नई दिल्ली। हालिया रिपोर्ट्स और न्यूरोसाइंटिस्ट के अध्ययन बताते हैं कि जेन जी (Gen Z) की तुलना में मिलेनियल्स (Millennials) अधिक इंटेलिजेंट माने जा रहे हैं। शोध के अनुसार, डिजिटल तकनीक और स्क्रीन टाइम के अत्यधिक उपयोग के कारण जेन जी की संज्ञानात्मक क्षमता, एकाग्रता, स्मृति और समस्या-समाधान कौशल में गिरावट (Flynn effect का उलटा) देखी गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मुख्य बिंदु (Gen Z vs Millennials Intelligence):
आईक्यू (IQ) में गिरावट: न्यूरोसाइंटिस्ट्स ने दावा किया है कि जेन ज़ी पहली पीढ़ी है, जिसका आईक्यू स्कोर पिछली पीढ़ी (मिलेनियल्स) से कम हो रहा है।
डिजिटल तकनीक का प्रभाव: शिक्षा और मनोरंजन के लिए स्क्रीन-आधारित तकनीक (EdTech) का अत्यधिक इस्तेमाल, सोचने की क्षमता और ध्यान केंद्रित करने (Attention span) को प्रभावित कर रहा है।

पारंपरिक स्किल्स में कमी: रिसर्चर्स का मानना है कि मिलेनियल्स में लॉजिकल थिंकिंग और फोकस, जेन ज़ी की तुलना में बेहतर है।
जेन जी की विशेषज्ञता: हालांकि, जेन जी डिजिटल स्किल्स, सोशल मीडिया, और मल्टी-टास्किंग में आगे हैं, लेकिन संज्ञानात्मक क्षमता में वे पीछे हैं।
फ्लायन इफेक्ट का उलटा: दशकों से चल रहे आईक्यू बढ़ने की प्रवृत्ति (Flynn Effect) को जेन ज के साथ एक बड़ा झटका लगा है, जहां उनकी संज्ञानात्मक क्षमता में गिरावट आई है।
