भोपाल। मध्य प्रदेश में सत्ता वापसी में अहम भूमिका निभाने वाली लाड़ली बहना योजना की लोकप्रियता भले ही दिन—प्रतिदिन बढ़ रही है। इस योजना को देश के आधा दर्जन से अधिक राज्य इसे अपने यहां लागू कर चुके हैं। यही नहीं इन राज्यों में सत्ता हासिल करने और गढ़ बचाए रखने में लाड़ली बहना योजना ने बड़ा रोल निभाया है, लेकिन अब मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना में लाभार्थियों की संख्या लगातार घट रही है। सितंबर 2023 में जहां प्रदेश में 131.07 लाख लाड़ली बहनें थीं, वहीं जनवरी 2026 में यह संख्या घटकर 124.78 लाख रह गई है। यानी 27 माह में 6.28 लाख महिलाओं की संख्या कम हुई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने विधानसभा में बताया कि अनुसार योजना की शुरुआत में पंजीयन 1 करोड़ 31 लाख 6 हजार 525 था, जो वर्तमान में घटकर 1 करोड़ 25 लाख 29 हजार 51 रह गया है। सरकार के अनुसार, 60 वर्ष से अधिक आयु होने के कारण कई महिलाओं के नाम सूची से हटे हैं।
जिलों के आंकड़ों पर उठे सवाल
कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने देवास और शाजापुर जिलों में जून से अगस्त 2024 के बीच लाभार्थियों की संख्या बढ़ने का दावा करते हुए सवाल उठाया कि जब नए पंजीयन नहीं हुए, तो संख्या में वृद्धि कैसे दर्ज हुई। मंत्री ने लिखित जवाब में नए पंजीयन से इनकार किया है।
नए पंजीयन और राशि बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं
भूरिया ने स्पष्ट किया कि 10 अगस्त 2023 के बाद कोई नया पंजीयन नहीं किया गया है और वर्तमान में नए पंजीयन शुरू करने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। योजना की राशि बढ़ाने संबंधी भी कोई प्रस्ताव दर्ज नहीं है। ढाई साल में 21 से 23 वर्ष आयु वर्ग की 1.88 लाख लाड़ली बहनों की संख्या घटकर शून्य हो गई है।
कांग्रेस ने स्पष्ट जवाब के विरोध में किया वॉकआउट
कांग्रेस विधायकों ने लाड़ली बहना योजना के नए पंजीयन शुरू करने की मांग की। महेश परमार ने कहा कि 25 लाख बेटियों की उम्र 21 वर्ष से अधिक हो चुकी है, लेकिन उन्हें योजना का लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा है। सीएम ने कहा कि ढाई साल में राशि बढ़कर 1500 हो गई है। 2028 तक 3 हजार भी हो जाएगी। इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा-हमें सिर्फ इतना बता दीजिए कि जो बहनें 21 वर्ष की होकर योजना के पात्र होती जा रही हैं, उनके नए पंजीयन कब से होंगे। सीएम ने इसके जबाव में कहा कि चिंता मत करो सब होगा। इससे असंतुष्ट होकर कांग्रेस के सभी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना और उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार करना है।
योजना की वर्तमान स्थिति
(फरवरी 2026)
मासिक सहायता: वर्तमान में पात्र महिलाओं को ₹1,500 प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
ताज़ा अपडेट (33वीं किस्त): मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 14 फरवरी 2026 को योजना की 33वीं किस्त जारी की है, जिसके तहत प्रदेश की लगभग 1.25 करोड़ बहनों के खातों में ₹1,836 करोड़ की राशि ट्रांसफर की गई है।
बजट प्रावधान: वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने इस योजना हेतु ₹23,882 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया है।
पात्रता और शर्तें
योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित शर्तें अनिवार्य हैं:
निवासी: महिला मध्य प्रदेश की स्थानीय निवासी होनी चाहिए।
आयु: आवेदन के समय महिला की आयु 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
वैवाहिक स्थिति: विवाहित महिलाएं (विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता सहित) इस योजना के लिए पात्र हैं।
आय सीमा: परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम होनी चाहिए और परिवार का कोई सदस्य आयकर दाता या सरकारी कर्मचारी नहीं होना चाहिए।
आवेदन और स्टेटस चेक कैसे करें?
नया पंजीकरण: वर्तमान में नए पंजीकरण की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई नई तारीख घोषित नहीं की गई है।
स्टेटस चेक: आप मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना आवेदन नंबर या समग्र आईडी दर्ज करके भुगतान की स्थिति देख सकते हैं।
ई-केवाईसी (e-KYC): निरंतर लाभ पाने के लिए लाभार्थी का आधार लिंक और डीबीटी (DBT) सक्रिय होना अनिवार्य है।
