—शिवपुरी में 113 करोड़ के सीवर प्रोजेक्ट में अनियमितताओं को लेकर की पोस्ट
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भोपाल/शिवपुरी। मध्यप्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केके मिश्रा ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के एक वीडियो को लेकर उनकी तारीफ की है। मिश्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सिंधिया को संबोधित करते हुए कहा कि शिवपुरी में 113 करोड़ रुपये के सीवर प्रोजेक्ट को लेकर उन्होंने जिस तरह कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की बात खुलकर कही, वह सराहनीय है। हालांकि, मिश्रा ने इसी के साथ सिंधिया से यह भी पूछा कि इस मामले में भ्रष्टाचार करने वाले कौन लोग हैं, इस पर भी उन्हें प्रकाश डालना चाहिए। उधर, कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने भी केंद्रीय मंत्री सिंधिया को वादा याद दिलाते हुए ट्वीट किया है।
केके मिश्रा ने अपनी पोस्ट की शुरुआत सिंधिया को “भाई साहब” कहकर की। उन्होंने लिखा कि संलग्न वीडियो देखने और सुनने के बाद उनके मन में सिंधिया के प्रति दिली सम्मान पैदा हुआ, क्योंकि उन्होंने शिवपुरी में अपने प्रयासों से हो रहे 113 करोड़ रुपये के सीवर प्रोजेक्ट को लेकर कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की बात खुलकर कही।
‘भ्रष्टाचार करने वालों पर भी प्रकाश डालते तो कृपा होती’
केके मिश्रा ने अपने पोस्ट में लिखा कि सिंधिया ने प्रोजेक्ट को लेकर जिस तरह खुलकर अपनी बात रखी, उससे उनके प्रति सम्मान पैदा हुआ। हालांकि उन्होंने सवाल भी उठाया कि “भ्रष्टाचार करने वाले कौन-कौन हैं, जरा इस पर भी प्रकाश डालते तो कृपा होती।” इस तरह मिश्रा ने एक ओर सिंधिया के बयान की सराहना की, वहीं दूसरी ओर कथित भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार लोगों के नाम सार्वजनिक किए जाने की मांग भी रखी।
‘अपनी ही सरकार के खिलाफ सच्चाई बताने के लिए तारीफ’
कांग्रेस नेता ने सिंधिया की राजनीतिक भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि एक केंद्रीय मंत्री के रूप में अपनी ही सरकार के खिलाफ खुलकर सच्चाई बताने के लिए वे उनकी तारीफ करने में कंजूसी नहीं करेंगे। मिश्रा ने लिखा कि वह इसके लिए सिंधिया को बधाई और आभार देते हैं।
सिंधिया के पुराने बयानों की दिलाई याद
केके मिश्रा ने अपनी पोस्ट में सिंधिया के पूर्व में दिए गए दो कथनों का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि उन्हें सिंधिया की कही दो बातें याद हैं—
“सड़क पर उतर जाऊंगा।”
और दूसरा—
“उसूलों पर आंच आए, तो लेकर टकराना जरूरी है, यदि ज़िंदा हैं-तो ज़िंदा नज़र आना जरूरी है।”
मिश्रा ने इन पुराने कथनों को मौजूदा सीवर प्रोजेक्ट के मुद्दे से जोड़ते हुए सिंधिया से आगे भी इसी तरह स्पष्ट रुख अपनाने का संकेत दिया।
शिवपुरी सीवर प्रोजेक्ट पर क्या है विवाद?
