नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार अपना नौवां बजट पेश किया। पहली बार रविवार को संसद में पेश किए गए बजट में आम आदमी की जेब, कारोबारी फैसले और रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने के थोड़े बहुत संकेत मिले हैं। साथ ही बजट ने यह दिखाया कि कुछ चीजें अब सस्ती होंगी और कुछ महंगी, और यही फर्क हमारे खर्च और बचत पर असर डालेगा। विदेश यात्रा, पढ़ाई, हेल्थ या ट्रेडिंग, बजट के बाद इनपर थोड़ा बदलाव महसूस हो सकता है। आइए समझते हैं कि इस बजट के बाद मोटा-माटी क्या सस्ती होंगी और किन चीजों के लिए आपको जेब और ढीली करनी होगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सस्ती होने वाली चीजें
बजट में कई राहतें दी गई हैं, खासकर विदेशी खर्चों और कुछ जरूरी सामानों पर। विदेश घूमने के पैकेज अब पहले से सस्ते पड़ेंगे, क्योंकि ओवरसीज टूर पैकेज पर टीसीएस (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) की दर 5-20 फीसदी से घटाकर सिर्फ 2 फीसदी कर दी गई है। कोई न्यूनतम रकम की शर्त भी नहीं है। विदेश में पढ़ाई करने वालों को भी फायदा मिलेगा। लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत शिक्षा के खर्च पर TCS की दर 5 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी कर दी गई है। (मेडिकल खर्चों पर भी यही राहत है।)

कुछ खास सेक्टरों में भी छूट मिली है। जैसे, कैंसर और रेयर डिजीज की दवाओं पर बेसिक कस्टम्स ड्यूटी पूरी तरह हटा दी गई है। सोलर ग्लास बनाने वाली सामग्री, एनर्जी ट्रांजिशन के उपकरण, क्रिटिकल मिनरल्स के लिए कैपिटल गुड्स, सिविलियन एयरक्राफ्ट के पार्ट्स और माइक्रोवेव ओवन के पार्ट्स पर भी BCD छूट दी गई है।
पर्सनल यूज के लिए इंपोर्टेड सामान पर BCD 20 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दी गई है। भारतीय मछुआरों द्वारा पकड़ी गई मछली और न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए इंपोर्टेड सामान पर भी ड्यूटी छूट है।
ये चीजें होंगी महंगी
कुछ जगहों पर टैक्स बढ़ाने के फैसले भी लिए गए हैं। इनकम टैक्स में मिसरिपोर्टिंग करने पर अब टैक्स की रकम के बराबर 100 फीसदी पेनल्टी लगेगी। मूवेबल एसेट्स को छिपाने पर भी पेनल्टी का प्रावधान आ गया है।
शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करने वालों के लिए स्टॉक ऑप्शंस और फ्यूचर्स पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STD) बढ़ा दिया गया है। फ्यूचर्स पर यह 0.02 फीसदी से बढ़ाकर 0.05 फीसदी हो गया है। ये सारे बदलाव सीधे तौर पर लोगों की जेब को पर असर डाल सकते हैं, खासकर जो विदेश यात्रा, पढ़ाई या ट्रेडिंग करते हैं।

मुख्य बिंदु
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। इस बजट का मुख्य केंद्र ‘विकसित भारत @ 2047’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाना है।
2026-27 के बजट की प्रमुख घोषणाएं।
- प्रमुख आर्थिक आंकड़े कुल व्यय: 53.5 लाख करोड़ रुपए का अनुमान है।
राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit): वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4.3% रहने का अनुमान है।
नेट टैक्स प्राप्तियां: 28.7 लाख करोड़ रुपए होने का अनुमान लगाया गया है। - क्षेत्रीय घोषणाएं (Sectors)
MSME सेक्टर: MSMEs के पुनरुद्धार के लिए 10,000 करोड़ रुपए का SME फंड स्थापित करने का प्रस्ताव है।
कृषि: खादी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल की घोषणा की गई है।
शहरी विकास: नगर निगमों द्वारा एकल बॉन्ड जारी करने के लिए 100 करोड़ रुपए के प्रोत्साहन का प्रस्ताव दिया गया है।
टेक्सटाइल: कपड़ा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए एक एकीकृत कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव है।
- महत्वपूर्ण पहल और योजनाएं
शिक्षा: IGNOU और SPA (स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर) के फंड में 10-10 करोड़ रुपए की वृद्धि की गई है।
पर्यटन: 15 पुरातात्विक स्थलों को जीवंत सांस्कृतिक गंतव्यों के रूप में विकसित करने और 10,000 गाइडों के कौशल विकास की योजना है।
डिजिटल ज्ञान: सभी महत्वपूर्ण स्थानों के डिजिटल दस्तावेजीकरण के लिए नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड बनाया जाएगा।
- कर (Tax) और रियायतें
TCS में कटौती: विदेशी टूर पैकेज, शिक्षा और चिकित्सा के लिए TCS (Tax Collected at Source) की दरों में कटौती की गई है।
IT सेक्टर: IT सेवाओं के लिए ‘सेफ हार्बर’ की सीमा 300 करोड़ से बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपए कर दी गई है।
