नई दिल्ली। भारत में राज्यपालों की नियुक्ति को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छह राज्यों—केरलम, तमिलनाडु, ओडिशा, कर्नाटक, उत्तराखंड और सिक्किम—के लिए नए राज्यपालों की नियुक्ति और तबादले को मंजूरी दी है। इस बदलाव में चार नए राज्यपालों की नियुक्ति की गई है, जबकि दो मौजूदा राज्यपालों को दूसरे राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, सभी नियुक्तियां संबंधित राज्यपालों के अपने नए पद का कार्यभार संभालने की तारीख से प्रभावी होंगी।
छह राज्यों के नए राज्यपालों की पूरी सूची
नई नियुक्तियों के तहत अलग-अलग राज्यों में निम्नलिखित जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं:
- केरलम: ओम प्रकाश माथुर
- तमिलनाडु: राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर
- ओडिशा:ब्रज मोहन राम
- कर्नाटक: डॉ. सुधा यादव
- उत्तराखंड: डॉ. ढाल सिंह बिसेन
- सिक्किम: दुष्यंत गौतम
इस सूची में ओम प्रकाश माथुर और राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के तबादले प्रमुख हैं। माथुर इससे पहले सिक्किम के राज्यपाल थे, जबकि आर्लेकर केरलम के राज्यपाल के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे थे।
ओम प्रकाश माथुर को केरलम की जिम्मेदारी
ओम प्रकाश माथुर को सिक्किम से स्थानांतरित कर केरलम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। उनके स्थान पर दुष्यंत गौतम को सिक्किम का नया राज्यपाल बनाया गया है।
इस बदलाव के साथ केरलम के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस प्रकार केरलम और सिक्किम के राज्यपालों में बदलाव के साथ तमिलनाडु में भी नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
तमिलनाडु के राज्यपाल बने राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर
राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर इससे पहले केरलम के राज्यपाल थे। अब उन्हें तमिलनाडु का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति के साथ राज्य में राज्यपाल के पद पर नई जिम्मेदारी तय हुई है।
राज्यपाल का पद संवैधानिक रूप से महत्वपूर्ण है। राज्यपाल राज्य के संवैधानिक प्रमुख होते हैं और संविधान के प्रावधानों के अनुसार राज्य की शासन व्यवस्था में अपनी भूमिका निभाते हैं।
ओडिशा, कर्नाटक और उत्तराखंड में भी नियुक्तियां
राष्ट्रपति की घोषणा के तहत ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक और डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन नियुक्तियों से तीनों राज्यों में राज्यपाल पद के लिए नए नाम सामने आए हैं। हालांकि, इन नियुक्तियों के बाद राज्यों की सरकारों की रोजमर्रा की प्रशासनिक जिम्मेदारियां संबंधित निर्वाचित सरकारों के पास ही रहती हैं और राज्यपाल संविधान के अनुसार अपने दायित्व निभाते हैं।
राज्यपाल की नियुक्ति कैसे होती है?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 153 के अनुसार प्रत्येक राज्य में एक राज्यपाल का प्रावधान है। अनुच्छेद 155 के तहत राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। अनुच्छेद 156 के अनुसार राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करते हैं, जो संवैधानिक व्यवस्था का हिस्सा है।
राज्यपाल राज्य के संवैधानिक प्रमुख होते हैं। उनके प्रमुख दायित्वों में मुख्यमंत्री की नियुक्ति, विधानसभा से पारित विधेयकों पर संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई, विधानसभा सत्र बुलाने से संबंधित प्रावधानों का पालन और संविधान द्वारा निर्धारित अन्य कार्य शामिल हैं।
नवनियुक्त राज्यपाल संबंधित राज्यों में औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करेंगे। राष्ट्रपति भवन की घोषणा के अनुसार, नियुक्तियां कार्यभार संभालने की तारीख से प्रभावी होंगी।
इन बदलावों के बाद छह राज्यों में राज्यपाल पद की जिम्मेदारियों का नया बंटवारा होगा। नियुक्तियों से संबंधित आगे की जानकारी और शपथ ग्रहण की तारीखें आधिकारिक घोषणाओं के आधार पर अपडेट की जाएंगी।
