Skip to content
AapTak

AapTak

सच, बेहिचक

Primary Menu
  • Home
  • NATIONAL
  • WORLD
  • MP/CG
  • POLITICS/ADMIN
  • BUSSINESS
  • SPORTS
  • LIFESTYLE
    • ENTERTANMENT
    • JOB
    • LIFESTYLE
  • Artical
Light/Dark Button
Live
  • Home
  • WORLD
  • समुद्र में तेजी से डूब रहे नदी डेल्टा, 24 करोड़ जिंदगियों पर खतरा: रिसर्च
  • WORLD

समुद्र में तेजी से डूब रहे नदी डेल्टा, 24 करोड़ जिंदगियों पर खतरा: रिसर्च

aaptak.news28@gmail.com April 20, 2026
River Deltas Rapidly Sinking into the Sea

नई दिल्ली। एक नए अध्ययन से पता चला है कि दुनिया के कई सबसे बड़े नदी डेल्टा, समुद्र के वैश्विक स्तर में हो रही वृद्धि की तुलना में कहीं अधिक तेजी से नीचे धंस रहे हैं, जिससे करोड़ों लोगों के लिए संभावित खतरा पैदा हो गया है।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

इस प्रवृत्ति के पीछे मुख्य कारण हैं—भूजल का अत्यधिक दोहन, नदियों द्वारा बहाकर लाई जाने वाली गाद (sediment) में कमी, और तेजी से हो रहा शहरी विकास। यह शोध ‘नेचर’ (Nature) में प्रकाशित हुआ है।

वैश्विक मानचित्रण से डेल्टाओं के व्यापक रूप से नीचे धंसने का खुलासा

यह शोध दुनिया भर के 40 नदी डेल्टाओं में ऊंचाई में हो रही कमी का पहला विस्तृत और उच्च-रिजॉल्यूशन वाला विश्लेषण प्रस्तुत करता है। इस परियोजना का नेतृत्व लियोनार्ड ओहेनहेन ने किया, जो वर्जीनिया टेक के पूर्व स्नातक छात्र हैं और अब कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, इरविन में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। इस कार्य की देखरेख वर्जीनिया टेक के भू-वैज्ञानिकों मनूचेहर शिर्जाई और सुजाना वेर्थ ने की।

अध्ययन के परिणाम बताते हैं कि अध्ययन किए गए लगभग हर डेल्टा में ऐसे क्षेत्र मौजूद हैं, जहां जमीन अपने आस-पास के समुद्र के स्तर में हो रही वृद्धि की तुलना में कहीं अधिक तेजी से नीचे धंस रही है। 40 में से 18 डेल्टाओं में, नीचे की ओर होने वाली यह हलचल—जिसे ‘अधोगमन’ (subsidence) के नाम से जाना जाता है— पहले ही समुद्र के स्थानीय स्तर में हो रही वृद्धि से कहीं आगे निकल चुकी है। यह प्रवृत्ति 23.6 करोड़ से भी अधिक लोगों के लिए निकट भविष्य में बाढ़ का खतरा बढ़ा रही है।

उपग्रह डेटा से महाद्वीपों के डेल्टाओं में ऊंचाई की कमी पर नजर

शोधकर्ताओं ने पांच महाद्वीपों में स्थित डेल्टाओं की सतह की ऊंचाई में होने वाले परिवर्तनों को मापने के लिए उन्नत उपग्रह रडार प्रणालियों का उपयोग किया। इन प्रणालियों से प्राप्त उच्च-रिजॉल्यूशन वाले मानचित्र, प्रति पिक्सेल 75 वर्गमीटर के पैमाने पर होने वाले परिवर्तनों को दर्शाते हैं, जिससे वैज्ञानिकों को जमीन के नीचे धंसने के स्थानीय पैटर्न का पता लगाने में सहायता मिलती है।

कई प्रमुख डेल्टाओं में ऊंचाई में विशेष रूप से तेजी से कमी देखी जा रही है, जिनमें मेकांग, नील, चाओ फ्राया, गंगा-ब्रह्मपुत्र, मिसिसिपी और येलो (पीली) नदियों के डेल्टा शामिल हैं।

ओहेनहेन ने कहा, “कई स्थानों पर भूजल का अत्यधिक दोहन, गाद की कमी और तेजी से हो रहा शहरीकरण—इन सभी कारणों से जमीन, हमारी पिछली धारणाओं की तुलना में कहीं अधिक तेजी से नीचे धंस रही है।” कुछ क्षेत्रों में, जमीन के नीचे धंसने की यह दर, समुद्र के स्तर में हो रही वैश्विक वृद्धि की वर्तमान गति से भी दोगुनी से अधिक है।

