-मप्र में 21 साल बाद सरकारी बस सेवा फिर हुई शुरू, मिलीं 351 सरकारी बसें
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भोपाल। मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में शुक्रवार को बड़ा कदम उठाया गया। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ किया। इस दौरान प्रदेश को पहले चरण में 351 बसों की सौगात मिली। कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने बसों की गुणवत्ता और प्रदूषण को लेकर अधिकारियों और बस संचालकों को सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वाहनों के स्टैंडर्ड और गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने परिवहन व्यवस्था में आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता वाली बसों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, परिवहन मंत्री राव उदय प्रताव सिंह, पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह, खेल एवं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
प्रदूषण पर गडकरी का सख्त रुख
गडकरी ने कहा कि देश में एयर पॉल्यूशन की समस्या को कम करने के लिए परिवहन क्षेत्र में बदलाव जरूरी है। उन्होंने अपने मंत्रालय की जिम्मेदारी का जिक्र करते हुए कहा कि करीब 40 फीसदी एयर पॉल्यूशन के लिए वह खुद को जिम्मेदार मानते हैं। उन्होंने बसों और सार्वजनिक परिवहन को अधिक स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की जरूरत बताई।
बसों की गुणवत्ता से समझौता नहीं
केंद्रीय मंत्री ने बसों के निर्माण और संचालन के मानकों को लेकर सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि बसों का स्टैंडर्ड निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने ठेकेदारों और संबंधित एजेंसियों को गुणवत्ता में लापरवाही नहीं करने की हिदायत देते हुए अपने अंदाज में कहा कि अगर मानकों का पालन नहीं हुआ तो वे कॉन्ट्रैक्टर्स को रगड़ देंगे।
MP में 351 बसों से शुरुआत
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत शुरुआती चरण में 351 बसों का संचालन शुरू किया गया है। इन बसों के जरिए प्रदेश में इंटरसिटी और इंट्रासिटी सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने की योजना है। पहले चरण में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड को बस सेवा से जोड़ा गया है।
गांवों से शहरों तक कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना
सरकार का लक्ष्य सार्वजनिक परिवहन के जरिए शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को मजबूत करना है। चरणबद्ध तरीके से बसों की संख्या बढ़ाने की योजना है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके।
सुरक्षा और तकनीक पर जोर
नई बस सेवा में यात्रियों की सुरक्षा के लिए GPS ट्रैकिंग, CCTV कैमरे और पैनिक बटन जैसी सुविधाओं पर जोर दिया गया है। बसों की निगरानी और संचालन को तकनीक आधारित बनाने की भी योजना है। मध्य प्रदेश में लंबे समय बाद सार्वजनिक बस परिवहन व्यवस्था के इस विस्तार को राज्य के शहरी और ग्रामीण परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
