—शीतला माता मंदिर के पास बेकाबू ट्रक के श्रद्धालुओं को कुचलने के मामले में कार्रवाई
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ग्वालियर/भोपाल। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास श्रद्धालुओं को ट्रक से कुचलने की दर्दनाक घटना के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस विभाग पर बड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने झांसी रोड क्षेत्र के नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) रवि भदौरिया को पद से हटाने और तीन थाना प्रभारियों सहित आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही हादसे की विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय करने को कहा है। यह कार्रवाई सुरक्षा व्यवस्था में कथित लापरवाही को लेकर की गई है।
नो-एंट्री क्षेत्र में कैसे पहुंचा धान से भरा ट्रक?
घटना रविवार, 18 अक्टूबर 2026 की तड़के करीब 1:30 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, चिनोर की ओर से आ रहा धान से भरा ट्रक शीतला माता मंदिर की तरफ जाने वाले ढलान पर अनियंत्रित हो गया। ट्रक कथित तौर पर बैरिकेडिंग पार कर श्रद्धालुओं की भीड़ में घुस गया और मंदिर के बाहरी गेट तथा दीवार से टकरा गया। हादसे के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर की ओर जा रहे थे। ट्रक की चपेट में आने और दीवार-गेट के क्षतिग्रस्त होने से कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। मौके पर मौजूद दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए इस मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रतिबंधित मार्ग पर ट्रक कैसे पहुंचा और बैरिकेडिंग व पुलिस चेक-पॉइंट होने के बावजूद उसे रोका क्यों नहीं जा सका। जिला प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू की है और ट्रक की तकनीकी जांच के लिए परिवहन विभाग की टीम भी भेजी गई है।
CSP समेत नौ पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना को गंभीरता से लेते हुए विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। CSP को पद से हटाया गया है, जबकि आठ पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित किया गया है।
इन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई
- रवि भदौरिया: CSP, झांसी रोड — पद से हटाए गए।
- शक्ति सिंह यादव: झांसी रोड थाना प्रभारी — निलंबित।
- गीतेश शर्मा: आंतरी थाना प्रभारी — निलंबित।
- अभिषेक रघुवंशी: झांसी रोड यातायात थाना प्रभारी — निलंबित।
- राघवेंद्र जादौन: यातायात निरीक्षक — निलंबित।
- सुशील द्विवेदी: प्रधान आरक्षक — निलंबित।
- किशन खन्ना: आरक्षक — निलंबित।
- अनिल जैतपुरिया: आरक्षक — निलंबित।
- पवन सेंगर: आरक्षक — निलंबित।
जांच में दोषी मिले तो सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि हादसे में लापरवाही की भूमिका की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल विभागीय कार्रवाई को अंतिम दोष निर्धारण नहीं माना जाना चाहिए। जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
CM ने कहा—जनसुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री ने शीतला माता मंदिर के पास हुई घटना पर दुख जताते हुए कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को यह भी देखना होगा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही रोकने, बैरिकेडिंग लगाने, पुलिस बल तैनात करने और श्रद्धालुओं के सुरक्षित आवागमन के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं।
मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपए की सहायता
हादसे के पीड़ित परिवारों के लिए राज्य सरकार ने आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
- मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये।
- गंभीर रूप से घायलों को 2-2 लाख रुपये।
- अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये।
पीएम मोदी ने भी जताया दुख
घायलों के उपचार की व्यवस्था भी सरकार की ओर से किए जाने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने संबंधित मंत्रियों को ग्वालियर जाकर प्रभावित परिवारों और राहत व्यवस्थाओं का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता घोषित की है।
जांच में इन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे
ग्वालियर हादसे ने धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जांच में प्रमुख रूप से यह पता लगाया जाएगा कि
- प्रतिबंधित मार्ग पर ट्रक किस तरह पहुंचा?
- बैरिकेडिंग और पुलिस चेक-पॉइंट पर निगरानी की स्थिति क्या थी?
- हादसे के समय यातायात नियंत्रण और पुलिस तैनाती की क्या व्यवस्था थी?
- ट्रक के अनियंत्रित होने के पीछे तकनीकी खराबी, चालक की गलती या अन्य कारण थे?
- भविष्य में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कौन से अतिरिक्त इंतजाम किए जाने चाहिए?
जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है और हादसे की विस्तृत जांच जारी है। जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई और उसके लिए किस स्तर पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
घायलों से मिले सिंधिया
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जयारोग्य ट्रॉमा सेंटर एवं गुप्ता व परिवार अस्पताल पहुंचकर उपचाररत घायलों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और स्वास्थ्य की जानकारी ली। साथ ही, उनके परिजनों को ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में वे अकेले नहीं हैं। घायलों के बेहतर उपचार और पीड़ित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए सभी जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं। इस संकट की घड़ी में परिजनों के साथ खड़े रहना और उन्हें हर संभव मदद सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सिंधिया ने कहा, ग्वालियर में हुए भीषण सड़क हादसे ने मन को अत्यंत व्यथित कर दिया है। इस हृदयविदारक घटना में प्रभावित परिवारों की पीड़ा शब्दों में व्यक्त करना कठिन है।
