–भाजपा की प्राप्ति करीब 1,472.8 करोड़ रुपये, कांग्रेस को मिले 207.17 करोड़; भाजपा मुख्यालय का बैलेंस बढ़ा, कांग्रेस का उपलब्ध फंड घटा
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नई दिल्ली। गत अप्रैल में हुए 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा को करीब 1,472.8 करोड़ रुपए का चंदा मिला। यह रकम कांग्रेस की केंद्रीय और राज्य इकाइयों से मिले 207.17 करोड़ रुपए से 7 गुना ज्यादा है। चुनाव आयोग ने बुधवार को जानकारी दी। इन चुनावों में असम, केरलम, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी शामिल हैं। 4 मई को आए रिजल्ट में असम, बंगाल और पुडुचेरी में बीजेपी की जीत हुई थी। वहीं, केरलम में इंडिया और तमिलनाडु में टीवीके और कांग्रेस ने सरकार बनाई थी।
बीजेपी के केरलम और पश्चिम बंगाल चुनावों के खर्च के बयान अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं। इसलिए पार्टी की कुल रिसीट इससे ज्यादा होने की संभावना है। इन दोनों राज्यों के पूरे आंकड़े कब सार्वजनिक होंगे, यह अभी पता नहीं है। चुनावी अवधि के दौरान बीजेपी के केंद्रीय मुख्यालय का बैलेंस भी काफी बढ़ा। 15 मार्च को यह 6,722.6 करोड़ रुपए था, जो 6 मई को बढ़कर 7,627.2 करोड़ रुपए हो गया। यानी इस दौरान 904.6 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई। वहीं, कांग्रेस केंद्रीय मुख्यालय और 5 राज्य इकाइयों के पास चुनावी अवधि की शुरुआत में करीब 169.06 करोड़ रुपए थे। इसमें 22.9 करोड़ रुपए नकद और 146.1 करोड़ रुपए बैंक खातों में थे। 6 मई तक कांग्रेस के पास करीब 103.2 करोड़ रुपए बचे। यानी चुनावी उसके फंड में 65.86 करोड़ रुपए की कमी आई।
बीजेपी ने असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में करीब 159.7 करोड़ रुपए खर्च किए। इसमें करीब 130.4 करोड़ रुपए सामान्य पार्टी प्रचार पर और बाकी रकम उम्मीदवारों व इससे जुड़े खर्च पर लगे। असम में बीजेपी ने सबसे ज्यादा 96.27 करोड़ रुपए खर्च किए। इसमें 76.73 करोड़ रुपए सामान्य पार्टी प्रचार और 19.54 करोड़ रुपए उम्मीदवारों पर खर्च हुए। तमिलनाडु में बीजेपी का कुल खर्च 51.56 करोड़ रुपए रहा। इसमें 44.51 करोड़ रुपए सामान्य प्रचार और 7.05 करोड़ रुपए उम्मीदवारों पर खर्च हुए। तमिलनाडु में मीडिया विज्ञापनों पर करीब 23.96 करोड़ रुपए, स्टार प्रचारकों की यात्रा पर करीब 10.04 करोड़ रुपए और प्रचार सामग्री पर करीब 5.85 करोड़ रुपए खर्च किए गए। पुडुचेरी में बीजेपी ने 11.90 करोड़ रुपए खर्च किए। इसमें 9.19 करोड़ रुपए सामान्य प्रचार और 2.71 करोड़ रुपए उम्मीदवारों पर खर्च हुए।
कांग्रेस ने पांचों राज्यों में सामान्य पार्टी प्रचार पर 143 करोड़ रुपए और उम्मीदवारों पर 105.55 करोड़ रुपए खर्च किए। इस तरह उसका कुल चुनावी खर्च 248.55 करोड़ रुपए रहा। कांग्रेस के केंद्रीय मुख्यालय ने पांचों राज्यों में सामान्य प्रचार पर 40.52 करोड़ रुपए खर्च किए। राज्य और स्थानीय इकाइयों ने इसी मद में 102.49 करोड़ रुपए खर्च किए। कांग्रेस के सामान्य प्रचार खर्च में केरल का हिस्सा सबसे ज्यादा रहा। वहां पार्टी ने 59.28 करोड़ रुपए खर्च किए। केरल में कांग्रेस ने लेफ्ट फ्रंट को सत्ता से हटाया था। इसके बाद असम में सामान्य प्रचार पर 22.62 करोड़ रुपए खर्च किए।
मुख्य तथ्य
भाजपा की प्राप्ति: करीब 1,472.8 करोड़
कांग्रेस की प्राप्ति: करीब 207.17 करोड़
अंतर: लगभग 7 गुना
भाजपा मुख्यालय का बैलेंस: 6,722.6 करोड़ से बढ़कर 7,627.2 करोड़
कांग्रेस का उपलब्ध फंड: 169.06 करोड़ से घटकर करीब 103.2 करोड़
भाजपा का बताए गए तीन राज्यों में खर्च: करीब 159.7 करोड़
कांग्रेस का कुल चुनावी खर्च: करीब 248.55 करोड़
