भोपाल। मध्य प्रदेश में CAG रिपोर्ट ने राज्य की राजधानी में नए बने श्यामा प्रसाद मुखर्जी मार्ग (कोलार रोड) के टेंडर प्रोसेस पर आपत्ति जताई है। कोलार रोड का कॉन्ट्रैक्ट M/S बंसल कंस्ट्रक्शन्स वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया था। जब ऑर्गनाइजेशन ने टेंडर सबमिट किया, तो उसे 182.36 करोड़ रुपए में काम मिला। यह रकम PAC से 18.04% कम थी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!काम शुरू करने के बाद बंसल कंस्ट्रक्शन्स ने GST के बदले 23.84 करोड़ रुपए मांगे। CAG रिपोर्ट ने इस मांग को गलत बताया। अब कोर्ट इस मामले की सुनवाई कर रहा है। CAG रिपोर्ट के मुताबिक, PAC में GST शामिल था। रेट बताने से पहले कॉन्ट्रैक्टर को टेंडर में GST शामिल करना चाहिए था।
PWD के चीफ इंजीनियर ने रेट्स का ठीक से मूल्यांकन नहीं किया और कॉन्ट्रैक्टर के L1 रेट्स मान लिए। इसके बाद कंस्ट्रक्शन कंपनी ने GST की मांग की। अगर PWD अधिकारियों ने रेट्स खोलते समय इस पहलू की जांच की होती, तो बंसल कंस्ट्रक्शन्स का टेंडर कैंसिल हो जाता।
अपनी रिपोर्ट में CAG ने यह भी बताया कि 182 करोड़ रुपए के कॉन्ट्रैक्ट की लागत बढ़कर 302 करोड़ रुपए हो गई। टेंडर की दरों में 66% की बढ़ोतरी की गई। इस पृष्ठभूमि में, संगठन इस बड़ी रकम पर GST की मांग करेगा।
रिपोर्ट में सरकार की भी आलोचना की गई। मामले से निपटने के लिए सरकार द्वारा बनाई गई एक कमेटी ने बहुमत की राय के आधार पर GST देने की सिफारिश की। लेकिन सरकार ने कहा कि GST का भुगतान नहीं किया जाना चाहिए।
CAG के अनुसार, अगर GST का भुगतान किया जाता है, तो यह उस बिल ऑफ क्वांटिटी के दायरे से बाहर है, जिसमें लागत का अनुमान लगाने से पहले GST शामिल था।
रिपोर्ट के अनुसार, न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) द्वारा फाइनेंस किए गए प्रोजेक्ट्स के लिए कॉन्ट्रैक्टर द्वारा बताए गए रेट्स में GST शामिल है।
बंसल कंस्ट्रक्शन्स के अनुसार, उन्होंने जो रेट बताए थे, उनमें GST शामिल नहीं था। उनके अनुसार, कोर्ट उस केस की सुनवाई कर रहा है, जिसमें ऑर्गनाइजेशन ने GST की मांग की थी।
बंसल कंस्ट्रक्शन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
मध्य प्रदेश के प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट समूह, बंसल कंस्ट्रक्शन (Bansal Group/Bansal Construction Works Pvt. Ltd.) पर मार्च 2024 में सीबीआई (CBI) ने रिश्वतखोरी के एक बड़े मामले में कार्रवाई की थी। यह समूह भोपाल की प्रमुख इमारतों जैसे बंसल वन (Bansal One) और रानी कमलापति स्टेशन के निर्माण से जुड़ा रहा है।
बंसल कंस्ट्रक्शन से जुड़े घोटालों/जांच के मुख्य बिंदु
20 लाख की घूस और CBI की गिरफ्तारी (मार्च 2024): सीबीआई ने बंसल ग्रुप के डायरेक्टरों—अनिल बंसल और कुणाल बंसल—को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि कंपनी एनएचएआई (NHAI) के अधिकारियों को सड़क निर्माण के बिल पास कराने और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने के लिए रिश्वत दे रही थी।
1.10 करोड़ रुपए की नकद बरामदगी: CBI ने भोपाल, नागपुर और हरदा में की गई छापेमारी में 1.10 करोड़ रुपए से अधिक की नकद रकम और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए थे।
NHAI के साथ सांठगांठ: यह एक संगठित रैकेट जैसा लग रहा था, जिसमें बंसल कंस्ट्रक्शन के कर्मचारी, नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के जीएम और डीजीएम (अरविंद काले और बृजेश कुमार साहू) को रिश्वत पहुंचा रहे थे।
अवैध उत्खनन पर जुर्माना: बैतूल में अवैध उत्खनन के मामलों में भी बंसल कंस्ट्रक्शन ग्रुप पर 21 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया था।
GST और आयकर रेड: नवंबर 2022 में आयकर विभाग ने बंसल ग्रुप के 28 से ज्यादा ठिकानों पर छापा मारा था, जिसमें स्टील कारोबार में 70 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेनदेन की जांच की गई थी। दिसंबर 2025 (संभावित) में भी बंसल वन बिल्डिंग में GST की टीम ने छापेमारी की थी।
बंसल कंस्ट्रक्शन (Bansal Construction Works Pvt. Ltd.) हाल ही में सीबीआई (CBI) की बड़ी कार्रवाई और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के कारण चर्चा में रहा है।
2. कोलार रोड प्रोजेक्ट और CAG की आपत्तियां (फरवरी 2026)
हाल ही में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने भोपाल की कोलार रोड परियोजना में बंसल कंस्ट्रक्शन को मिले ठेके की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
लागत में बढ़ोतरी: 182.36 करोड़ रुपये का अनुबंध मूल्य 66% बढ़कर 302.60 करोड़ रुपए हो गया।
जीएसटी विवाद: कंपनी ने निविदा के समय दी गई बोली के बाद अतिरिक्त जीएसटी की मांग की, जिसे CAG ने अनियमित माना है। रिपोर्ट में पीडब्ल्यूडी (PWD) की कार्यशैली पर भी उंगली उठाई गई है कि उन्होंने बोली का सही मूल्यांकन नहीं किया।
- अन्य संबंधित मामले
जीएसटी छापा (दिसंबर 2025): भोपाल स्थित बंसल वन बिल्डिंग में स्थित ‘द रास्ता हाउस’ कैफे और ‘मायाबार’ पर करोड़ों की टैक्स चोरी की आशंका में जीएसटी टीम ने छापा मारा था।
दिल्ली PWD मामला: दिल्ली में भी बंसल से संबंधित एक फर्म (विनय बंसल) पर नाला निर्माण में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे थे, जिसमें अरविंद केजरीवाल के रिश्तेदार का नाम भी सामने आया था।
नोट: ‘बंसल’ नाम से कई अन्य बिल्डर्स (जैसे M3M के प्रमोटर रूप बंसल या पंजाब के प्रेम बंसल) भी धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में जांच के दायरे में रहे हैं, लेकिन भोपाल की बंसल कंस्ट्रक्शन वर्क्स मुख्य रूप से NHAI रिश्वतकांड और सरकारी ठेकों में अनियमितताओं के लिए चर्चा में है।
