भोपाल। मध्य प्रदेश में वर्ष 2026 की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के दौरान प्रदेश भर में नकल के कई मामले सामने आए हैं। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, मुरैना जिला नकलचियों की संख्या के मामले में पूरे प्रदेश में शीर्ष (पहले स्थान) पर है, जबकि राजधानी भोपाल दूसरे नंबर पर है। वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं (10वीं-12वीं) में मुरैना जिले में सर्वाधिक 41 से अधिक नकल प्रकरण सामने आए हैं। सख्त सीसीटीवी निगरानी और फ्लाइंग स्क्वॉड के बावजूद, राजधानी भोपाल के बाद मुरैना में नकलची सबसे ज्यादा पकड़े गए हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सबसे ज्यादा नकलची:
बोर्ड परीक्षाओं के दौरान मुरैना में सबसे अधिक 41 मामले दर्ज किए गए।
प्रमुख घटना: 10 फरवरी को 12वीं की परीक्षा में 6 मामले और अन्य दिनों में भी लगातार नकलची पकड़े गए।
दूसरे स्थान पर भोपाल: राजधानी भोपाल में 20 मामले (जिसमें से 6 कैमरे से पकड़े गए) सामने आए।
सुरक्षा और निगरानी: परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए संवेदनशील केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और हर जिले में चार-चार फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात थे।
परीक्षा का पैमाना: प्रदेश भर में करीब 16 लाख छात्रों ने परीक्षा दी।
जिलावार नकल प्रकरण (प्रमुख जिले)
मुरैना: इस वर्ष सबसे अधिक नकलची इसी जिले में पकड़े गए हैं। विशेष रूप से अंबा और बामोर इलाकों में सामूहिक नकल की शिकायतें मिली हैं, जहाँ खिड़कियों के माध्यम से पर्चियां पहुंचाने के वीडियो भी वायरल हुए हैं।
भोपाल: नकल के मामलों में भोपाल प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा है। यहां उड़नदस्ते और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के बावजूद कई मामले दर्ज किए गए हैं।
भिंड: विश्वविद्यालय स्तर की परीक्षाओं (B.Sc.) में यहां एक साथ 29 छात्र मोबाइल से नकल करते हुए पकड़े गए। हालांकि, बोर्ड परीक्षाओं में पिछले वर्षों की तुलना में यहां सख्ती बढ़ी है।
छिंदवाड़ा: यहां एक केंद्र पर पर्यवेक्षक (Supervisor) के पास ही नकल की पर्चियां पाई गईं, जिसके बाद शिक्षक को निलंबित कर दिया गया।
रीवा: यहां के नेहरू मेमोरियल कॉलेज में भी नकल करते छात्र पकड़े गए, जिन्होंने प्रशासन पर पैसे लेकर नकल कराने के आरोप लगाए।
अन्य जिले: सागर, रायसेन और धार जैसे जिलों में भी छिटपुट मामले और मोबाइल से नकल करने की घटनाएं दर्ज की गई हैं।
प्रमुख कार्रवाई और उपाय
केंद्राध्यक्षों पर गाज: कई केंद्रों पर नकल पकड़े जाने के बाद केंद्राध्यक्षों और कक्ष प्रभारियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।
एफआईआर दर्ज: अनूपपुर जैसे जिलों में नकल में सहायता करने वाले अतिथि शिक्षकों सहित अन्य लोगों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है।
तकनीकी निगरानी: नकल रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरे और उड़नदस्ते (Flying Squads) तैनात किए गए हैं।
