भोपाल। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के प्रभारी सहायक संचालक विनोद वर्मा को सांभर को पोहा खिलाने के मामले में तत्काल प्रभाव से 25 जून को निलंबित कर दिया गया है। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। मामले को लेकर कार्रवाई की मांग तेज हुई, जिसके बाद प्रमुख सचिव वन संदीप यादव के निर्देश पर यह कदम उठाया गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक राखी नंदा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में विनोद वर्मा एक सांभर के साथ अस्वाभाविक व्यवहार करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसे शासकीय दायित्वों के विपरीत और गंभीर लापरवाही माना गया है। यह वीडियो 21 जून का है। वन विभाग ने इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन मानते हुए मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत उन्हें निलंबित कर दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार सांभर जैसे वन्यजीवों को नमकयुक्त या मानव भोजन खिलाना खतरनाक हो सकता है। इससे वन्यजीवों में इंसानों पर निर्भरता बढऩे लगती है और वे बार-बार रिहायशी इलाकों की ओर आने लगते हैं। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा भी बढ़ जाता है।
निलंबन अवधि में विनोद वर्मा का मुख्यालय सहायक संचालक कार्यालय, पिपरिया (सतपुड़ा टाइगर रिजर्व) तय किया गया है। उन्हें क्षेत्र संचालक की अनुमति के बिना मुख्यालय छोडऩे की अनुमति नहीं होगी।
आरटीआई एक्टिविस्ट ने उठाए सवाल
आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे ने कहा कि प्रमुख सचिव वन संदीप यादव ने इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए सख्त कार्रवाई की, जिससे वन्यजीव संरक्षण को प्राथमिकता मिलने का संदेश गया। हालांकि, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र संचालक स्तर पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई और प्रमुख सचिव के निर्देश के बाद ही कदम उठाया गया।
