हेल्थ डेस्क। ब्रेस्ट कैंसर कोशिकाएं शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) से बचने के लिए कई चालाक तरीके अपनाती हैं। इस प्रक्रिया को ‘इम्यून इवेजन’ (Immune Evasion) कहा जाता है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!खुद को ‘अदृश्य’ बनाना (Low Immunogenicity)
इम्यून सिस्टम उन कोशिकाओं पर हमला करता है, जिनमें बाहरी या असामान्य प्रोटीन (Antigens) दिखते हैं। ब्रेस्ट कैंसर कोशिकाएं अक्सर अपने MHC-1 अणुओं (जो एंटीजन को सतह पर लाते हैं) को कम कर देती हैं, जिससे टी-कोशिकाएं (T-cells) उन्हें पहचान नहीं पातीं और वे अदृश्य बनी रहती हैं।
इम्यून चेकपॉइंट्स का दुरुपयोग
हमारे इम्यून सिस्टम में ‘चेकपॉइंट्स’ होते हैं जो स्वस्थ कोशिकाओं पर हमले को रोकते हैं। कैंसर कोशिकाएं अपनी सतह पर PD-L1 जैसे प्रोटीन बढ़ा लेती हैं। जब ये इम्यून सेल्स के PD-1 रिसेप्टर से जुड़ते हैं, तो इम्यून सेल को “रुकने” का संकेत मिलता है, जिससे वह कैंसर कोशिका पर हमला नहीं कर पाती।
सुरक्षा कवच बनाना (Immunosuppressive Microenvironment)
कैंसर कोशिकाएं अपने आसपास एक ऐसा वातावरण (Microenvironment) बना लेती हैं जो इम्यून सेल्स के लिए घातक होता है। वे TGF-β और IL-10 जैसे साइटोकाइन्स छोड़ती हैं, जो टी-कोशिकाओं की गतिविधियों को रोक देते हैं और कैंसर को बढ़ने में मदद करते हैं।
इम्यून सेल्स को ‘हाईजैक’ करना
ब्रेस्ट कैंसर कोशिकाएं शरीर की रक्षा करने वाली कोशिकाओं (जैसे Macrophages) को अपने पक्ष में कर लेती हैं। ये ‘हाईजैक’ की गई कोशिकाएं ट्यूमर को नष्ट करने के बजाय उसकी वृद्धि और रक्त वाहिकाओं के निर्माण में मदद करने लगती हैं।
डीएनए डैमेज अलार्म को दबाना
आक्रामक ब्रेस्ट कैंसर में FAM83H-AS1 जैसे अणु होते हैं जो शरीर के प्राकृतिक ‘DNA डैमेज अलार्म’ (cGAS-STING पाथवे) को बदल देते हैं। इससे कैंसर-रोधी हमला रुक जाता है और शरीर में केवल पुरानी सूजन (Chronic Inflammation) बनी रहती है, जो कैंसर के पनपने के लिए अनुकूल होती है।
दुनियाभर में ब्रेस्ट कैंसर के मरीज
विश्व स्तर पर स्तन कैंसर महिलाओं में सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है। साल 2022 के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में लगभग 23 लाख (2.3 million) महिलाओं में स्तन कैंसर का निदान किया गया और करीब 6,70,000 महिलाओं की इस बीमारी से मृत्यु हो गई।
वैश्विक आंकड़ों की मुख्य बातें (2022-2026):
व्यापकता: दुनिया के 185 में से 157 देशों में महिलाओं में यह सबसे आम कैंसर है।
आवृत्ति: दुनिया में हर 14 सेकंड में एक महिला में स्तन कैंसर का पता चलता है।
सर्वाधिक मामले वाले देश: साल 2022 में चीन, अमेरिका और भारत में स्तन कैंसर के सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए।
मृत्यु दर: स्तन कैंसर से होने वाली मौतों के मामले में भी भारत, चीन और अमेरिका शीर्ष पर रहे हैं।
आयु: हालांकि यह मुख्य रूप से 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को प्रभावित करता है, लेकिन लगभग 16% मामले 50 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं में भी देखे जा रहे हैं।
भविष्य का अनुमान (2050 तक):
लैंसेट ऑन्कोलॉजी और अन्य शोध संस्थानों की रिपोर्टों के अनुसार:
मामलों में वृद्धि: 2050 तक स्तन कैंसर के नए मामलों की संख्या बढ़कर 35.6 लाख तक पहुंचने का अनुमान है।
मृत्यु का आंकड़ा: 2050 तक सालाना मौतों की संख्या 13.7 लाख से 14 लाख के बीच हो सकती है।
प्रभाव: यह वृद्धि विशेष रूप से कम और मध्यम आय वाले देशों (जैसे भारत) में अधिक होने की संभावना है।
महत्वपूर्ण स्वास्थ्य तथ्य:
जल्दी पहचान: यदि शुरुआती स्टेज में ही इसका पता चल जाए, तो इलाज की सफलता दर 90% से अधिक होती है।
पुरुषों में स्तन कैंसर: हालांकि यह दुर्लभ है, लेकिन कुल स्तन कैंसर के मामलों में से 1% से भी कम मामले पुरुषों में भी पाए जाते हैं।
जागरूकता: हर साल अक्टूबर महीने को दुनिया भर में ‘ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता माह’ के रूप में मनाया जाता है।
