भोपाल। मध्य प्रदेश में मोहन सरकार में लंबे मंथन के बाद आखिरकार राजनीतिक नियुक्तियों का सिलसिला शुरू हो गया है। इन नियुक्तियों में ग्वालियर—चंबल अंचल का दबदबा दिख रहा है। यह इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि अब तक की गई राजनीतिक नियुक्तियों में अधिकतर इस अंचल से आते हैं। इनमें जहां पूर्व विधायक, सांसद से लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं को उपकृत किया गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रदेश में पिछले गुरुवार से शुरू हुआ राजनीतिक नियुक्तियां का दौर जारी है। अब ग्वालियर के BJP नेता महेंद्र सिंह यादव को एपेक्स बैंक का प्रशासक नियुक्त किया गया है। पिछले चार दिनों में, 14 नेताओं को मंत्री का दर्जा दिया गया है।
अब तक किन नेताओं को मिला मंत्री दर्जा
23 अप्रैल को नियुक्तियां
रामलाल रौतेल: अध्यक्ष, अनुसूचित जनजाति आयोग
मंगल सिंह धुर्वे और भगत नेताम: सदस्य, अनुसूचित जनजाति आयोग (पूर्व विधायक)
कैलाश जाटव: अध्यक्ष, अनुसूचित जाति आयोग
रामलाल मालवीय और बरेलाल अहिरवार: सदस्य, अनुसूचित जाति आयोग
24 अप्रैल को नियुक्तियां
केशव सिंह बघेल: अध्यक्ष, पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम
अशोक जादौन: अध्यक्ष, ग्वालियर मेला प्राधिकरण
उदयवीर सिंह गुर्जर: उपाध्यक्ष, ग्वालियर मेला प्राधिकरण
25 अप्रैल को नियुक्तियां
केपी यादव: अध्यक्ष, नागरिक आपूर्ति निगम (पूर्व सांसद)
संजीव कंकर: उपाध्यक्ष, नागरिक आपूर्ति निगम
संजय नागाइच: अध्यक्ष, वेयर हाउसिंग निगम
केशव सिंह भदौरिया: अध्यक्ष, महाराणा प्रताप बोर्ड
राजनीतिक नियुक्तियां: कौन किस खेमे से
प्रमुख आयोग नियुक्तियां (अप्रैल 2026)
रामलाल रौतेल (अध्यक्ष – अनुसूचित जनजाति आयोग): पूर्व विधायक, भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता।
कैलाश जाटव (अध्यक्ष – अनुसूचित जाति आयोग): पूर्व विधायक, भाजपा के वरिष्ठ दलित नेता।
अन्य सदस्य (ST/SC आयोग): भगत नेताम, मंगल सिंह धुरवे (ST आयोग) और अन्य- ये सभी भाजपा के जमीनी कार्यकर्ता/नेता माने जाते हैं।
स्थानीय/प्राधिकरण नियुक्तियां (मार्च-अप्रैल 2026)
अशोक जादौन (अध्यक्ष – ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण): विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर के अत्यंत करीबी माने जाते हैं।
उदयवीर सिंह गुर्जर (उपाध्यक्ष – ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण): ग्वालियर क्षेत्र के सक्रिय भाजपा नेता।
महेंद्र सिंह यादव (अपेक्स बैंक चेयरमैन): बीज विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष, क्षेत्र के वरिष्ठ नेता।
नियुक्तियों में ‘खेमा’ और संतुलन (विश्लेषण)
मोहन यादव सरकार ने नियुक्तियों में वैचारिक निष्ठा और क्षेत्रीय संतुलन का ध्यान रखा है।
नरेन्द्र सिंह तोमर खेमा: ग्वालियर-चंबल संभाग में तोमर समर्थक नेताओं (जैसे अशोक जादौन) को प्रमुखता मिली है।
संगठन/शिवराज सिंह चौहान खेमा: रामलाल रौतेल जैसे वरिष्ठ नेताओं को आयोग में जगह देकर जमीनी कार्यकर्ताओं को साधने की कोशिश की गई है।
मोहन यादव (सीएम) खेमा: नियुक्तियों में युवा और जमीनी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
एल्डरमैन नियुक्तियां: मार्च 2026 में राज्य की नगर पालिकाओं और परिषदों में 169 एल्डरमैन नियुक्त किए गए, जो पूरी तरह से बीजेपी संगठन के वफादार हैं।
आगे क्या?
अभी निगमो-मंडलों, विकास प्राधिकरणों और बोर्ड में और भी बड़ी नियुक्तियां होनी बाकी हैं, जिसमें पूर्व विधायकों और चुनाव हारे वरिष्ठ नेताओं को समायोजित किया जाएगा।