केके मिश्रा की पोस्ट का केंद्र शिवपुरी में करीब 113 करोड़ रुपये के सीवर प्रोजेक्ट को लेकर सामने आया विवाद है। उनके अनुसार सिंधिया ने खुद प्रोजेक्ट में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की बात कही है। अब इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि प्रोजेक्ट में अगर वास्तव में अनियमितताएं हुई हैं तो उनकी जिम्मेदारी किसकी है और संबंधित विभाग या एजेंसियों ने क्या कार्रवाई की है। इन सवालों पर आधिकारिक जांच या दस्तावेज सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
राजनीतिक मायने भी महत्वपूर्ण
मिश्रा का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि कांग्रेस नेता ने विपक्षी दल के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री सिंधिया की सार्वजनिक रूप से तारीफ की है। हालांकि उनकी पोस्ट में तारीफ के साथ ही जवाबदेही तय करने और कथित भ्रष्टाचार के जिम्मेदार लोगों के नाम सामने लाने की मांग भी की गई है।
अब देखना होगा कि सिंधिया या राज्य सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया आती है या शिवपुरी के सीवर प्रोजेक्ट से जुड़ी जांच अथवा कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक होती है।
पूर्व मंत्री वर्मा ने सिंधिया को याद दिलाया पुराना वादा, बोले- अब अपनी बात पर कायम रहने का वक्त
उधर, मध्यप्रदेश की राजनीति में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का बयान चर्चा में है। वर्मा ने सिंधिया को उनके पुराने बयान और राजनीतिक वादे की याद दिलाते हुए मौजूदा परिस्थितियों में उस पर कायम रहने की बात कही है।
वर्मा ने सिंधिया के पुराने रुख का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीति में कही गई बातों और किए गए वादों की अहमियत बनी रहती है। उन्होंने सिंधिया को उनके पूर्व में दिए गए बयान की याद दिलाते हुए सवाल उठाया कि अब उस बात को जमीन पर उतारने की दिशा में क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
सिंधिया के पुराने बयान का किया जिक्र
सज्जन सिंह वर्मा ने सिंधिया के पुराने बयानों को सामने रखते हुए कहा कि उन्होंने पहले भी अपने सिद्धांतों और राजनीतिक प्रतिबद्धताओं को लेकर स्पष्ट रुख जाहिर किया था। वर्मा का कहना है कि अब समय है कि उन बातों को मौजूदा परिस्थितियों के संदर्भ में देखा जाए।
सिंधिया और कांग्रेस के बीच राजनीतिक दूरी वर्ष 2020 में उस समय निर्णायक रूप से सामने आई थी, जब सिंधिया ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का रुख किया था। इसके बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ और कमलनाथ सरकार गिर गई। इस घटनाक्रम के बाद से ही कांग्रेस के नेता समय-समय पर सिंधिया के पुराने बयानों और उनके राजनीतिक फैसलों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। मध्यप्रदेश विधानसभा के रिकॉर्ड में भी 2021 की कार्यवाही के दौरान सज्जन सिंह वर्मा और सिंधिया को लेकर तीखी राजनीतिक बहस दर्ज है।
राजनीतिक बयान को लेकर चर्चा
वर्मा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्यप्रदेश की राजनीति में सिंधिया की भूमिका को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठाती रही है। दूसरी ओर, सिंधिया भाजपा सरकार में केंद्रीय मंत्री के रूप में काम कर रहे हैं।
वर्मा के बयान को कांग्रेस की ओर से सिंधिया के पुराने राजनीतिक रुख की याद दिलाने के प्रयास के तौर पर देखा जा सकता है। हालांकि, इस बयान के राजनीतिक मायने को लेकर अलग-अलग पक्षों की अपनी व्याख्या हो सकती है।
सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद बदला था राजनीतिक समीकरण
मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस से अलग होने के बाद उनके समर्थक विधायकों के इस्तीफे से मध्यप्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई थी। इसके बाद प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ। उस दौर में सिंधिया के समर्थक नेताओं और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चला था। सज्जन सिंह वर्मा उस समय कांग्रेस सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों में शामिल थे और विधानसभा में सिंधिया को लेकर कई बार राजनीतिक बहस में शामिल रहे हैं।
सज्जन सिंह वर्मा के ताजा बयान से एक बार फिर सिंधिया के पुराने राजनीतिक बयानों और 2020 के घटनाक्रम की चर्चा तेज हो सकती है। हालांकि, अभी तक केंद्रीय मंत्री सिंधिया की इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
