भोपाल। MP प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2025-26: मध्यप्रदेश प्राथमिक शिक्षक नियोजन 2025-26 में दिव्यांग कोटे से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति आदेश का इंतजार है। अभ्यर्थियों के अनुसार, भोपाल के जेपी अस्पताल में दिव्यांगता के पुनः सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद 22 सितंबर 2026 तक नियुक्ति आदेश जारी नहीं किए गए हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जानकारी के मुताबिक, प्राथमिक शिक्षक नियोजन में 7,962 अभ्यर्थियों की चयन सूची प्राप्त हुई थी। इनमें से 6,922 अभ्यर्थियों के नियुक्ति आदेश जारी किए जा चुके हैं। शेष 1,040 मामलों में 465 पदों से संबंधित दस्तावेज और दिव्यांग सत्यापन की प्रक्रिया बताई गई थी।
सत्यापन के बाद नियुक्ति की मांग
दिव्यांग अभ्यर्थियों का कहना है कि मेडिकल सत्यापन के साथ उनके पास UDID कार्ड और निर्धारित दिव्यांगता प्रमाण-पत्र भी मौजूद हैं। ऐसे में सत्यापन पूरा होने के बाद नियुक्ति आदेश जारी करने में देरी को लेकर वे परेशान हैं।
अभ्यर्थियों के मुताबिक, कई उम्मीदवार नियुक्ति की उम्मीद में भोपाल में किराए के कमरों में रह रहे हैं। लगातार कार्यालयों के चक्कर लगाने और रहने-खाने के अतिरिक्त खर्च के कारण उनकी परेशानी बढ़ रही है।
वेतन और नियुक्ति तिथि को लेकर चिंता
अभ्यर्थियों का कहना है कि जिन चयनित शिक्षकों को नियुक्ति आदेश पहले मिल चुके हैं, उनकी सेवा और वेतन संबंधी प्रक्रिया पहले शुरू हो गई है। वहीं, नियुक्ति में देरी होने से दिव्यांग चयनित अभ्यर्थियों को आर्थिक नुकसान की आशंका है।
हालांकि, वेतन के वास्तविक नुकसान की राशि नियुक्ति आदेश, कार्यभार ग्रहण करने की तारीख और लागू सेवा नियमों पर निर्भर करेगी, इसलिए इसे सीधे ₹25,000-30,000 का निश्चित नुकसान बताना उचित नहीं होगा।
इसी तरह, परिवीक्षा अवधि की समाप्ति भी नियुक्ति/कार्यभार ग्रहण करने की प्रभावी तिथि और संबंधित सेवा नियमों के अनुसार तय होगी। इसलिए इसे निश्चित रूप से 20 दिन आगे खिसकने की बात कहने से पहले नियुक्ति आदेश और लागू नियमों की पुष्टि जरूरी है।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें
दिव्यांग अभ्यर्थियों ने विभाग से मांग की है कि—
2 सितंबर तक सत्यापित सभी दिव्यांग अभ्यर्थियों की सूची सार्वजनिक की जाए।
पात्र पाए गए अभ्यर्थियों के नियुक्ति आदेश जल्द जारी किए जाएं।
सत्यापन और नियुक्ति प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट की जाए।
पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 और लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) में भी शिकायत की है। उनका कहना है कि यदि जल्द नियुक्ति आदेश जारी नहीं हुए तो वे DPI कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पर विचार करेंगे।
विभागीय प्रक्रिया का संदर्भ
प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में दिव्यांग अभ्यर्थियों का चयन संबंधित दिव्यांगता श्रेणी के सत्यापन से जुड़ा है। उपलब्ध भर्ती संबंधी जानकारी में भी चयनित दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए मेडिकल परीक्षण और रिपोर्ट सही पाए जाने के बाद नियुक्ति आदेश जारी होने की बात दर्ज है।
अभ्यर्थियों की मुख्य मांग अब यही है कि जिन उम्मीदवारों का सत्यापन पूरा हो चुका है, उनकी पात्रता की स्थिति स्पष्ट करते हुए नियुक्ति की अगली कार्रवाई की जाए।
