भोपाल। कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने मप्र विधानसभा के बजट सेशन के दौरान डिप्टी लीडर ऑफ अपोजिशन LoP के पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने परिवार की जिम्मेदारियों और अपने इलाके को समय नहीं दे पाने का हवाला दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा मल्लिकार्जुन खरगे, जीतू पटवारी और उमंग सिंघार को सौंपा। BJP नेताओं ने इसे कांग्रेस का अंदरूनी मामला बताया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!हालांकि, 24 फरवरी को राजधानी भोपाल में कांग्रेस का बड़ा सम्मेलन होने जा रहा है, जिसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी आएंगे। ऐसे में पार्टी के नेशनल स्तर के सम्मेलन से पहले कटारे का उपनेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा देना राजनीतिक गलियारे में चर्चा का विषय बना हुआ है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस के महासचिव संजय कामले के मुताबिक, कटारे ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि मौजूदा हालात में वह अपने चुनाव क्षेत्र को पूरा समय और ध्यान नहीं दे पा रहे थे, इसलिए उन्होंने विपक्ष के डिप्टी लीडर का पद छोड़ने का फैसला किया। इस्तीफा स्वीकार करने या न करने का आखिरी फैसला MPCC प्रेसिडेंट जीतू पटवारी और पार्टी की टॉप लीडरशिप करेगी। हालांकि, कटारे ने स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस पार्टी में बने रहेंगे और विधायक के रूप में काम करते रहेंगे।
कांग्रेस का अंदरूनी मामला: BJP
इस मामले पर रिएक्शन देते हुए BJP के MLA और कई मंत्रियों ने इस्तीफे को कांग्रेस का अंदरूनी मामला बताया। हालांकि, मंत्री लखन पटेल ने मीडिया को बताया कि कांग्रेस के अंदर अंदरूनी झगड़े हो सकते हैं और आने वाले दिनों में और जानकारी सामने आ सकती है।
सियासी मायने
- इस्तीफा ऐसे समय आया है जब कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व का मध्य प्रदेश दौरा प्रस्तावित है।
- माना जा रहा है कि इस घटनाक्रम से प्रदेश कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति और संगठनात्मक रणनीति पर असर पड़ सकता है।
- अब पार्टी हाईकमान तय करेगा कि नया नेता प्रतिपक्ष किसे बनाया जाए।
पहले भी कई नेता दे चुके हैं इस्तीफा
मध्य प्रदेश की राजनीति में यह पहली बार नहीं है, जब नेता प्रतिपक्ष या उप नेता प्रतिपक्ष ने अपने पद से इस्तीफा दिया है। इसके पहले भी कई नेता अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं।
हेमंत कटारे (उपनेता प्रतिपक्ष) – फरवरी 2026
कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने 20 फरवरी 2026 को मध्य प्रदेश विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया।
कारण: उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे पारिवारिक जिम्मेदारियों और अपने निर्वाचन क्षेत्र (अटेर) की जनता को पर्याप्त समय न दे पाने का हवाला दिया है।
स्थिति: हालांकि उन्होंने पद से इस्तीफा दिया है, लेकिन वे कांग्रेस पार्टी के सदस्य बने हुए हैं।
कमल नाथ (नेता प्रतिपक्ष) – अप्रैल 2022
पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने 28 अप्रैल 2022 को मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दिया था।
कारण: उन्होंने कांग्रेस पार्टी की ‘एक व्यक्ति-एक पद’ (One Person-One Post) नीति के तहत यह कदम उठाया था, क्योंकि वे उस समय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC Chief) का पद भी संभाल रहे थे।
सत्यदेव कटारे: इनका निधन 2016 में पद पर रहते हुए हुआ था, जिसके बाद बाला बच्चन को कार्यकारी नेता प्रतिपक्ष बनाया गया था।
उत्तराधिकारी: उनके इस्तीफे के बाद डॉ. गोविंद सिंह को नया नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया गया था।
चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी —2013
चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी ने मध्य प्रदेश विधानसभा के 13वें सत्र के दौरान विपक्ष के उपनेता और बाद में विपक्ष के नेता के रूप में भी कार्य किया।
दल परिवर्तन: उन्होंने 2013 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था, लेकिन 2019 में वे पुनः कांग्रेस में वापस आ गए।
अन्य महत्वपूर्ण जानकारी:
वर्तमान स्थिति: वर्तमान में मध्य प्रदेश विधानसभा में उमंग सिंघार नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं (दिसंबर 2023 से)।
ऐतिहासिक रूप से, कई अन्य नेताओं ने भी कार्यकाल पूरा होने या राजनीतिक बदलावों के कारण यह पद छोड़ा है, लेकिन हालिया चर्चित इस्तीफे उपरोक्त ही हैं।
नेता प्रतिपक्ष (पूर्व में इस्तीफा देने वाले)
मध्य प्रदेश विधानसभा के इतिहास में कई नेताओं ने इस पद को छोड़ा है, लेकिन हाल के वर्षों में ‘इस्तीफे’ के रूप में चर्चित नाम हैं।
अन्य पूर्व नेता प्रतिपक्ष: ऐतिहासिक रूप से म.प्र. विधानसभा में कई दिग्गज इस पद पर रहे हैं, जिनमें अजय सिंह (राहुल भैया), गोपाल भार्गव, सत्यदेव कटारे और जमुना देवी शामिल हैं।
वर्तमान स्थिति (फरवरी 2026)
नेता प्रतिपक्ष: उमंग सिंघार (वर्तमान में इस पद पर बने हुए हैं)।
उपनेता प्रतिपक्ष: हेमंत कटारे (इस्तीफा सौंपा, जो अभी चर्चा में है)।
मप्र में अब तक रहे नेता प्रतिपक्ष और उप नेता प्रतिपक्ष
नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition)
वर्तमान में उमंग सिंघार (कांग्रेस) मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष हैं। प्रमुख नेता प्रतिपक्षों में विश्वनाथ यादवराव तामस्कर, वीरेन्द्र कुमार सखलेचा, श्यामाचरण शुक्ल, कैलाश जोशी, सुंदरलाल पटवा, विक्रम वर्मा, जमुना देवी, अजय सिंह, सत्यदेव कटारे, और कमल नाथ शामिल हैं। हाल के समय में डॉ. गोविन्द सिंह और अब उमंग सिंघार इस पद पर रहे हैं।
उप नेता प्रतिपक्ष (Deputy Leader of Opposition)
हालिया अपडेट के अनुसार, हेमंत कटारे ने फरवरी 2026 में इस पद से इस्तीफा दे दिया है। ऐतिहासिक रूप से, विष्णु विनायक सरवटे, रामकिशोर शुक्ल, भेरूलाल पाटीदार, ईश्वरदास रोहाणी, हजारीलाल रघुवंशी, और बाला बच्चन जैसे नेता इस पद पर रहे हैं।
