तेल अवीव। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे का गुरुवार 26 फरवरी को आखिरी दिन है। अपने दौरे के दूसरे दिन मोदी सबसे पहले येरुशलम के होलोकॉस्ट मेमोरियल याद वाशेम गए, जहां उन्होंने हिटलर के नाजी शासन के दौरान मारे गए 60 लाख यहूदियों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वे इजरायल के प्रेसिडेंट इसाक हर्जोग से मिले। इसाक ने कहा कि भारत की इकॉनमी तेजी से बढ़ी है, जिसने दुनिया का ध्यान खींचा है। PM मोदी ने इजरायल के प्रेसिडेंट को भारत आने का न्योता भी दिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दोतरफा मीटिंग के बाद PM मोदी और इजरायल के PM नेतन्याहू ने एक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। यह घोषणा की गई कि भारत का UPI पेमेंट सिस्टम अब इजरायल में भी मिलेगा। PM मोदी ने कहा कि भारत जल्द ही इजरायल के साथ एक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर साइन करेगा।
मोदी बुधवार को इजरायल पहुंचे। नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने एयरपोर्ट पर मोदी को रिसीव किया। इसके बाद PM मोदी ने इजरायल की पार्लियामेंट, नेसेट को एड्रेस किया। उन्हें पार्लियामेंट के सबसे बड़े सम्मान, स्पीकर ऑफ़ द नेसेट मेडल से सम्मानित किया गया। मोदी नेसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने।
PM मोदी के भाषण की अहम बातें…
भारत-इजरायल के रिश्ते और मजबूत होंगे: दोनों देशों के बीच रिश्ते भरोसे, डेमोक्रेसी और इंसानी मूल्यों पर बने हैं। अब, इस रिश्ते को स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप तक बढ़ाने का फ़ैसला किया गया है। यह दोनों देशों के लोगों की उम्मीदों को दिखाता है।
ट्रेड और टेक्नोलॉजी में सहयोग: दोनों देश ट्रेड और इन्वेस्टमेंट बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। जल्द ही एक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करने की कोशिश की जाएगी। AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी और ज़रूरी मिनरल जैसे एरिया में सहयोग होगा। इज़रायल में UPI इस्तेमाल करने के लिए एक एग्रीमेंट हुआ है।
डिफेंस, स्पेस और एनर्जी कोऑपरेशन: डिफेंस सेक्टर में दोनों देशों के बीच भरोसेमंद कोऑपरेशन है, जिसे और बढ़ाया जाएगा। जॉइंट डेवलपमेंट, प्रोडक्शन और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर काम किया जाएगा। सिविल न्यूक्लियर एनर्जी और स्पेस सेक्टर में भी पार्टनरशिप बढ़ेगी।
किसानों और गांवों के लिए नई पहल: एग्रीकल्चर सेक्टर में दोनों देशों का कोऑपरेशन पहले ही सफल रहा है। इजरायल की मदद से भारत में बने सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाकर 100 की जाएगी। हर गांव तक खेती की नई टेक्नीक पहुंचाने के लिए “विलेज ऑफ एक्सीलेंस” बनाए जाएंगे। इससे किसानों की इनकम और प्रोडक्शन बढ़ेगा।
लोगों और युवाओं को जोड़ने पर जोर: भारतीय वर्कर्स ने अपनी मेहनत से इजरायल का भरोसा जीता है। अब, कोऑपरेशन को कॉमर्स और सर्विस सेक्टर में भी बढ़ाया जाएगा। युवाओं और रिसर्चर्स को जोड़ने के लिए एक इंडिया-इजरायल एकेडमिक फोरम बनाया जाएगा।
