पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद राज्य के अगले मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस बरकरार है। अभी तक किसी के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन भाजपा और जदयू (JD-U) के भीतर कई नामों पर चर्चा तेज है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रमुख दावेदार और चर्चा में चल रहे नाम
सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary): वर्तमान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे माने जा रहे हैं। राजनीतिक हलकों और सहयोगियों के बीच उनके नाम को लेकर काफी चर्चा है।
नित्यानंद राय (Nityanand Rai): केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का नाम भी एक मजबूत विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।
विजय कुमार सिन्हा (Vijay Kumar Sinha): वर्तमान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा भी इस रेस का हिस्सा हैं।
अन्य संभावित नाम: इनके अलावा बिहार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल, संजीव चौरसिया और नीतीश मिश्रा के नामों की भी अटकलें लगाई जा रही हैं।
ताजा स्थिति:
नीतीश कुमार के 10 अप्रैल 2026 के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने और राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने की संभावना है। इसके बाद एनडीए (NDA) विधायक दल की बैठक में आधिकारिक रूप से नए नेता और मुख्यमंत्री का चयन किया जाएगा। माना जा रहा है कि बिहार को अपना पहला भाजपा मुख्यमंत्री मिल सकता है।
नीतीश कुमार
नीतीश कुमार बिहार के वरिष्ठ राजनीतिज्ञ हैं और वर्तमान में राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा दे रहे हैं। उन्हें अक्सर “सुशासन बाबू” के नाम से जाना जाता है और वे जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख नेता हैं।
बिहार की राजनीति में इस समय बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
राज्यसभा सदस्यता: ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, नीतीश कुमार 10 अप्रैल 2026 को राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ ले सकते हैं।
इस्तीफे की संभावना: चर्चा है कि राज्यसभा सदस्य की शपथ लेने के बाद वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। उनके इस्तीफे के बाद बिहार में नए मुख्यमंत्री और नई सरकार के गठन को लेकर सियासी हलचल तेज है।
प्रमुख व्यक्तिगत और राजनीतिक जानकारी
जन्म: 1 मार्च 1951, बख्तियारपुर, पटना।
शिक्षा: उन्होंने बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (अब NIT पटना) से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त की है।
राजनीतिक सफर: उन्होंने 1974 के जेपी आंदोलन से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री का कार्यकाल: वे अब तक रिकॉर्ड 10 बार (विभिन्न कार्यकालों में) बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं।
केंद्रीय भूमिका: मुख्यमंत्री बनने से पहले वे केंद्र सरकार में रेल मंत्री, कृषि मंत्री और भूतल परिवहन मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।
इतिहास में सबसे अधिक 10 बार सीएम पद की शपथ ली
नीतीश कुमार बिहार के इतिहास में सबसे अधिक 10 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले नेता हैं। मार्च 2026 की रिपोर्टों के अनुसार, वे वर्तमान में बिहार के मुख्यमंत्री हैं, लेकिन उन्होंने हाल ही में राज्यसभा जाने का निर्णय लिया है और 10 अप्रैल 2026 को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं।
उनके कार्यकाल का विवरण
शपथ (क्रम) कार्यकाल की अवधि मुख्य गठबंधन/सहयोगी
पहली बार 3 मार्च 2000 – 10 मार्च 2000 (सिर्फ 7 दिन) NDA (बहुमत साबित नहीं कर सके)
दूसरी बार 24 नवंबर 2005 – 24 नवंबर 2010 NDA (भाजपा के साथ पूर्ण बहुमत)
तीसरी बार 26 नवंबर 2010 – 17 मई 2014 NDA (2014 में मांझी को सत्ता सौंपी)
चौथी बार 22 फरवरी 2015 – 19 नवंबर 2015 जीतन राम मांझी के इस्तीफे के बाद वापसी
पांचवीं बार 20 नवंबर 2015 – 26 जुलाई 2017 महागठबंधन (RJD और कांग्रेस के साथ)
छठी बार 27 जुलाई 2017 – 15 नवंबर 2020 NDA (भाजपा के साथ वापस आए)
सातवीं बार 16 नवंबर 2020 – 9 अगस्त 2022 NDA (चुनाव बाद फिर गठबंधन)
आठवीं बार 10 अगस्त 2022 – 27 जनवरी 2024 महागठबंधन (फिर RJD के साथ गए)
नौवीं बार 28 जनवरी 2024 – नवंबर 2025 NDA (दोबारा भाजपा के साथ आए)
दसवीं बार 20 नवंबर 2025 – वर्तमान (अप्रैल 2026) NDA (2025 विधानसभा चुनाव में जीत के बाद)
सबसे लंबा कार्यकाल: वे बिहार में 20 वर्षों से अधिक समय तक मुख्यमंत्री रहे हैं।
