–10 जिला पंचायत सदस्यों को खरीदने की बात से MP की राजनीति में हड़कंप
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भोपाल/सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की आष्टा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रदेश की राजनीति में विवाद गहरा गया है। वीडियो में विधायक जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव का पुराना घटनाक्रम बताते हुए कथित तौर पर 18 में से 10 सदस्यों को खरीदने की बात कहते सुनाई दे रहे हैं। इस बयान के बाद कांग्रेस ने भाजपा को घेरा है, जबकि विधायक ने इसे मजाक-मस्ती में कही गई बात बताया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, सोमवार को आष्टा में स्वर्णकार समाज की ओर से श्री अजमीढ़जी महाराज के जन्मोत्सव पर आयोजित कार्यक्रम में विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष बनने से जुड़े पुराने घटनाक्रम का जिक्र किया।
वायरल वीडियो में विधायक कथित तौर पर बताते हैं कि उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के लिए एक बाबा से आशीर्वाद मांगा था। बाबा ने एक सदस्य की कमी होने की बात कही, जिस पर विधायक ने कथित तौर पर जवाब दिया कि उन्होंने 18 में से 10 सदस्यों को खरीद लिया था।
इस कथित बयान के सामने आने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में खरीद-फरोख्त के आरोपों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, वीडियो किस कार्यक्रम में रिकॉर्ड किया गया और इसका पूरा संदर्भ क्या है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
कांग्रेस ने भाजपा पर साधा निशाना
वीडियो सामने आने के बाद सीहोर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने विधायक के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने इसे लोकतंत्र का चीरहरण बताते हुए भाजपा पर धनबल और सत्ता के प्रभाव से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने इस मामले को चुनावी पारदर्शिता और निर्वाचित प्रतिनिधियों की स्वतंत्रता से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि यदि किसी चुनाव में सदस्यों की खरीद-फरोख्त हुई है, तो इसकी जांच होनी चाहिए।
उमंग सिंघार ने भी उठाए सवाल
मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी इस कथित वीडियो को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने चुनाव में धनबल के इस्तेमाल और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल उठाए।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि इस मामले में सामने आए दावे की वास्तविकता स्पष्ट होनी चाहिए। हालांकि, राजनीतिक नेताओं के आरोप अपने आप में कथित खरीद-फरोख्त का प्रमाण नहीं हैं।
विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने क्या कहा?
विवाद बढ़ने के बाद विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने यह बात केवल मजाक-मस्ती में कही थी। रिपोर्टों के अनुसार, विधायक ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसके पास कोई मुद्दा नहीं है और इसलिए वह इस बयान को राजनीतिक विवाद बना रही है।
विधायक की सफाई के बावजूद वीडियो को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। फिलहाल, कथित खरीद-फरोख्त की पुष्टि करने वाला कोई आधिकारिक जांच निष्कर्ष सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
जिला पंचायत प्रतिनिधि ने दी चुनौती
जिला पंचायत वार्ड क्रमांक 4 के प्रतिनिधि बनारस शंकरलाल पटेल ने भी विधायक के कथित बयान पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की कि यदि 10 सदस्यों को खरीदने का दावा किया गया है, तो उनके नाम सार्वजनिक किए जाएं। ऐसा नहीं होने पर उन्होंने जिला पंचायत सदस्यों से माफी मांगने की मांग की।
इस प्रतिक्रिया के बाद विवाद में एक नया मोड़ आया है। अब सवाल यह है कि क्या विधायक अपने कथित बयान के समर्थन में कोई ठोस तथ्य सामने रखेंगे या इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत की जाएगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष से विधायक तक का सफर
गोपाल सिंह इंजीनियर सीहोर जिला पंचायत के अध्यक्ष रह चुके हैं। बाद में उन्होंने भाजपा के टिकट पर आष्टा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और विधायक निर्वाचित हुए। जिला पंचायत अध्यक्ष के अपने पुराने कार्यकाल का जिक्र करते हुए दिया गया कथित बयान अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
क्या होगी आगे की कार्रवाई?
इस मामले में फिलहाल तीन सवाल महत्वपूर्ण हैं:
वायरल वीडियो का पूरा और प्रमाणिक संदर्भ क्या है?
क्या कथित खरीद-फरोख्त को लेकर कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है?
क्या संबंधित अधिकारी या जांच एजेंसी इस मामले में कोई कार्रवाई करेगी?
इन सवालों के जवाब सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सीहोर के आष्टा विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर के कथित बयान ने मध्य प्रदेश की राजनीति में बहस छेड़ दी है। कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर मुद्दा बता रही है, जबकि विधायक ने इसे मजाक-मस्ती में कही गई बात बताया है। फिलहाल, वायरल वीडियो और राजनीतिक आरोपों के बीच पूरे मामले की स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण है।
