सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने नामों को दी मंजूरी
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भोपाल/जबलपुर। मध्यप्रदेश से न्यायिक जगत की बड़ी खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सात अधिवक्ताओं को न्यायाधीश नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय 26 अक्टूबर 2026 को हुई कॉलेजियम की बैठक में लिया गया। अब इन नामों पर नियुक्ति की आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इन अधिवक्ताओं के नामों को मिली मंजूरी
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के अनुसार, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में न्यायाधीश पद के लिए जिन सात अधिवक्ताओं के नामों को मंजूरी दी गई है।
1. डॉ. विवेक शरण
2. राजेश कुमार शुक्ला
3. कनक गहरवार उर्फ कनक लता सिंह
4. भक्ति व्यास
5. श्रेयस पंडित
6. मृणाल एलकर उर्फ मृणाल मजूमदार
7. अविनाश जरगर
कॉलेजियम की मंजूरी के बाद क्या होगा?
हाईकोर्ट के न्यायाधीशों की नियुक्ति एक संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होती है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद केंद्र सरकार स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी और नियुक्ति संबंधी आधिकारिक अधिसूचना जारी होने पर नियुक्ति प्रभावी होती है। इसलिए कॉलेजियम की मंजूरी को अंतिम नियुक्ति नहीं माना जाना चाहिए। सातों अधिवक्ताओं के न्यायाधीश के रूप में कार्यभार ग्रहण करने की तारीख आधिकारिक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
हाईकोर्ट के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति न्यायिक व्यवस्था के सुचारु संचालन के लिए महत्वपूर्ण होती है। न्यायाधीशों की उपलब्धता का असर मामलों की सुनवाई, न्यायिक कामकाज और लंबित प्रकरणों के निपटारे की क्षमता पर पड़ सकता है। सात अधिवक्ताओं के नामों को मंजूरी मिलने से मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ी है। हालांकि, नियुक्तियों का वास्तविक प्रभाव उनकी अंतिम नियुक्ति और कार्यभार ग्रहण करने के बाद ही सामने आएगा।
हाईकोर्ट में सात अधिवक्ताओं को न्यायाधीश नियुक्त करने के प्रस्ताव को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 26 अक्टूबर 2026 को मंजूरी दी है। डॉ. विवेक शरण, राजेश कुमार शुक्ला, कनक गहरवार, भक्ति व्यास, श्रेयस पंडित, मृणाल एलकर और अविनाश जरगर के नाम इस सूची में शामिल हैं।
