सिंहस्थ 2028 से पहले तैयार होगा मां बगलामुखी देवी लोक, सीएम ने किया भूमिपूजन
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भोपाल। मध्यप्रदेश में धार्मिक पर्यटन को विस्तार देने की दिशा में मां बगलामुखी देवी लोक परियोजना की शुरुआत हो गई है। आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 85 करोड़ 40 लाख रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। सरकार की योजना सिंहस्थ-2028 से पहले इस प्रमुख धार्मिक स्थल को भव्य स्वरूप देने की है। परियोजना के पहले चरण में मंदिर परिसर के विस्तार के साथ यज्ञशालाएं, गौशाला, प्रवेश द्वार और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्य किए जाएंगे। मंदिर तक आवागमन आसान बनाने के लिए फोरलेन मार्ग और नया बायपास विकसित करने की भी योजना है।
108 फीट ऊंचा होगा मंदिर का शिखर
मां बगलामुखी देवी लोक के पहले चरण में मुख्य मंदिर का निर्माण और परिसर का विस्तार प्रस्तावित है। परियोजना के प्रमुख निर्माण कार्यों में 2,800 वर्गमीटर क्षेत्र में मुख्य मंदिर और उसका 108 फीट ऊंचा शिखर शामिल है। धार्मिक अनुष्ठानों के लिए 220 यज्ञशालाएं बनाई जाएंगी। इसके अलावा 625 वर्गमीटर क्षेत्र में गौशाला, चार भव्य प्रवेश द्वार, परिसर की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवॉल और विशिष्ट अतिथियों के लिए वीवीआईपी भवन विकसित करने की योजना है।
परियोजना का उद्देश्य मंदिर परिसर को व्यवस्थित स्वरूप देना और बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाओं का विस्तार करना है। हालांकि, सभी निर्माण कार्यों की चरणवार समय-सीमा और पूर्णता की तारीख की अलग से आधिकारिक पुष्टि आवश्यक होगी।
सिंहस्थ-2028 से पहले विकास पूरा करने की तैयारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर विकास कार्यों को गति दी जा रही है। मां बगलामुखी देवी लोक को भी इसी व्यापक योजना के तहत विकसित किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर आवागमन, दर्शन और ठहरने की सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है। देवी लोक परियोजना पूरी होने पर मंदिर परिसर का विस्तार होने और क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर व्यापार, परिवहन, होटल और अन्य पर्यटन संबंधी गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिल सकता है। हालांकि, रोजगार और पर्यटकों की संख्या में संभावित वृद्धि परियोजना के क्रियान्वयन तथा श्रद्धालुओं की आवाजाही पर निर्भर करेगी।
मंदिर तक बनेगा नया फोरलेन और बायपास
परियोजना में धार्मिक निर्माण के साथ सड़क संपर्क को भी प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री ने मंदिर तक पहुंचने के लिए नए फोरलेन मार्ग के भूमिपूजन का उल्लेख किया। इसके साथ ही मां बगलामुखी धाम तक आवागमन को सुगम बनाने के लिए नया बायपास विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मंदिर मार्ग पर स्थित उस पुलिया का भी जिक्र किया, जहां दुर्घटना हुई थी। उन्होंने कहा कि पुलिया को नए सिरे से बनाया जाएगा और मार्ग को पर्याप्त चौड़ा किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो। सड़क और पुलिया के सुधार से मंदिर पहुंचने वाले वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने तथा सुरक्षा संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
लखुंदर नदी के किनारे बनेंगे घाट, धर्मशालाओं का होगा विकास
मां बगलामुखी मंदिर लखुंदर नदी के किनारे स्थित है। देवी लोक योजना के अंतर्गत नदी किनारे घाटों के विकास और श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए धर्मशालाओं की सुविधाएं बढ़ाने की बात कही गई है। इससे विशेष धार्मिक अवसरों, पर्वों और बड़े आयोजनों के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।
धार्मिक स्थलों पर पर्याप्त पार्किंग, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन जैसी सुविधाएं भी महत्वपूर्ण होती हैं। देवी लोक परियोजना के संचालन के दौरान इन व्यवस्थाओं की उपलब्धता और रखरखाव क्षेत्र की पर्यटन क्षमता को प्रभावित करेंगे।
महाकाल लोक की तर्ज पर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल
मुख्यमंत्री ने उज्जैन में महाकाल लोक के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों के विकास से आसपास के क्षेत्रों में भी बदलाव आता है। उन्होंने ओरछा, ओंकारेश्वर और प्रदेश के अन्य धार्मिक केंद्रों पर चल रहे विकास कार्यों का भी जिक्र किया।
सरकार प्रदेश के धार्मिक नगरों को बेहतर बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने और पर्यटन के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में नलखेड़ा के मां बगलामुखी मंदिर परिसर को देवी लोक के रूप में विकसित करने की पहल की जा रही है।
दस महाविद्याओं में शामिल हैं मां बगलामुखी
मां बगलामुखी को हिंदू धार्मिक परंपरा में दस महाविद्याओं में से एक माना जाता है। नलखेड़ा स्थित मंदिर में मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु दर्शन और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पहुंचते हैं। देवी लोक के निर्माण से मंदिर परिसर में धार्मिक गतिविधियों के लिए अधिक व्यवस्थित स्थान और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
सिंहस्थ-2028 से पहले इस परियोजना को गति देना सरकार की धार्मिक पर्यटन संबंधी तैयारियों का हिस्सा है। अब परियोजना की सफलता निर्माण कार्यों की समयबद्ध प्रगति, यातायात व्यवस्था, सुविधाओं के संचालन और परिसर के नियमित रखरखाव पर निर्भर करेगी।
सत्य सनातन यात्रा को लेकर कांग्रेस पर निशाना
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन यात्रा को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने चंदे और यात्रा के संदर्भ में विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि धार्मिक विषयों पर आस्था के साथ आगे बढ़ना चाहिए। मुख्यमंत्री ने राम मंदिर और सनातन धर्म से जुड़े मुद्दों पर भी कांग्रेस की आलोचना की।मुख्यमंत्री के इस बयान से कार्यक्रम में धार्मिक विकास के साथ राजनीतिक विमर्श भी चर्चा में रहा।
नलखेड़ा के विकास को मिल सकती है नई दिशा
मां बगलामुखी देवी लोक परियोजना नलखेड़ा में धार्मिक पर्यटन के बुनियादी ढांचे के विस्तार की महत्वपूर्ण पहल है। 85.40 करोड़ रुपये के पहले चरण में मंदिर, यज्ञशालाओं, गौशाला, प्रवेश द्वार और सड़क संपर्क से जुड़े कार्य प्रस्तावित हैं। यदि निर्माण कार्य निर्धारित योजना के अनुरूप पूरे होते हैं, तो सिंहस्थ-2028 के आसपास नलखेड़ा आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकती हैं।
मप्र में अब कितने लोक
अब तक प्रमुख रूप से तैयार लोक
- लोक का नाम स्थान स्थिति
- श्री महाकाल लोक उज्जैन लोकार्पित 2022 में उद्घाटन
- श्री हनुमान लोक जामसांवली प्रथम चरण का लोकार्पण 2026 में
- परशुराम लोक जानापाव एक रिपोर्ट में पूर्ण बताया गया है
- देवी लोक सलकनपुर निर्माण कार्य जारी
