–रिटर्निंग ऑफिसर उमेश शर्मा ने फॉर्म-26 को बताया नियमानुसार और पूर्ण
-हेमंत कटारे की तीनों आपत्तियां खारिज। कांग्रेस ने फैसले को अदालत में चुनौती देने का ऐलान किया
भोपाल। मध्यप्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता लगभग साफ हो गया है। मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान निर्वाचन अधिकारी ने पुरी के नामांकन को वैध घोषित कर दिया। कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे सहित अन्य नेताओं की ओर से दाखिल आपत्तियों को खारिज कर दिया गया।
रिटर्निंग ऑफिसर उमेश शर्मा ने अपने आदेश में कहा कि पुरी की ओर से दाखिल चुनावी हलफनामा (फॉर्म-26) पूर्ण है और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों का उल्लंघन साबित नहीं हुआ है। नामांकन रद्द करने लायक कोई गंभीर त्रुटि भी नहीं पाई गई।
कांग्रेस की तीनों आपत्तियां खारिज
कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने पुरी के नामांकन पर तीन प्रमुख आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
- हलफनामे में पत्नी के नाम और उनकी संपत्ति का पूरा विवरण नहीं होने का आरोप।
- जेनेवा स्थित अपार्टमेंट और विदेशी बैंक खातों की संपत्ति के मूल्यांकन एवं विवरण पर सवाल।
- हलफनामे की नोटरी और शपथ प्रक्रिया की वैधानिकता पर आपत्ति।
निर्वाचन अधिकारी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और दस्तावेजों की जांच के बाद सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया। आदेश में फॉर्म-26 को पूर्ण और नियमानुसार बताया गया है।
कांग्रेस जाएगी कोर्ट
निर्वाचन अधिकारी के फैसले के बाद कांग्रेस नेताओं हेमंत कटारे और आतिफ अकील ने फैसले को चुनौती देने की बात कही है। कांग्रेस का आरोप है कि नामांकन की जांच में निष्पक्षता नहीं बरती गई। पार्टी नेताओं ने बुधवार को अदालत जाने की बात कही है।
दो निर्दलीय प्रत्याशियों के पर्चे पहले ही निरस्त
नामांकन की जांच में दो निर्दलीय प्रत्याशियों के पर्चे भी खारिज किए गए।
- राजकुमार लोहानी: कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी का नामांकन अनिवार्य फॉर्म-26 निर्धारित प्रक्रिया में जमा नहीं होने के कारण निरस्त हुआ।
- कांते सायन्ना: नामांकन में प्रस्तावक का नाम नहीं होने के कारण पर्चा खारिज किया गया।
इस तरह पुरी के नामांकन को वैध ठहराए जाने और दोनों निर्दलीय प्रत्याशियों के पर्चे निरस्त होने के बाद चुनाव में उनके सामने कोई अन्य वैध प्रत्याशी नहीं बचा है।
5 नवंबर को होगा निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ
राज्यसभा उपचुनाव के कार्यक्रम के अनुसार 5 नवंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लिए जा सकते हैं। यदि इस अवधि में कोई अन्य वैध प्रत्याशी मैदान में नहीं रहता तो हरदीप सिंह पुरी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया जा सकेगा। मतदान की निर्धारित तारीख 12 नवंबर है, लेकिन निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति में मतदान की जरूरत नहीं होगी। हालांकि औपचारिक निर्वाचन की घोषणा नाम वापसी की समयसीमा पूरी होने के बाद ही होगी।
26 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित
हरदीप सिंह पुरी ने 31 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में विधानसभा पहुंचकर नामांकन दाखिल किया था। उनके नामांकन से संबंधित हलफनामे की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने लगभग 26 करोड़ रुपये की शुद्ध संपत्ति घोषित की है।
किस सीट पर हो रहा है उपचुनाव?
यह सीट केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के राज्यसभा से इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था। भाजपा ने इस सीट पर हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार बनाया है। मध्यप्रदेश विधानसभा में भाजपा के 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 65 विधायक हैं। राज्यसभा उपचुनाव में जीत के लिए 116 प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता है।
अब आगे क्या?
इस पूरे घटनाक्रम में तीन तारीखें महत्वपूर्ण हैं:
- 3 नवंबर: पुरी का नामांकन वैध घोषित, कांग्रेस की आपत्तियां खारिज।
- 5 नवंबर: नाम वापसी की अंतिम तारीख।
- 12 नवंबर: निर्धारित मतदान और मतगणना की तारीख, यदि चुनाव की नौबत आती है।
