हेल्थ डेस्क। वैज्ञानिकों ने हाल के अध्ययनों में यह पता लगाया है कि फ्लू और COVID-19 बुजुर्गों को इतना अधिक प्रभावित क्यों करते हैं। इसका मुख्य कारण केवल कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) नहीं है, बल्कि उम्र बढ़ने के साथ फेफड़ों की कोशिकाओं में होने वाला बदलाव है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उम्रदराज फेफड़ों की कोशिकाएं (Aging Lung Cells)
यूसीएसएफ (UC San Francisco) के शोध के अनुसार, बुजुर्गों के फेफड़ों में ‘फाइब्रोब्लास्ट्स’ (fibroblasts -संयोजी ऊतक कोशिकाएं) नामक कोशिकाएं उम्र के साथ बदल जाती हैं। जब संक्रमण होता है, तो ये कोशिकाएं शरीर को “खतरे का संकेत” (distress signal) देती हैं, जो अत्यधिक सूजन (inflammation) का कारण बनता है।
अत्यधिक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया (Excessive Immune Response)
यह सूजन इतनी ज्यादा होती है कि यह वायरस को मारने के बजाय फेफड़ों के ऊतकों को ही नुकसान पहुंचाने लगती है।
इन्फ्लेमजिंग (Inflammaging)
बुजुर्गों में पुरानी, कम स्तर की सूजन (chronic low-grade inflammation) पहले से मौजूद होती है, जिसे ‘इन्फ्लेमजिंग’ कहा जाता है। COVID या फ्लू के वायरस इस स्थिति को बिगाड़ देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है।
GZMK जीन की भूमिका
शोधकर्ताओं ने फेफड़ों में सूजन वाली कोशिकाओं के समूह पाए, जो GZMK जीन द्वारा चिह्नित होते हैं। ये कोशिकाएं गंभीर कोविड-19 के मामलों में भी देखी गई थीं।
इम्यूनोसेनेसेंस (Immunosenescence)
उम्र के साथ प्रतिरक्षा प्रणाली की नई वायरस से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है (इम्यूनोसेनेसेंस), जिससे शरीर वायरस को फेफड़ों में फैलने से नहीं रोक पाता।
संक्षेप में बुजुर्गों में फेफड़े का ऊतक स्वयं संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है और सूजन की प्रतिक्रिया को बहुत तेजी से बढ़ाता है, जिससे श्वसन संबंधी जटिलताएं बढ़ जाती हैं।
फ्लू और कोविड
फ्लू (इन्फ्लुएंजा) और कोविड-19 दोनों ही सांस से जुड़ी संक्रामक बीमारियां हैं, लेकिन ये अलग-अलग वायरस के कारण होती हैं। इनके लक्षण इतने मिलते-जुलते हैं कि बिना टेस्ट के इनमें अंतर करना मुश्किल हो सकता है।
मुख्य अंतर और समानताएं
विशेषता फ्लू (इन्फ्लुएंजा) कोविड-19
वायरस इन्फ्लुएंजा वायरस SARS-CoV-2 वायरस
लक्षण दिखने का समय संक्रमण के 1 से 4 दिन बाद संक्रमण के 2 से 14 दिन बाद
गंभीरता गंभीर हो सकता है, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों में फ्लू की तुलना में अधिक गंभीर जटिलताओं और मृत्यु का जोखिम
विशेष लक्षण अचानक तेज बुखार और बदन दर्द स्वाद या गंध का चले जाना, सांस लेने में अधिक कठिनाई
लंबे समय तक प्रभाव आमतौर पर 1-2 हफ्ते में ठीक हो जाता है ‘लॉन्ग कोविड’ के रूप में महीनों तक थकान और कमजोरी रह सकती है
समान लक्षण (दोनों में मिलते हैं)
बुखार या ठंड लगना
खांसी और गले में खराश
थकान और सिरदर्द
नाक बहना या बंद होना
मांसपेशियों में दर्द
बचाव और उपचार
टीकाकरण: फ्लू और कोविड-19 दोनों के टीके उपलब्ध हैं। आप ये दोनों टीके एक साथ भी लगवा सकते हैं। HealthPartners के अनुसार, इनके बीच किसी प्रतीक्षा अवधि की आवश्यकता नहीं है।
दवाएं: दोनों के लिए अलग-अलग एंटीवायरल दवाएं उपलब्ध हैं जो डॉक्टर की सलाह पर ली जा सकती हैं।
सावधानी: मास्क पहनना, हाथों को धोना और सामाजिक दूरी बनाए रखना दोनों संक्रमणों को रोकने में मददगार हैं।
यदि आपको लक्षण महसूस होते हैं, तो सबसे सटीक तरीका यह है कि आप अपना टेस्ट करवाएं। आप NHS जैसी आधिकारिक वेबसाइटों पर अपनी स्थिति के अनुसार उचित सलाह ले सकते हैं।
