लखनऊ। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के पूर्व महासचिव चंपत राय को क्लीनचिट दे दी है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर उप्र के गृह विभाग ने एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने जांच रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के पूर्व महासचिव चंपत राय का नाम आरोपी के तौर पर शामिल नहीं है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रिपोर्ट में सिर्फ चोरी करने वाले आठ लोगों को ही आरोपी माना गया है, जिनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू को आरोपी माना गया है। अनिल मिश्रा अभी जांच के दायरे में हैं।
बता दें, चंपत राय और अनिल मिश्रा ने मामले में जांच शुरू होने के बाद अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के बाद चंपत राय ने अयोध्या में चार महीने की चातुर्मास साधना शुरू करने का फैसला किया था। वे 21 नवंबर तक अयोध्या में ही रहकर राम मंत्र का जाप और रामचरितमानस का पाठ करेंगे। वे रोज करीब छह घंटे मौन रहकर साधना करते हैं। 7 जून से वे रामकोट स्थित तीर्थ क्षेत्र भवन में एकांतवास में है।
दूसरी तरफ, अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद के लिए चयन प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इस पद के लिए इंटरव्यू का दौर पूरा हो चुका है। अब तीन नामों का एक फाइनल पैनल तैयार कर लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, इस पद की रेस में उत्तर प्रदेश के दो जाने-माने अधिकारी सबसे आगे चल रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इस रेस में योगेश्वर राम मिश्रा और राजेश पांडे के नाम पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। राम मंदिर के सीईओ पद के लिए चयन प्रक्रिया काफी लंबी और कड़ी रही है। शुरुआत में देश भर से 5,585 आवेदन मिले थे, इनमें से 3,877 उम्मीदवारों ने विस्तृत बायोडाटा उपलब्ध कराया था, जिसके बाद इंटरव्यू का दौर शुरू हुआ था।
