—दो दिन पहले नगर निगम आयुक्त को हटाने के बाद अब अपर आयुक्त भी बदले
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भोपाल। मध्य प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल के तहत राज्य शासन ने तीन भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों की नवीन पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार भोपाल नगर निगम, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा भोपाल स्मार्ट सिटी से जुड़ी जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। इस फेरबदल में भोपाल के अपर कलेक्टर सुमित कुमार पाण्डेय को भोपाल स्मार्ट सिटी का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। उन्हें भोपाल नगर निगम के अपर आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
गौरतलब है कि दो दिन पहले राज्य सरकार ने भोपाल नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन को भी हटा दिया था। इसके बाद अब भोपाल नगर निगम में अपर आयुक्तों के भी तबादले किए गए हैं।
तीन अधिकारियों की नई पदस्थापना
राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अधिकारियों को आगामी आदेश तक नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। फेरबदल में अक्षय कुमार तेम्रवाल और अभिषेक सराफ की पदस्थापना भी बदली गई है।
अक्षय कुमार तेम्रवाल को नगरीय प्रशासन विभाग भेजा
भोपाल नगर निगम में अपर आयुक्त के पद पर कार्यरत IAS अधिकारी अक्षय कुमार तेम्रवाल को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, भोपाल में अपर आयुक्त पदस्थ किया गया है। इस बदलाव के साथ उनकी जिम्मेदारी नगर निगम से विभागीय प्रशासन की ओर स्थानांतरित हुई है।
अभिषेक सराफ बने नगर निगम के अपर आयुक्त
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में अपर आयुक्त के पद पर कार्यरत IAS अधिकारी अभिषेक सराफ को भोपाल नगर निगम में अपर आयुक्त नियुक्त किया गया है। अब वे नगर निगम के प्रशासनिक कामकाज से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालेंगे।
सुमित कुमार पाण्डेय को स्मार्ट सिटी की कमान
भोपाल जिले में अपर कलेक्टर के पद पर कार्यरत IAS अधिकारी सुमित कुमार पाण्डेय को भोपाल स्मार्ट सिटी का CEO बनाया गया है। इसके अलावा उन्हें भोपाल नगर निगम के अपर आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। इस नियुक्ति के बाद उनके पास स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और नगर निगम से संबंधित अतिरिक्त प्रशासनिक दायित्व रहेंगे।
शहरी विकास और नगर निगम के कामकाज पर नजर
भोपाल में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, नगरीय सेवाओं और नगर निगम के प्रशासनिक कार्यों का महत्व लगातार बना हुआ है। ऐसे में इन पदस्थापनाओं के बाद संबंधित अधिकारियों की भूमिका शहर की विकास योजनाओं, नागरिक सुविधाओं और विभागीय समन्वय के संचालन में महत्वपूर्ण रहेगी।