अधोगमन की प्रक्रिया को और भी तेज कर रही हैं मानवीय गतिविधियां

इस शोध के सह-लेखक और वर्जीनिया टेक की ‘अर्थ ऑब्जर्वेशन एंड इनोवेशन लैब’के निदेशक शिर्जाई ने कहा, “हमारे परिणाम दर्शाते हैं कि जमीन का नीचे धंसना कोई दूर भविष्य की समस्या नहीं है, बल्कि यह अभी इसी वक्त घटित हो रहा है, और कई डेल्टाओं में इसकी गति जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्र के स्तर में हो रही वृद्धि की गति से भी कहीं अधिक है।” इस स्टडी में जमीन के नीचे के पानी (ग्राउंडवॉटर) के कम होने को डेल्टा के धंसने से जुड़ा सबसे बड़ा कारण बताया गया है। हालांकि, अलग-अलग इलाकों में इसका मुख्य कारण अलग-अलग हो सकता है।

ग्राउंडवॉटर के विश्लेषण में साथ देने वाले वर्थ ने कहा, “जब जमीन के नीचे का पानी बहुत ज्यादा निकाला जाता है या तलछट (sediments) तट तक नहीं पहुंच पाती, तो जमीन की सतह नीचे धंस जाती है।” “ये प्रक्रियाएं सीधे तौर पर इंसानी फैसलों से जुड़ी हैं, जिसका मतलब है कि इनके हल भी हमारे ही हाथ में हैं।” इस रिसर्च को नेशनल साइंस फाउंडेशन, डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस और NASA से मदद मिली थी।

डेल्टाओं के तेजी से डूबने के मुख्य कारण

केवल समुद्र का जलस्तर बढ़ना ही एकमात्र कारण नहीं है। मानवीय गतिविधियां इस प्रक्रिया को और तेज़ कर रही हैं।

तलछट (Sediment) की कमी: बांधों और जलाशयों के निर्माण के कारण नदियों द्वारा लाई जाने वाली मिट्टी (तलछट) डेल्टा तक नहीं पहुंच पाती। इससे डेल्टा की नई परतें नहीं बन पातीं।

भूजल का अत्यधिक दोहन: शहरों और खेती के लिए ज़मीन के नीचे से पानी निकालने के कारण मिट्टी की परतें सिकुड़ जाती हैं, जिससे ज़मीन धंसने लगती है।

तेल और गैस निष्कर्षण: जमीन के नीचे से जीवाश्म ईंधन निकालने से भी सतह अस्थिर होकर नीचे बैठ जाती है।

समुद्र का जलस्तर बढ़ना: जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियर पिघल रहे हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर समुद्र का स्तर बढ़ रहा है।

प्रभावित होने वाले प्रमुख क्षेत्र
दुनिया के कई घनी आबादी वाले डेल्टा अब “संकट क्षेत्र” में हैं।

गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा (भारत और बांग्लादेश): यहां करोड़ों लोग रहते हैं और यह दुनिया के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में से एक है।

मेकांग डेल्टा (वियतनाम): यह क्षेत्र चावल उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है, जो अब खारे पानी और डूबने के खतरे का सामना कर रहा है।

नील डेल्टा (मिस्र): उपजाऊ भूमि का नुकसान यहाँ की खाद्य सुरक्षा को प्रभावित कर रहा है।

मिसिसिपी डेल्टा (USA): यहाँ जमीन धंसने की दर बहुत अधिक है।

सामाजिक और आर्थिक प्रभाव

सामूहिक विस्थापन: करोड़ों लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ सकता है (Climate Refugees)।

खाद्य असुरक्षा: डेल्टा क्षेत्र “दुनिया के अन्न भंडार” कहलाते हैं। मिट्टी में नमक बढ़ने (Salinity) से खेती बर्बाद हो रही है।

पेयजल का संकट: खारा पानी भूजल में मिलने से पीने के पानी की कमी हो रही है।

पारिस्थितिक तंत्र का विनाश: मैंग्रोव और तटीय जैव विविधता तेजी से खत्म हो रही है।

बचाव के उपाय

तलछट प्रबंधन: बांधों से मिट्टी को प्राकृतिक रूप से आगे बढ़ने देने की तकनीक अपनाना।

सतत भूजल उपयोग: पानी के पुनर्चक्रण (Recycling) को बढ़ावा देना ताकि जमीन के नीचे दबाव बना रहे।

मैंग्रोव संरक्षण: तटीय क्षरण को रोकने के लिए प्राकृतिक बाधाओं (जैसे सुंदरवन) को बचाना।

