एमपी बीजेपी कोर ग्रुप की मीटिंग में बड़े शहरों में रैली और मंत्रियों की विशेष टीम बनाने पर मंथन
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भोपाल। मध्य प्रदेश भाजपा की कोर ग्रुप बैठक में राज्यसभा की रिक्त सीट के लिए संभावित उम्मीदवारों के नामों, संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर चर्चा हुई। बैठक में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने, केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यों को जनता के सामने रखने से जुड़े मुद्दे भी प्रमुख रहे।
बैठक मुख्यमंत्री निवास, भोपाल में सोमवार को आयोजित हुई। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब और संगठन महामंत्री चंद्रशेखर तिवारी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही। बैठक से पहले संगठन की आगामी रणनीति और राज्यसभा उम्मीदवार के चयन पर चर्चा की संभावना जताई गई थी।
एक राज्यसभा सीट के लिए चुनाव
मध्य प्रदेश से खाली हुई राज्यसभा सीट के लिए भाजपा में उम्मीदवार चयन को लेकर हलचल तेज है। बैठक में संभावित दावेदारों के 4 से 5 नामों का पैनल तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजने की बात सामने आई है। अंतिम उम्मीदवार का चयन पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा।
केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद यह सीट रिक्त हुई है। फिलहाल किसी उम्मीदवार के नाम पर आधिकारिक मुहर लगने की पुष्टि नहीं है। ऐसे में पार्टी के अंतिम निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हैं।
भोपाल, इंदौर और जबलपुर में होंगी बड़ी रैलियां
भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान को लेकर प्रदेश में जनसंपर्क और बड़े आयोजनों की तैयारी की जा रही है। भोपाल, इंदौर और जबलपुर में बड़ी रैलियां आयोजित करने की योजना सामने आई है। अभियान के तहत एक लाख लोगों की भागीदारी का लक्ष्य निर्धारित किए जाने की जानकारी भी दी गई है।
इसके अलावा प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर कार्यक्रम आयोजित करने की रूपरेखा पर काम किया जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं के माध्यम से अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने और लोगों से सीधे संवाद करने पर जोर रहेगा।
केंद्र की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विशेष टीम
बैठक में केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए मंत्रियों के नेतृत्व में विशेष टीम बनाने पर चर्चा हुई। इसका उद्देश्य योजनाओं के क्रियान्वयन, पात्र लोगों तक जानकारी पहुंचाने और लाभ से वंचित लोगों की समस्याओं को सामने लाने से जुड़ा है।
इसके साथ ही केंद्र सरकार के प्रत्येक मंत्रालय से एक सांसद को जोड़ने की व्यवस्था पर भी विचार किया गया। इस व्यवस्था के जरिए योजनाओं की जानकारी और उनके लाभ को प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाने की कोशिश की जा सकती है।
खरगे की टिप्पणी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी को लेकर भाजपा में नाराजगी सामने आई है। जानकारी के अनुसार, बैठक में इस टिप्पणी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।
इस मुद्दे को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है। हालांकि, निंदा प्रस्ताव और बैठक के आधिकारिक विवरण अभी सामने नहीं आया है।
समान नागरिक संहिता पर भी चर्चा
बैठक में समान नागरिक संहिता (UCC) के मुद्दे पर भी मंथन होने की जानकारी सामने आई है। समान नागरिक संहिता देश में विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों के स्थान पर समान कानूनी प्रावधानों से संबंधित विषय है। इस मुद्दे पर आगे पार्टी की क्या रणनीति होगी और कोई औपचारिक निर्णय लिया गया है या नहीं, यह आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
मोहन सरकार के तीन साल के कामकाज को जनता तक पहुंचाने की तैयारी
मध्य प्रदेश सरकार के तीन साल के कार्यकाल की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। इसके तहत सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों और विभिन्न विभागों की उपलब्धियों को व्यवस्थित तरीके से लोगों के सामने रखने की तैयारी की जा रही है।
मंत्रियों, विधायकों और सांसदों के कार्यों को सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर भी विचार हुआ। यदि इसे लागू किया जाता है, तो जनता को जनप्रतिनिधियों के कामकाज और उनके द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी एक स्थान पर उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
15 नवंबर को बिरसा मुंडा जयंती के कार्यक्रमों की तैयारी
बैठक में 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी मंथन किया गया। आदिवासी समाज के बीच जनसंपर्क और जयंती से जुड़े आयोजनों की तैयारी के लिहाज से यह विषय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इन नामों पर चर्चा
स्मृति ईरानी (पूर्व केंद्रीय मंत्री) : केंद्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिका में दोबारा वापसी के लिए स्मृति ईरानी का नाम भी दिल्ली के गलियारों में तेजी से चर्चा में आया है।
लाल सिंह आर्य : भाजपा अनुसूचित जाति (SC) मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता लाल सिंह आर्य का नाम स्थानीय दावेदारों में सबसे मजबूत माना जा रहा है।
अरविंद भदौरिया : प्रदेश के पूर्व मंत्री और कद्दावर नेता अरविंद भदौरिया के नाम पर भी आज की बैठक में गंभीरता से चर्चा हुई है।
आशीष अग्रवाल : युवा चेहरे के तौर पर भाजपा के प्रदेश मीडिया समन्वयक आशीष अग्रवाल का नाम भी इस रेस में एक संभावित विकल्प के रूप में उभरा है।
