तहसील के रुहिया गांव का है, जहां गैर-कानूनी तरीके से कोयला स्टोर किया गया था। नायब तहसीलदार बीरेंद्र सिंह को इसकी जानकारी मिली और उन्होंने 12 नवंबर को बेला थाने की टीम के साथ उस जगह पर छापा मारा।
छापेमारी के दौरान टीम को 800 टन कोयला और एक पोकलेन मशीन मिली। टीम के सदस्यों ने मशीन को जब्त कर लिया और उस जगह को सील कर दिया जहां कोयला स्टोर किया गया था। जब जिला खनिज अधिकारी को इस घटना के बारे में पता चला, तो अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी।
जांच टीम ने कोयले की क्वालिटी जांचने के लिए उसके सैंपल लिए और उसे टेस्टिंग के लिए जबलपुर की लैब में भेज दिया। सूत्रों ने बताया कि इसके बाद खनिज विभाग ने ने स्टॉक को वेरिफाई किया और पाया कि 800 टन कोयला स्टॉक किया गया था। खनिज विभाग ने स्टॉक के आधार पर ट्रेडर पर जुर्माना लगाया।

मप्र में खनिज विभाग की कार्रवाई
मध्य प्रदेश (मप्र) में खनिज विभाग द्वारा 2026 की शुरुआत तक अवैध उत्खनन के खिलाफ और खनिज संसाधनों के प्रबंधन के लिए कई महत्वपूर्ण कार्रवाइयां की गई हैं।
- अवैध उत्खनन के विरुद्ध प्रवर्तन (Enforcement)
दंडात्मक कार्रवाई और जुर्माना: हाल ही में (जनवरी 2026), सीधी जिले में रेत माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 80 लाख से अधिक का जुर्माना वसूला गया है। एक अन्य मामले में, अवैध खनन और सरकारी टीम पर हमले के लिए माफिया पर 3.24 करोड़ की पेनल्टी लगाई गई है।
वाहनों की जब्ती: जनवरी 2026 के दौरान पेंड्रा (कोटमी) और शहडोल जैसे क्षेत्रों में अवैध रूप से मिट्टी और मुरम का खनन करने वाले ट्रैक्टरों और जेसीबी मशीनों को जब्त किया गया है।
ED की छापेमारी: जनवरी 2026 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भोपाल, होशंगाबाद और बैतूल सहित 16 स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई फर्जी इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिट परमिट (ETPs) के माध्यम से किए जा रहे अवैध रेत खनन के मामले में की गई।
सख्त निर्देश: जनवरी 2026 में राज्य सरकार ने 5 जिलों के कलेक्टरों और एसपी को अवैध खनन के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
- राजस्व और नीलामी में रिकॉर्ड
राजस्व वृद्धि: वित्तीय वर्ष 2024-25 में मप्र के खनिज राजस्व में 23% की वृद्धि देखी गई, जो पहली बार 10,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई।
खनिज ब्लॉक की नीलामी: मप्र खनिज ब्लॉकों की नीलामी में देश में अग्रणी रहा है। हाल ही में (22 जनवरी 2026), ‘हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड’ ने राज्य के बघवारी-खिरखोरी कॉपर ब्लॉक के लिए सबसे ऊंची बोली लगाकर जीत हासिल की है।
- प्रमुख नीतिगत पहल और तकनीक
e-Khanij 2.0: राज्य ने खनन क्षेत्र के डिजिटलीकरण के लिए e-Khanij 2.0 पोर्टल लॉन्च किया है, जिससे निगरानी और पारदर्शिता बढ़ी है।
खनन कॉन्क्लेव 2025: अगस्त 2025 में कटनी में आयोजित कॉन्क्लेव में राज्य को 56,414 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले, जिसका उद्देश्य मप्र को ‘माइनिंग कैपिटल’ बनाना है।
- विधिक और पर्यावरणीय कार्रवाई
अरावली क्षेत्र में प्रतिबंध: सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों (जनवरी 2026) के बाद पारिस्थितिक नुकसान को रोकने के लिए अरावली पर्वतमाला के क्षेत्रों में अवैध खनन को रोकने के लिए सख्ती बढ़ा दी गई है।
