नई दिल्ली। दिल्ली में सोमवार 8 जून को हुई INDIA गठबंधन के सहयोगियों की बैठक में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ यानी सीजेपी पर चर्चा हुई। इस अहम बैठक में प्रमुख नेताओं ने इस प्लेटफार्म के लिए ऑनलाइन मिल रहे समर्थन की लहर की ओर इशारा किया, जहां कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि क्या CJP के लिए इस समर्थन का मतलब यह है कि लोगों का विपक्षी दलों पर अब भरोसा नहीं रहा, वहीं दूसरों ने कहा कि इस प्लेटफॉर्म के साथ जुड़ने की जरूरत है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इस बात पर जोर दिया कि विपक्षी दलों को सिर्फ चुनावों के दौरान ही नहीं, बल्कि साल भर सक्रिय और जमीनी स्तर पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के लिए मिल रहे समर्थन की लहर की ओर भी इशारा किया। बैठक में वर्चुअली शामिल हुए ठाकरे ने कहा कि INDIA गठबंधन के सदस्यों को आत्म-मंथन करने की जरूरत है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ जैसी ऑनलाइन घटना को ऑनलाइन इतना ज्यादा समर्थन कैसे मिल गया। बैठक में उन्होंने कहा, “क्या लोगों का हम पर से भरोसा उठ गया है?”
सूत्रों के मुताबिक, ठाकरे ने कहा कि विपक्षी दलों को सड़कों पर उतरना चाहिए और साल भर जनहित से जुड़े मुद्दों को सक्रिय रूप से उठाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन को किसी नेता को अपना चेहरा बनाना चाहिए।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की बातों में भी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का जिक्र आया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के साथ जुड़ना चाहिए, क्योंकि वे जरूर “कुछ सही कर रहे होंगे”।
CPI-ML (लिबरेशन) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि गठबंधन को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ जैसे जन-आंदोलनों के प्रति एकजुटता दिखानी चाहिए।
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक टिप्पणी के जवाब में शुरू किए गए एक व्यंग्यात्मक प्लेटफॉर्म ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बहुत ज्यादा फॉलोअर्स बना लिए हैं। मुख्य न्यायाधीश ने बाद में अपनी टिप्पणी पर स्पष्टीकरण भी दिया था। इस शनिवार, उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा में गड़बड़ियों और पेपर लीक को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
असल में, कांग्रेस के भीतर से भी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के बारे में आवाजें उठी हैं। इससे पहले, कांग्रेस के सीनियर नेता और सांसद शशि थरूर ने कहा था कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को ऑनलाइन जो जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है, उससे देश के युवाओं का मूड पता चलता है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि यह ऑनलाइन ट्रेंड दिखाता है कि “लोग कितने निराश और असंतुष्ट हैं और इस तरह की पहल से जुड़कर वे अपनी बात कह सकते हैं”।
एक अलग लेख में, थरूर ने ‘कॉकरोच’ – जैसा कि इस व्यंग्यात्मक प्लैटफॉर्म के समर्थक खुद को कहते हैं – को सलाह दी कि “असली बदलाव अक्सर रोजमर्रा की राजनीति की सामान्य प्रक्रियाओं से ही आता है” और उन्हें चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
बदले हुए समीकरण
INDIA ब्लॉक की यह बैठक चार राज्यों – केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और असम – में विधानसभा चुनावों के बाद हुई। BJP ने असम में अपनी सत्ता बनाए रखी और पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस से सत्ता छीन ली। कांग्रेस ने केरल में लेफ्ट को हराया, और एक्टर-नेता विजय की TVK ने तमिलनाडु में DMK को हराया।
INDIA ब्लॉक की पिछली बैठक और इस बैठक के बीच कई समीकरण बदल गए थे। तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी, जिन्होंने कभी ब्लॉक में कांग्रेस के नेतृत्व को चुनौती दी थी, अब बंगाल में हार और अपनी पार्टी में जारी टूट-फूट के कारण बैकफुट पर हैं। DMK, जो कभी INDIA ब्लॉक की अहम सदस्य थी, ने ब्लॉक छोड़ दिया है। कांग्रेस ने MK स्टालिन के नेतृत्व वाली पार्टी के साथ गठबंधन तोड़ दिया और तमिलनाडु में जीत के बाद TVK के साथ हाथ मिला लिया।
कांग्रेस पर निशाना
कल की बैठक में सहयोगियों ने एक-दूसरे को कड़ा संदेश दिया। सूत्रों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कांग्रेस नेतृत्व – जिसमें पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी शामिल थे – से कहा कि पार्टी को “बड़ा दिल” दिखाना चाहिए और “सबको साथ लेकर चलने वाला” रवैया अपनाना चाहिए। यह इसलिए भी अहम है क्योंकि अगले साल उत्तर प्रदेश में चुनाव होने हैं, और सीट-शेयरिंग को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच कड़ी मोल-भाव की उम्मीद है।
अखिलेश ने यह भी कहा कि जहां क्षेत्रीय पार्टियों को यह कहने में कोई हिचकिचाहट नहीं होती कि वे कांग्रेस के साथ गठबंधन में हैं, वहीं ‘ग्रैंड ओल्ड पार्टी’ (कांग्रेस) कभी ऐसा नहीं कहती। उन्होंने DMK से रिश्ते तोड़ने और TVK के साथ हाथ मिलाने के कांग्रेस के फैसले की भी आलोचना की – NCP (SP) की सुप्रिया सुले और CPI(M) के जॉन ब्रिटास ने भी इस बात का समर्थन किया।
बैठक में अहम निर्णय
सोमवार की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि INDIA गठबंधन चुनाव में कथित गड़बड़ियों को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को पत्र लिखेगा और पेपर लीक व परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर मचे हंगामे के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग करेगा। उन्होंने कहा, “वोट की लूट और चुनाव में धांधली के मुद्दे पर CJI (भारत के मुख्य न्यायाधीश) को पत्र भेजने पर सहमति बनी है। यह पत्र जल्द ही CJI को सौंपा जाएगा।” उन्होंने कहा कि विपक्षी दल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करेंगे।