ग्लोबल मुद्दों पर पार्टनरशिप: दोनों देशों ने IMEC कॉरिडोर और I2U2 ग्रुप जैसे प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। भारत और इजरायल का साफ मैसेज है कि दुनिया में टेररिज्म के लिए कोई जगह नहीं है। पश्चिम एशिया में शांति भारत के लिए भी महत्वपूर्ण है, इसलिए भारत बातचीत और शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करता है।
इजराइल में स्वागत : मोदी ने इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू और इजरायल के लोगों को गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने नेसेट (इज़रायली पार्लियामेंट) से मिले सम्मान को 1.4 बिलियन भारतीयों और भारत-इजरायल दोस्ती को समर्पित किया।
दुनियाभर में 50% से ज्यादा UPI यूजर
दुनियाभर में यूपीआई (UPI) के उपयोग से जुड़े आंकड़े काफी प्रभावशाली हैं।
वैश्विक हिस्सेदारी: पूरी दुनिया में होने वाले कुल रियल-टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन (Real-time Digital Transactions) में यूपीआई की हिस्सेदारी लगभग 49% से 50% है। इसका मतलब है कि दुनिया का हर दूसरा रियल-टाइम डिजिटल भुगतान भारत के यूपीआई प्लेटफॉर्म के माध्यम से होता है।
उपयोगकर्ताओं की संख्या: वर्तमान में यूपीआई का उपयोग लगभग 49.1 करोड़ (491 मिलियन) व्यक्ति और 6.5 करोड़ व्यापारी कर रहे हैं।
लेनदेन का पैमाना: यूपीआई अब प्रतिदिन 64 करोड़ (640 मिलियन) से अधिक लेनदेन संभाल रहा है, जो दिग्गज कार्ड नेटवर्क Visa (63.9 करोड़) से भी अधिक है।
भारत में प्रभाव: भारत के कुल डिजिटल भुगतानों में यूपीआई का हिस्सा 85% तक पहुंच गया है।
दुनिया में इन देशों में चल रहा भारतीय यूपीआई
भारत का UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) अब केवल भारत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के कई प्रमुख देशों में अपनी जगह बना चुका है। भारत का UPI वर्तमान में इन देशों में UPI काम कर रहा है या स्वीकार्य है।
एशिया और पड़ोसी देश
नेपाल: नेपाल में स्थानीय दुकानों और व्यवसायों पर UPI का उपयोग किया जा सकता है।
भूटान: यह UPI अपनाने वाला पहला बाहरी देश था।
श्रीलंका: यहाँ के पर्यटन केंद्रों और दुकानों पर UPI पेमेंट की सुविधा उपलब्ध है।
सिंगापुर: यहां UPI को PayNow के साथ जोड़ा गया है, जिससे पैसे भेजना आसान हो गया है।
मलेशिया: यहां के कई आउटलेट्स पर यह सुविधा चालू हो चुकी है।
खाड़ी देश (Middle East)
संयुक्त अरब अमीरात (UAE): दुबई और अन्य शहरों के मॉल, दुकानों और एयरपोर्ट्स पर UPI चलता है।
कतर: हाल ही में कतर के Doha Souks और रिटेलर्स के पास इसे शुरू किया गया है।
ओमान: यहां भी भारतीय प्रवासियों और पर्यटकों के लिए UPI की सुविधा उपलब्ध है।
इजराइल: ताज़ा समझौते के अनुसार इजराइल भी इस लिस्ट में शामिल हो गया है।
यूरोप और अफ्रीका
फ्रांस: यह UPI स्वीकार करने वाला पहला यूरोपीय देश है, जहां एफिल टॉवर जैसी जगहों पर भी भुगतान संभव है।
मॉरीशस: यहां पर्यटक दुकानों और बाजारों में UPI का इस्तेमाल कर सकते हैं।
साइप्रस: यहां भी बैंकों के साथ साझेदारी के तहत UPI सेवाएं शुरू की गई हैं।
ध्यान दें: विदेश में UPI का उपयोग करने के लिए आपको अपने ऐप (जैसे PhonePe, Paytm, या Google Pay) में ‘UPI International’ सुविधा को एक्टिवेट करना पड़ सकता है।