बेहतर शहरी नियोजन: तटीय शहरों में निर्माण कार्यों को नियंत्रित करना।

आर्कटिक में बर्फ पिघलने से निकल रहा है हजारों सालों से जमा कार्बन

About the Author

aaptak.news28@gmail.com

Administrator

Web News Portal

Visit Website View All Posts

Post navigation

Previous: 10,000 सूर्यों के बराबर है ब्लैक होल जेट्स की ताकत: रिसर्च
Next: आज की ताजा टॉप-10 खबरें-एक नजर

Related Stories

US Air force Boing B4 Aircraft
  • WORLD

बिना न्यूक्लियर अटैक 7 दिनों तक उड़ सकता है ये एयरक्राफ्ट

aaptak.news28@gmail.com April 11, 2026 0
us iran ceasefire roll in china
  • WORLD

US-ईरान जंग: पाकिस्तान ने नहीं, चीन ने कराया सीजफायर

aaptak.news28@gmail.com April 8, 2026 0
us iran ceasefire
  • WORLD

अमेरिका-ईरान में 2 हफ्ते का सीजफायर, आखिरकार झुके ट्रंप?

aaptak.news28@gmail.com April 8, 2026 0
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के शांतम आश्रम में भगवान श्री हनुमान जी का पूजन कर प्रदेशवासियों और मातृ शक्ति की सुख समृद्धि की कामना की।
    - 20/04/2026

Recent Posts

  • 23,634 पंचायतों, 444 तहसीलों में लगाए जाएंगे वेदर सिस्टम
  • 200 साल बाद आखिरकार वैज्ञानिकों ने सुलझा लिया “डोलोमाइट प्राब्लम”
  • आज की ताजा टॉप-10 खबरें-एक नजर
  • समुद्र में तेजी से डूब रहे नदी डेल्टा, 24 करोड़ जिंदगियों पर खतरा: रिसर्च
  • 10,000 सूर्यों के बराबर है ब्लैक होल जेट्स की ताकत: रिसर्च

Recent Comments

  1. चांद पर खोजा नया क्रेटर, टकराने के बाद छोड़ा चमकदार निशान - AapTak on MUSK की स्टारलिंक को लाइसेंस, अब भारत में भी सैटेलाइट नेटवर्क
  2. RAVI KHAVSE on 18 लाख की नकली मुद्रा जब्त, बीबीए छात्र समेत 6 गिरफ्तार

Archives

  • April 2026
  • March 2026
  • February 2026
  • January 2026
  • December 2025
  • November 2025
  • October 2025
  • September 2025
  • August 2025
  • July 2025
  • June 2025
  • May 2025
  • April 2025
  • December 2024
  • April 2026
  • March 2026
  • February 2026
  • January 2026
  • December 2025
  • November 2025
  • October 2025
  • September 2025
  • August 2025
  • July 2025
  • June 2025
  • May 2025
  • April 2025
  • December 2024

You may have missed

Weather systems install in gram panchayat
  • MP

23,634 पंचायतों, 444 तहसीलों में लगाए जाएंगे वेदर सिस्टम

aaptak.news28@gmail.com April 20, 2026 0
Finally Solved the Dolomite Problem
  • LIFESTYLE

200 साल बाद आखिरकार वैज्ञानिकों ने सुलझा लिया “डोलोमाइट प्राब्लम”

aaptak.news28@gmail.com April 20, 2026 0
aaptak logo final Short A
  • Breaking News

आज की ताजा टॉप-10 खबरें-एक नजर

aaptak.news28@gmail.com April 20, 2026 0
River Deltas Rapidly Sinking into the Sea
  • WORLD

समुद्र में तेजी से डूब रहे नदी डेल्टा, 24 करोड़ जिंदगियों पर खतरा: रिसर्च

aaptak.news28@gmail.com April 20, 2026 0
हमारे बारे में…
आपतक एक प्रमुख हिंदी न्यूज पोर्टल है। इसमें राजनीतिक—प्रशासनिक और एक्सक्लूसिव समाचारों को प्रमुखता दी जाती है। ट्रेंडिंग न्यूज, बिजनेस, रोजगार तथा तकनीक से जुड़ी अहम खबरों को भी महत्व दिया जाता है।

संपर्क:
संपादक: आर.बी. सिंह
मोबाइल: 9425168479
कार्यालय: Katara Hills Bhopal, MP

खबर एवं विज्ञापन के लिए संपर्क करें:
Email_id: aaptak.news28@gmail.com

  • Home
  • NATIONAL
  • WORLD
  • MP/CG
  • POLITICS/ADMIN
  • BUSSINESS
  • SPORTS
  • LIFESTYLE
  • Artical
  • Home
  • NATIONAL
  • WORLD
  • MP/CG
  • POLITICS/ADMIN
  • BUSSINESS
  • SPORTS
  • LIFESTYLE
    • ENTERTANMENT
    • JOB
    • LIFESTYLE
  • Artical
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.