भोपाल। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश को अमेरिका को बेचने की डील की। एपस्टीन और अडानी केस की वजह से वे दबाव में हैं। इसी वजह से उन्होंने भारत और किसानों का डेटा अमेरिका को बेच दिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!राहुल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस के किसान चौपाल में बोल रहे थे। कांग्रेस ने भारत और US के बीच ट्रेड डील का विरोध करने के लिए किसान चौपाल बुलाई थी। इस दौरान राहुल ने कहा, “भारत के इतिहास में पहली बार विपक्ष के नेता को लोकसभा में बोलने नहीं दिया गया। मैं चीनी घुसपैठ के मुद्दे पर बोलना चाहता था।”
राहुल ने कहा, “मैंने लोकसभा में पूर्व आर्मी चीफ नरवणे का मुद्दा उठाया। उन्होंने अपनी किताब में लिखा है कि जब चीनी घुसपैठ हुई, तो भारत सरकार ने उन्हें छोड़ दिया।”
राहुल गांधी के भाषण की अहम बातें
मोदी ने कैबिनेट से बिना सलाह किए US के साथ डील: प्रधानमंत्री ने लोकसभा से निकलते ही ट्रंप को फोन किया और कैबिनेट से सलाह किए बिना डील के लिए अपनी तैयारी का ऐलान किया।
किसानों और देश के हितों से समझौता: सरकार ने अमेरिकी कंपनियों को भारत में सोया, कॉटन और मक्का बेचने की इजाजत देने की तैयारी कर ली है, जिससे भारतीय किसानों को नुकसान होगा।
US के साथ ट्रेड डील दबाव में साइन की गई: US के साथ ट्रेड डील दबाव और धमकियों की वजह से हुई थी। एपस्टीन फाइलों और अडानी स्कैंडल की वजह से सरकार झुक गई।
भारत को कुछ नहीं मिला, बल्कि नुकसान ही होगा: इस डील से भारत को कोई फायदा नहीं हुआ है। भारत को हर साल ज्यादा टैक्स देना होगा और US से बड़ी मात्रा में सामान खरीदना होगा।
देश की इंडस्ट्री और टेक्सटाइल सेक्टर को खतरा: अगर US से कॉटन और दूसरा सामान सस्ते रेट पर इंपोर्ट किया गया, तो भारत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री और लोकल इंडस्ट्री कमजोर हो जाएंगी।
खड़गे बोले—मोदीजी कांग्रेस राज में पैदा हुए, उन्हें नाम बदल लेना चाहिए
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी किसान चौपाल में संबोधन दिया। खरगे ने कहा, नरेंद्र मोदी सरेंडर मोदी हैं। उन्होंने देश को बेच दिया और किसानों को धोखा दिया। जब मोदीजी रोज उठकर चाय पर बात करते थे, तो क्या वे देश को बेचने की बात करते थे? मोदीजी कांग्रेस के राज में पैदा हुए थे, उन्हें अपना नाम बदल लेना चाहिए।
खरगे के भाषण की अहम बातें
नाम बदलने की पॉलिटिक्स पर तंज: अगर नाम बदलना पॉलिटिक्स है, तो प्रधानमंत्री को अपना नाम बदल लेना चाहिए, क्योंकि वे कांग्रेस के राज में पैदा हुए थे। उन्होंने MNREGA समेत कई स्कीमों के नाम बदलने पर सवाल उठाए।
मोदी में ट्रंप के खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं: प्रधानमंत्री अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ मजबूती से नहीं बोल पाते और इंटरनेशनल मुद्दों पर दबाव में फैसले लेते हैं।
ट्रेड और तेल पॉलिसी पर हमला: भारत को पहले ट्रेड से फायदा होता था, लेकिन अब पॉलिसी से नुकसान हो रहा है। खरगे के मुताबिक, सरकार अमेरिकी दबाव में फैसले ले रही है, जिससे किसानों के हितों पर असर पड़ रहा है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हाथापाई
किसन चौपाल के दौरान कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता किसान चौपाल की जगह पर जाने को लेकर पुलिस से भिड़ गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। ACP ट्रैफिक अजय वाजपेयी ने बताया कि इवेंट में शामिल होने वालों को प्लैटिनम प्लाजा और VIP रोड डिपो से एंट्री दी गई। ट्रैफिक को जवाहर चौक, माता मंदिर और न्यू मार्केट से डायवर्ट किया गया। इसके बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ता कई रास्तों पर तैनात रहे।
