-सीट पर 12 नवंबर को उपचुनाव, आयोग ने जारी किया पूरा शेड्यूल
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई सीट पर उपचुनाव की तारीख घोषित कर दी गई है। भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस सीट के लिए 12 नवंबर 2026 को मतदान होगा। उसी दिन शाम को मतगणना भी कराई जाएगी।
इस उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 26 अक्टूबर से शुरू होगी। उम्मीदवार 2 नवंबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। ऐसे में मध्यप्रदेश में राज्यसभा की इस सीट को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
14 अक्टूबर को रिक्त हुई थी सीट
डॉ. एल. मुरुगन मध्यप्रदेश से राज्यसभा के सदस्य थे। उन्होंने केंद्रीय मंत्रिपरिषद में राज्य मंत्री के पद के साथ राज्यसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दिया था। उनका इस्तीफा 14 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हुआ, जिसके बाद यह सीट रिक्त हो गई।
मुरुगन का राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल 2 अप्रैल 2030 तक निर्धारित था। अब उपचुनाव के जरिए इस रिक्त सीट को भरा जाएगा।
तमिलनाडु में संगठन मजबूत करने के लिए दिया इस्तीफा
डॉ. एल. मुरुगन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में कहा था कि वह जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ काम करना चाहते हैं। उन्होंने तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी के संगठन को मजबूत करने के लिए अपना पूरा समय देने की इच्छा जताई थी।
मुरुगन सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभा चुके हैं। उनके इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार में भी उनके मंत्री पद रिक्त हुए।
राज्यसभा उपचुनाव का पूरा कार्यक्रम
भारत निर्वाचन आयोग की ओर से घोषित कार्यक्रम के अनुसार चुनाव की प्रमुख तारीखें इस प्रकार हैं।
- 26 अक्टूबर 2026: चुनाव की अधिसूचना जारी होगी।
- 2 नवंबर 2026: नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख।
- 3 नवंबर 2026: नामांकन पत्रों की जांच।
- 5 नवंबर 2026: नाम वापस लेने की अंतिम तारीख।
- 12 नवंबर 2026: मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक।
- 12 नवंबर 2026: शाम 5 बजे से मतगणना।
- 16 नवंबर 2026: चुनाव प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तारीख।
कैसे चुना जाएगा नया राज्यसभा सांसद?
राज्यसभा के इस उपचुनाव में आम जनता सीधे मतदान नहीं करती। राज्यसभा के निर्वाचित होने वाले सदस्य का चयन मध्यप्रदेश विधानसभा के निर्वाचित विधायक निर्धारित चुनाव प्रक्रिया के तहत करते हैं।
इसलिए विधानसभा में राजनीतिक दलों की संख्या और विधायकों का समर्थन चुनाव के परिणाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उम्मीदवारों के नामांकन और राजनीतिक दलों की आधिकारिक घोषणाओं के बाद चुनावी तस्वीर और स्पष्ट होगी।
भाजपा और कांग्रेस की रणनीति पर रहेगी नजर
मुरुगन की खाली हुई सीट के लिए होने वाला उपचुनाव राज्यसभा में मध्यप्रदेश के प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि भाजपा और कांग्रेस सहित प्रमुख राजनीतिक दल किस तरह की रणनीति अपनाते हैं और उम्मीदवार के रूप में किसे मैदान में उतारते हैं।
हालांकि, निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम घोषित किया है, लेकिन उम्मीदवारों के नाम और अंतिम चुनावी स्थिति के संबंध में संबंधित दलों की आधिकारिक घोषणाओं की प्रतीक्षा करनी होगी।
चुनाव आयोग ने क्या दिए निर्देश?
निर्वाचन आयोग ने मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए निर्धारित नियमों का पालन करने पर जोर दिया है। राज्यसभा चुनाव में मतदाता विधायक मतपत्र पर अपनी प्राथमिकताएं दर्ज करते हैं। इसके लिए निर्वाचन अधिकारी की ओर से उपलब्ध कराए गए निर्धारित बैंगनी रंग के स्केच पेन का ही इस्तेमाल किया जाएगा।
चुनाव प्रक्रिया को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना है। मतदान के बाद उसी दिन मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाने की व्यवस्था है।
डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई मध्यप्रदेश की राज्यसभा सीट पर 12 नवंबर को उपचुनाव होगा। नामांकन प्रक्रिया 26 अक्टूबर से शुरू होकर 2 नवंबर तक चलेगी। अब राजनीतिक दलों की उम्मीदवार चयन प्रक्रिया और विधानसभा में विधायकों के समर्थन पर सभी की नजर रहेगी।
