भोपाल। मध्य प्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत लाड़लियों को 1 लाख रुपए मिलते हैं, लेकिन यह राशि सिर्फ उन्हीं लाड़ली लक्ष्मियों को मिलेगी, जो Class 12 में एडमिशन के साथ पात्रता के आधार पर स्कीम का फायदा पाने के लिए एलिजिबल है और सिर्फ 20% बेनिफिशियरी को ही ₹1 लाख मिलेंगे।यह बात राज्य सरकार ने सोमवार को कांग्रेस MLA प्रताप ग्रेवाल के सवाल के लिखित जवाब में कही।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दरअसल, कांग्रेस विधायक के सवाल के जवाब में मप्र की महिला और बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने बतायाकि 2007 से 2025 तक 52.2 लाख लाड़ली लक्ष्मी रजिस्टर्ड हुईं। सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन 2012 में 354,271 हुए थे, उसके बाद 2021 में 3,44,649 हुए। 2025 में, 272,006 रजिस्ट्रेशन हुए। हर साल रजिस्ट्रेशन की संख्या में फर्क के बारे में, मंत्री भूरिया ने कहा कि रजिस्ट्रेशन एलिजिबिलिटी के हिसाब से किया गया था।
उन्होंने कहा कि 2025-26 तक, 26.13 लाख योग्य लाड़ली लक्ष्मी में से 13.68 लाख या 52.35% क्लास 6 में, 42.21% क्लास 9 में, 24.72% क्लास 11 में, 19.97% क्लास 12 में, 5.87% ग्रेजुएशन में और 0.33% पोस्टग्रेजुएट पढ़ाई में एनरोल होंगी।
लाडली लक्ष्मी योजना की शर्तों के अनुसार, क्लास 12 में एडमिशन लेने वाली लड़कियों को 21 साल की उम्र पूरी होने पर 1 लाख रुपये मिलेंगे। इस हिसाब से, 2027 में लगभग 5,000 और 2028 में 40,000 लड़कियों को फायदा होगा।
कांग्रेस MLA प्रताप ग्रेवाल के अनुसार, इस योजना से महिलाओं के एजुकेशन लेवल को बेहतर बनाने का टारगेट पूरा नहीं हुआ। सरकार ने इसे लागू करने पर ध्यान नहीं दिया और इसे सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया गया।

लाड़ली लक्ष्मी योजना
मध्य प्रदेश सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य बेटियों के जन्म के प्रति समाज के दृष्टिकोण को बदलना और उनके शैक्षणिक व आर्थिक भविष्य को सुरक्षित करना है।
मुख्य लाभ (1.43 लाख रुपए का आश्वासन)
पंजीकरण के बाद बालिका को ₹1,43,000 का आश्वासन प्रमाण पत्र दिया जाता है, जिसका भुगतान विभिन्न चरणों में होता है।
स्कूली शिक्षा:
कक्षा 6वीं में प्रवेश पर: ₹2,000
कक्षा 9वीं में प्रवेश पर: ₹4,000
कक्षा 11वीं और 12वीं में प्रवेश पर: ₹6,000 प्रत्येक
उच्च शिक्षा: स्नातक या व्यावसायिक पाठ्यक्रम (न्यूनतम 2 वर्ष) में प्रवेश पर ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि दो किस्तों में मिलती है।
अंतिम भुगतान: बालिका के 21 वर्ष पूर्ण होने पर ₹1,00,000 का भुगतान किया जाता है, बशर्ते उसका विवाह 18 वर्ष से पहले न हुआ हो और वह 12वीं की परीक्षा में सम्मिलित हुई हो।
पात्रता और शर्तें
निवास: माता-पिता मध्य प्रदेश के मूल निवासी होने चाहिए।
जन्म तिथि: बालिका का जन्म 1 जनवरी 2006 या उसके बाद हुआ हो。
परिवार नियोजन: माता-पिता आयकर दाता न हों और दो या दो से कम संतान होने पर परिवार नियोजन अपनाया गया हो (पहली बालिका के मामले में यह शर्त नहीं है)।
पंजीकरण: बालिका का आंगनवाड़ी केंद्र में पंजीकरण होना अनिवार्य है।
आवेदन कैसे करें?
आप स्वयं या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:
आधिकारिक वेबसाइट ladlilaxmi.mp.gov.in पर जाएं।
जरूरी दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता का पहचान पत्र और समग्र आईडी तैयार रखें।
पोर्टल पर अपना प्रमाण पत्र डाउनलोड भी कर सकते हैं।
लाड़ली लक्ष्मी योजना: अब तक मिला लाभ
मध्य प्रदेश की लाड़ली लक्ष्मी योजना से अब तक कुल 52 लाख 29 हजार से अधिक बालिकाओं को लाभ मिल चुका है। वर्ष 2024-25 के दौरान ही योजना 2.0 के तहत 24,396 नई बालिकाओं का पंजीकरण किया गया है। योजना के तहत वर्षवार पंजीकृत (लाभान्वित) बालिकाएं।
2024-2026 तक का कुल आंकड़ा: अब तक कुल 52.29 लाख बालिकाएं लाभान्वित हो चुकी हैं।
2024-25: अकेले इस वित्तीय वर्ष में 24,396 नई बालिकाओं का पंजीकरण हुआ।
2021-22: 3,19,102 पंजीकृत बालिकाएं।
2020-21: 3,45,064 पंजीकृत बालिकाएं।
2019-20: 3,31,549 पंजीकृत बालिकाएं।
2018-19: 3,32,595 पंजीकृत बालिकाएं।
2017-18: 3,23,558 पंजीकृत बालिकाएं।
2016-17: 3,12,758 पंजीकृत बालिकाएं।
2015-16: 2,55,206 पंजीकृत बालिकाएं।
2014-15: 2,52,745 पंजीकृत बालिकाएं।
2013-14: 2,80,585 पंजीकृत बालिकाएं।
2012-13: 3,18,912 पंजीकृत बालिकाएं।
मुख्य जानकारी:
सरकार ने इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए अब तक ₹12,932 करोड़ से अधिक का निवेश किया है।
आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भी इस योजना हेतु ₹1,800 करोड़ का बजट प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।
