हेल्थ डेस्क। वैज्ञानिकों ने हाल ही में मस्तिष्क में एक “हिडन स्विच” (Hidden Switch) की पहचान की है, जो शरीर को खाना बंद करने का संकेत देता है। यह खोज वजन नियंत्रण और मोटापे के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मुख्य खोज और इसका कार्य
एस्ट्रोसाइट्स (Astrocytes) की भूमिका
हालिया शोध (अप्रैल 2026) के अनुसार, मस्तिष्क की एस्ट्रोसाइट कोशिकाएं, जिन्हें पहले केवल सहायक कोशिकाएं माना जाता था, भूख को नियंत्रित करने में सक्रिय भूमिका निभाती हैं।
काम करने का तरीका
भोजन के बाद ग्लूकोज टैनीसाइट्स (Tanycytes) को सक्रिय करता है। ये कोशिकाएं एस्ट्रोसाइट्स को संकेत भेजती हैं, जो अंततः मस्तिष्क के उन न्यूरॉन्स को सक्रिय करते हैं जो “पेट भर गया” (Fullness) का अहसास कराते हैं।
मास्टर स्विच (MC4)
एक अन्य महत्वपूर्ण शोध Melanocortin Receptor 4 (MC4) को भूख का “मास्टर स्विच” बताता है, जो हाइपोथैलेमस में स्थित होता है। जब यह स्विच ‘ऑन’ होता है, तो हमें पेट भरने का संकेत मिलता है, और ऊर्जा कम होने पर यह ‘ऑफ’ हो जाता है जिससे भूख लगती है।
अन्य महत्वपूर्ण न्यूरॉन्स और सर्किट
ब्रेनस्टेम न्यूरॉन्स: कोलंबिया विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने ब्रेनस्टेम (मस्तिष्क का सबसे पुराना हिस्सा) में विशेष न्यूरॉन्स खोजे हैं जो हर निवाले को ट्रैक करते हैं और भोजन रोकने का अंतिम निर्णय लेते हैं।
BNC2 न्यूरॉन्स: शोधकर्ताओं ने BNC2 नामक नए न्यूरॉन्स की भी पहचान की है जो भोजन के संकेतों पर तेजी से प्रतिक्रिया देते हैं और भूख को तुरंत शांत करने का काम करते हैं।
इस खोज का महत्व
मोटापे का इलाज: इस “स्विच” की पहचान से ऐसी नई दवाएं विकसित की जा सकती हैं जो भूख को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर सकें, जैसे कि Setmelanotide, जो सीधे MC4 रिसेप्टर को सक्रिय करती है।
जेनेटिक रिसर्च: उन लोगों के लिए यह खोज विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जिनमें आनुवंशिक कमियों के कारण यह “स्विच” सही ढंग से काम नहीं करता, जिससे वे हर समय भूख महसूस करते हैं।
दुनियाभर में मोटापे के मरीज
दुनिया भर में 1 अरब से अधिक लोग मोटापे (obesity) से जूझ रहे हैं, जिसमें लगभग 880 मिलियन वयस्क और 159 मिलियन बच्चे शामिल हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 1990 से वयस्कों में मोटापा दोगुना और किशोरों में 4 गुना बढ़ गया है, जो हृदय रोग, टाइप 2 मधुमेह और कैंसर का प्रमुख कारण बन रहा है।
वैश्विक मोटापे के प्रमुख तथ्य (2022-2026 डेटा)
कुल आंकड़े: विश्व स्तर पर 1 अरब से अधिक लोग मोटापे की चपेट में हैं।
बच्चों में वृद्धि: 5 से 19 वर्ष के 34 करोड़ से अधिक बच्चे और किशोर मोटापे से ग्रस्त हैं।
मौतें: 2021 में मोटापे से जुड़ी बीमारियों के कारण 37 लाख से अधिक मौतें हुईं।
2035 का अनुमान: एक रिपोर्ट के अनुसार, 2035 तक दुनिया की आधी से अधिक आबादी (4 अरब से अधिक लोग) मोटापे से ग्रस्त हो सकती है।
भारत की स्थिति: भारत में 1990 से 2022 के बीच महिलाओं में मोटापा 1.2% से बढ़कर 9.8% और पुरुषों में 0.5% से 5.4% हो गया है।
कारण: प्रसंस्कृत भोजन (processed food), शारीरिक निष्क्रियता और जीवनशैली में बदलाव।
जोखिम और प्रभाव: मोटापा हृदय रोग, स्ट्रोक, टाइप 2 मधुमेह, और कुछ प्रकार के कैंसर के जोखिम को काफी बढ़ा देता है। यह न केवल स्वास्थ्य के लिए, बल्कि आर्थिक रूप से भी हानिकारक है, और 2030 तक इससे प्रति वर्ष 3 हजार अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है।
