-धान खरीदी के लिए किसानों को पंजीयन का एक और मौका
-18 नवंबर को गांधी सागर में होगी अगली डेस्टिनेशन कैबिनेट
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास, शहरी अधोसंरचना, किसान कल्याण, वन एवं वन्यजीव संरक्षण और प्रशासनिक योजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सरकार ने 23,288 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों को निरंतर जारी रखने की मंजूरी दी। बैठक के बाद एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप ने मीडिया को फैसलों की जानकारी दी।
कैबिनेट के फैसलों में प्रदेश में 15 नए सैटेलाइट टाउन विकसित करने, धान उपार्जन के लिए पंजीयन की तारीख बढ़ाने और नीलगाय तथा हिरणों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने जैसे निर्णय शामिल हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को संपत्ति के अधिकार देने की प्रक्रिया तेज करने का लक्ष्य भी तय किया गया है।
कैबिनेट के प्रमुख फैसले और वित्तीय मंजूरियां
वन एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए 17,240.55 करोड़
कैबिनेट ने वन विभाग की नौ मौजूदा योजनाओं को अगले पांच साल तक जारी रखने के लिए 17,240 करोड़ 55 लाख रुपये मंजूर किए हैं। यह राशि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक खर्च की जाएगी।
- इसमें शामिल प्रमुख मद
- कार्य स्वीकृत राशि
- वन विभाग का संचालन एवं मैदानी कार्यालय 10,664.79 करोड़
- क्षतिपूर्ति वनीकरण 1,994.30 करोड़
- राष्ट्रीय उद्यानों का संरक्षण 1,623.79 करोड़
- लकड़ी उत्पादन संबंधी गतिविधियां 1,107.06 करोड़
- जू एवं रेस्क्यू सेंटर 604.23 करोड़
उज्जैन—जबलपुर में खुलेंगे नए जू एवं रेस्क्यू सेंटर
इन योजनाओं के तहत जंगलों की सुरक्षा, बाघों की निगरानी, वनकर्मियों का प्रशिक्षण और वन्यजीवों के बचाव के काम किए जाएंगे। उज्जैन और जबलपुर में नए जू एवं रेस्क्यू सेंटर बनाने की भी योजना है। प्रदेश के नौ टाइगर रिजर्व और 10 राष्ट्रीय उद्यानों के संरक्षण पर भी राशि खर्च होगी।
6 जिलों की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 4,103.73 करोड़
किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए चार परियोजनाओं को जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इनका लाभ पन्ना, विदिशा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और उज्जैन जिलों को मिलेगा।
- परियोजना स्वीकृत राशि प्रस्तावित लाभ
- मझगवां परियोजना, पन्ना 69.36 करोड़ 13,060 हेक्टेयर सिंचाई
- टेम मध्यम परियोजना, विदिशा 277.52 करोड़ 12,814 हेक्टेयर सिंचाई
- सीतापुर-हनुमना माइक्रो सिंचाई परियोजना 3,620.82 करोड़ 1.20 लाख हेक्टेयर सिंचाई
- सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी, उज्जैन 136.03 करोड़ शिप्रा नदी में सालभर जल उपलब्धता
शिप्रा सालभर रहेगी निर्मल
सीतापुर-हनुमना परियोजना में सोन नदी पर बैराज बनाकर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की योजना है। वहीं उज्जैन की सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना के तहत बारिश के दौरान शिप्रा नदी का पानी सिलारखेड़ी बांध में संग्रहित किया जाएगा और आवश्यकता के अनुसार वापस नदी में छोड़ा जाएगा। इससे शिप्रा में सालभर पानी बनाए रखने में मदद मिलेगी।
शहरों के विकास के लिए 700 करोड़
मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना को दो साल और जारी रखने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए 700 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
योजना की अवधि 1 अप्रैल 2027 से 31 मार्च 2029 तक रहेगी।
- पेयजल व्यवस्था का विस्तार।
- सड़कों और नालियों का निर्माण।
- स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था।
- सफाई व्यवस्था में सुधार।
- सामुदायिक भवनों का निर्माण।
- श्मशान घाट, रैन बसेरे और खेल मैदानों का विकास।
- आपदा प्रबंधन से संबंधित कार्य कराए जा सकेंगे।
स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश के लिए 610.51 करोड़
प्रदेश में अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े उद्योगों में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए उद्योग निवेश संवर्धन सहायता योजना को पांच साल तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इसके लिए 610 करोड़ 51 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश करने वाली कंपनियों को पूंजीगत सुविधाओं के विकास के लिए सहायता दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में स्वास्थ्य संबंधी उद्योगों को आकर्षित करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
लोकायुक्त संगठन के लिए 573.85 करोड़
भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करने वाले लोकायुक्त संगठन के संचालन के लिए भी कैबिनेट ने अगले पांच वर्षों में 573 करोड़ 85 लाख रुपये खर्च करने की मंजूरी दी है। इसमें 553 करोड़ 85 लाख रुपये वेतन, कार्यालय संचालन और अन्य प्रशासनिक खर्चों के लिए तथा 20 करोड़ रुपये संगठन की संपत्तियों के रखरखाव के लिए निर्धारित किए गए हैं। यह स्वीकृति वर्ष 2026 से 2031 की अवधि के लिए है।
