नई दिल्ली। UPI पेमेंट का कॉन्सेप्ट पूरी तरह से बदल गया है। तेजी से आगे बढ़ती टेक्नोलॉजी ने एक और शानदार अनुभव दिया है। UPI पेमेंट करने के लिए 4 या 6 अंकों का PIN इस्तेमाल करने की परेशानी अब खत्म हो गई है। अगर आप चाहें, तो अपने फिंगरप्रिंट या फेस ID का इस्तेमाल करके UPI पेमेंट कर सकते हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दरअसल, अब, आपको PIN याद रखने या डालने की जरूरत नहीं होगी। NPCI ने सभी UPI ऐप्स के लिए बायोमेट्रिक पेमेंट फीचर लागू कर दिया है।
यह कैसे काम करता है
नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (NPCI) के पास यूजर्स के लिए एक शानदार तोहफा है। अब, यूजर्स अपने डिवाइस के बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करके बिना PIN डाले पेमेंट कर सकते हैं। इसमें फिंगरप्रिंट स्कैनर और फेस ID फीचर का इस्तेमाल होगा। इसका मतलब है कि आपका पेमेंट सिर्फ आपकी उंगली छूने या अपना चेहरा दिखाने से प्रोसेस हो जाएगा।
लिमिट 5,000
बायोमेट्रिक पेमेंट फीचर का इस्तेमाल 5,000 रुपए तक ही किया जा सकता है। 5,000 तक के ट्रांजैक्शन आपके फिंगरप्रिंट और Face ID का इस्तेमाल करके किए जाएंगे। 5,000 रुपए से ज्यादा के ट्रांजैक्शन के लिए, आपको एक सिक्योरिटी PIN का इस्तेमाल करना होगा।
Android और iOS दोनों प्लेटफार्म पर उपलब्ध
बायोमेट्रिक पेमेंट फीचर Android और iOS दोनों प्लेटफार्म पर उपलब्ध है। अब आप किसी भी पेमेंट ऐप पर बिना PIN के पेमेंट कर सकते हैं। iPhone पर Face ID का इस्तेमाल करके पेमेंट करने का ऑप्शन अब यूजर्स के लिए उपलब्ध है।
इसके फायदे?
बायोमेट्रिक पेमेंट फीचर के आने से, ऑनलाइन पेमेंट तेज हो जाएंगे। अब आपको अपना PIN याद रखने की जरूरत नहीं होगी, और न ही आपको इसे भूलने का डर होगा। किसी के आपके PIN को देखने या नोटिस करने का भी डर नहीं होगा। आपके डिवाइस पर सिर्फ आपका फिंगरप्रिंट काम करेगा, और दुनिया में इसका कोई दूसरा तरीका नहीं है। कुल मिलाकर, UPI पेमेंट पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित हो जाएंगे।
UPI बायोमेट्रिक पेमेंट फ़ीचर का इस्तेमाल कैसे करें
आपके फोन में UPI पेमेंट के लिए कई ऐप हो सकते हैं, जैसे Google Pay, PhonePe, Paytm, BHIM, और भी बहुत कुछ।
इन पेमेंट ऐप में, आपको बायोमेट्रिक पेमेंट या FaceID पेमेंट ऑप्शन खोजने होंगे।
ऑप्शन मिलने के बाद, अपना बैंक चुनें।
यहां अपना UPI PIN डालें और सर्विस एक्टिवेट करें।
अब आप अपने डिवाइस से बायोमेट्रिक UPI पेमेंट कर सकते हैं।
रोजाना यूपीई से हो रहे ट्रांजेक्शन
भारत में यूपीआई (UPI) लेनदेन की संख्या और मूल्य दोनों में जबरदस्त उछाल आया है। मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार, यूपीआई अब भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है।
दैनिक लेनदेन के आंकड़े (Daily Transaction Stats)
लेनदेन की संख्या: वर्तमान में भारत में प्रतिदिन औसतन लगभग 700 करोड़ यूपीआई लेनदेन हो रहे हैं।
लेनदेन का मूल्य: रोजाना लगभग 90,000 करोड़ से 91,400 करोड़ के बीच का भुगतान यूपीआई के जरिए किया जा रहा है।
ग्लोबल बेंचमार्क: यूपीआई ने दैनिक लेनदेन के मामले में Visa जैसे वैश्विक दिग्गजों को भी पीछे छोड़ दिया है।
लेनदेन की सीमा और नियम (Transaction Limits & Rules)
सामान्य दैनिक सीमा: अधिकांश बैंकों के लिए एक दिन में अधिकतम 1 लाख तक का लेनदेन किया जा सकता है।
ट्रांजैक्शन काउंट: एक दिन में अधिकतम 20 सफल लेनदेन (P2P) करने की अनुमति है।
विशेष श्रेणियों के लिए उच्च सीमा: टैक्स भुगतान, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान और IPO के लिए यह सीमा 5 लाख तक है।
नई ‘P2M’ सीमा: सितंबर 2025 से, कुछ चुनिंदा श्रेणियों में ‘पर्सन टू मर्चेंट’ (P2M) भुगतान के लिए दैनिक सीमा बढ़ाकर 10 लाख कर दी गई है।
प्रमुख जानकारी
शीर्ष ऐप: PhonePe और Google Pay का बाजार में दबदबा है, जो कुल लेनदेन का लगभग 80% हिस्सा संभालते हैं।
बैंकों की भूमिका: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) देश का सबसे बड़ा रेमिटर बैंक बना हुआ है।
सावधानी: छोटे-छोटे नियमित लेनदेन भी आयकर विभाग की नजर में आ सकते हैं, इसलिए यदि ये किसी व्यावसायिक आय का हिस्सा हैं, तो इन्हें ITR में दिखाना जरूरी है।
