भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में बुनियादी ढांचे, सिंचाई, खेल, बिजली, न्याय व्यवस्था और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में करीब 13,790 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कैबिनेट ने प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसर के निर्माण और संचालन के लिए 962.50 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक सहमति दी है। इन परिसरों को मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के नाम से विकसित किया जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार मुख्य मैदान के बीच स्थायी हेलीपैड भी बनाए जाएंगे।
सिंचाई परियोजनाओं को बड़ी मंजूरी
सरकार ने नीमच की जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 4,197.58 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। राजगढ़ की सुठालिया सिंचाई परियोजना के लिए 262.63 करोड़ रुपये और पार्वती-रिन्सी सिंचाई परियोजना के लिए 507.23 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इन परियोजनाओं से बड़े क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।
2800 मेगावाट बिजली खरीद को मंजूरी
प्रदेश की भविष्य की बिजली जरूरतों को देखते हुए कैबिनेट ने प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया के जरिए 2,800 मेगावाट ताप विद्युत खरीदने की कार्यवाही को मंजूरी दी है। बिजली मध्य प्रदेश में मौजूद, निर्माणाधीन और प्रस्तावित नई ताप विद्युत परियोजनाओं से खरीदी जा सकेगी।
25 सितंबर से शुरू होगी सुगम बस परिवहन सेवा
कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री सुगम बस परिवहन सेवा का भी प्रस्तुतीकरण हुआ। सेवा का शुभारंभ 25 सितंबर को प्रस्तावित है और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भोपाल से 350 बसों को हरी झंडी दिखाएंगे। सरकार ने मार्च 2027 तक प्रदेश में 1,000 बसें शुरू करने का लक्ष्य बताया है। निजी बस ऑपरेटरों के साथ अनुबंध के जरिए सेवा संचालित की जाएगी और इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता दी जाएगी।
बसों में जीपीएस, सीसीटीवी, पैनिक बटन और रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी सुविधाओं की योजना भी बताई गई है। रूट सर्वे के आधार पर सिटी, इंटरसिटी और इंटरस्टेट मार्ग विकसित किए जाएंगे।
न्याय व्यवस्था के लिए भी राशि मंजूर
कैबिनेट ने ग्राम न्यायालय योजना को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 554.61 करोड़ रुपये मंजूर किए।
इसके अलावा मध्य प्रदेश विधिक सहायता एवं विधिक सलाह बोर्ड के लिए 524 करोड़ रुपये, परिवार न्यायालयों की स्थापना योजना के लिए 1,000 करोड़ रुपये और उच्च न्यायालय से संबंधित योजना के लिए 2,015.60 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
वाणिज्यिक कर विभाग की 6 योजनाओं को निरंतरता
कैबिनेट ने वाणिज्यिक कर विभाग की छह योजनाओं को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए कुल 969.87 करोड़ रुपये की मंजूरी दी। इसमें ई-रजिस्ट्री, स्टांप बिक्री, स्टांप लागत, विभागीय परिसंपत्तियों के रखरखाव, डिजिटल भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण और जिला/उप-पंजीयक कार्यालयों से संबंधित योजनाएं शामिल हैं।
इंदौर डेंटल कॉलेज में 13 नए पद
शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय, इंदौर में 13 नए शिक्षकीय पद सृजित करने को मंजूरी दी गई है। इनमें एक प्राध्यापक, 10 सह-प्राध्यापक और दो सहायक प्राध्यापक के पद शामिल हैं। इसके साथ बीडीएस और एमडीएस की सीटें बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
मैहर, पांढुर्णा और चितरंगी में नए PHE कार्यालय
कैबिनेट ने नवगठित मैहर और पांढुर्णा जिलों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जिला कार्यालय तथा सिंगरौली के चितरंगी में अनुविभागीय कार्यालय स्थापित करने को भी मंजूरी दी। इसके लिए नए पदों और कार्यालय संचालन से जुड़े वित्तीय प्रावधान किए गए हैं।
कुल मिलाकर
मंगलवार की कैबिनेट बैठक में खेल, सिंचाई, बिजली, परिवहन, न्याय, चिकित्सा शिक्षा और प्रशासनिक ढांचे से जुड़े कई प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए। सरकार के अनुसार इन फैसलों का उद्देश्य प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं और विभिन्न क्षेत्रों की क्षमता का विस्तार करना है।