जबलपुर के जनजातीय संग्रहालय में नया पद
जबलपुर स्थित राजा शंकर शाह-कुंवर रघुनाथ शाह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय में सहायक अनुसंधान अधिकारी का एक नियमित पद स्वीकृत किया गया है। इस पद पर नियुक्त अधिकारी संग्रहालय की देखरेख, प्रशासनिक कार्यों और अन्य विभागों के साथ समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके संचालन एवं रखरखाव पर सालाना 83 लाख 18 हजार रुपए खर्च होंगे।
प्रदेश में बनेंगे 15 नए सैटेलाइट टाउन
कैबिनेट बैठक में प्रदेश में 15 नए सैटेलाइट टाउन विकसित करने की जानकारी भी सामने आई। इसका उद्देश्य बड़े शहरों पर लगातार बढ़ रहे आबादी और बुनियादी सुविधाओं के दबाव को कम करना है। सैटेलाइट टाउन के माध्यम से बड़े शहरों के आसपास सुनियोजित आवासीय और शहरी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इनमें सड़क, पेयजल, स्वच्छता और अन्य नागरिक सुविधाओं को विकसित करने पर जोर रहेगा। हालांकि, इन 15 शहरों के नाम, स्थान और प्रत्येक के लिए प्रस्तावित बजट का विस्तृत ब्योरा अभी सार्वजनिक जानकारी में सामने नहीं आया है।
धान खरीदी के लिए पंजीयन की तारीख बढ़ी
धान उत्पादक किसानों को राहत देते हुए सरकार ने समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए पंजीयन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 4 नवंबर 2026 कर दी है। जिन किसानों का पंजीयन किसी कारण से नहीं हो पाया है, उन्हें एक अतिरिक्त अवसर मिलेगा। इससे समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीदी में शामिल होने के इच्छुक किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना: 15 लाख रजिस्ट्रियां पूरी
कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना की प्रगति की भी जानकारी दी गई।
- अब तक लगभग 15 लाख संपत्ति रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं।
- 15 नवंबर 2026 तक 20 लाख रजिस्ट्रियां पूरी करने का लक्ष्य है।
- योजना से लगभग 60 लाख लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
- ग्रामीणों को संपत्ति की रजिस्ट्री निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
शत-प्रतिशत रजिस्ट्री वाले गांवों में दिवाली मनाएंगे मंत्री
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि जिन गांवों में शत-प्रतिशत रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं, वहां जाकर ग्रामीणों के साथ दीपावली और गोवर्धन पूजा मनाएं। दिसंबर में बड़े स्तर पर रजिस्ट्री दस्तावेजों के वितरण की भी तैयारी है।
नीलगाय और हिरणों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा
किसानों की फसलों को नीलगाय और हिरणों से होने वाले नुकसान को देखते हुए सरकार ने वन्यजीवों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की कार्रवाई की जानकारी दी। मंत्री चैतन्य कश्यप के अनुसार, बोमा पद्धति के जरिए करीब 2,000 नीलगाय और हिरणों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जा चुका है। इस तकनीक के इस्तेमाल के लिए अफ्रीका के विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया था। बोमा पद्धति में वन्यजीवों को विशेष रूप से तैयार किए गए रास्तों और घेरे की मदद से सुरक्षित तरीके से पकड़कर दूसरी जगह पहुंचाया जाता है।
बिरसा मुंडा जयंती पर तीन स्थानों पर होंगे बड़े आयोजन
15 नवंबर को जनजातीय नायक भगवान बिरसा मुंडा की जयंती प्रदेश में बड़े स्तर पर मनाई जाएगी। इसके लिए तीन स्थानों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर 5 नवंबर को मुख्यमंत्री निवास पर बैठक बुलाई गई है। इसमें आयोजन की रूपरेखा और व्यवस्थाओं पर चर्चा होगी।
18 नवंबर को गांधी सागर में होगी अगली कैबिनेट बैठक
मोहन यादव सरकार की अगली कैबिनेट बैठक 18 नवंबर को गांधी सागर बांध क्षेत्र में आयोजित की जाएगी। इसे डेस्टिनेशन कैबिनेट का नाम दिया गया है। इस बैठक में किसान कल्याण वर्ष और उद्योग वर्ष को ध्यान में रखते हुए कृषि और औद्योगिक विकास से संबंधित विषयों पर विशेष चर्चा की जाएगी। गांधी सागर क्षेत्र में ऊर्जा और पर्यटन विकास की संभावनाएं भी महत्वपूर्ण रहेंगी।
स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के अनुरूप लोगों से स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने खरीदारी में भारतीय उत्पादों को अधिक महत्व देने का संदेश दिया।
- कैबिनेट के फैसलों का एक नजर में सार
- प्रमुख फैसला विवरण
- विकास कार्य 23,288 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी (रिपोर्टेड कुल राशि)
- वन एवं वन्यजीव 17,240.55 करोड़ रुपये
- सिंचाई परियोजनाएं 4,103.73 करोड़ रुपये
- नगरीय विकास 700 करोड़ रुपये
- स्वास्थ्य उद्योग 610.51 करोड़ रुपये
- लोकायुक्त संगठन 573.85 करोड़ रुपये
- सैटेलाइट टाउन 15 नए शहर
- धान पंजीयन 4 नवंबर तक
- स्वामित्व योजना 15 नवंबर तक 20 लाख रजिस्ट्रियों का लक्ष्य
- वन्यजीव स्थानांतरण करीब 2,000 नीलगाय और हिरण
- अगली कैबिनेट 18 नवंबर, गांधी सागर
