-राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर बड़ी संगठनात्मक कार्रवाई
-5 प्रदेश उपाध्यक्ष, 14 महासचिव, 32 सचिव और 9 जिला अध्यक्षों पर गिरी गाज
-3 नवंबर को जारी हुआ निलंबन आदेश, अगले आदेश तक कार्रवाई प्रभावी
भोपाल। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को आयोजित कांग्रेस की ‘वोट चोरी रैली’ में शामिल नहीं होना मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों को भारी पड़ गया। भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के 60 पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इनमें प्रदेश कमेटी के उपाध्यक्ष, महासचिव और सचिवों के साथ विभिन्न जिलों के अध्यक्ष भी शामिल हैं।
मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस की ओर से 3 नवंबर 2026 को जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशों के अनुपालन में दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने को गंभीर संगठनात्मक अनुशासनहीनता माना गया है। इसी आधार पर संबंधित पदाधिकारियों को अगले आदेश तक निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई प्रदेश युवा कांग्रेस संगठन में बड़ी मानी जा रही है, क्योंकि एक साथ 60 पदाधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
60 पदाधिकारियों पर कार्रवाई, किस पद के कितने नेता?
- पद निलंबित पदाधिकारी
- प्रदेश उपाध्यक्ष 5
- प्रदेश महासचिव 14
- प्रदेश सचिव 32
- जिला अध्यक्ष 9
- कुल 60
इन प्रमुख पदाधिकारियों के नाम सूची में शामिल
निलंबन आदेश में प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में शिवराज यादव, राजवीर सिंह कुड़िया, योगिता सिंह परिहार, प्रमोद सिंह खरे और नीरज पटेल के नाम शामिल हैं।
प्रदेश महासचिवों में रोहित राजोरिया, अब्दुल करीम कुरैशी, विनय पांडे, राहुल हितेश ठाकुर, सुमन मौर्य, रिया पटेल, मोहम्मद अली, प्राची विजय परधी, जितेंद्र इवने, सोमराज पारते, पायल जैन, अंकित यादव, रेणुका गांधी और शेख सलमान शामिल हैं।
प्रदेश सचिवों की सूची में भी बड़ी संख्या में पदाधिकारियों के नाम हैं। वहीं जिला अध्यक्षों की सूची में मैहर, आगर, नीमच, बुरहानपुर, अनूपपुर, गुना, बड़वानी, छतरपुर और भिंड के पदाधिकारियों को शामिल किया गया है।
9 जिलों के अध्यक्ष भी निलंबित
- सौरभ शर्मा – मैहर
- पृथ्वीराज चौहान – आगर
- मनमोहन शक्तावत – नीमच
- अर्जुन जंगाले – बुरहानपुर
- मनवेंद्र मिश्रा – अनूपपुर
- पंचम भील – गुना
- आदित्य गोयल – बड़वानी
- मनवेंद्र सिंह परमार – छतरपुर
- मनीष पुरोहित – भिंड
इस कार्रवाई से प्रदेश के अलग-अलग जिलों में युवा कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे पर असर पड़ सकता है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू होगा और अगले आदेश तक जारी रहेगा।
क्या थी दिल्ली में आयोजित रैली?
कांग्रेस ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर बड़ी रैली आयोजित की थी। इसमें राहुल गांधी सहित विपक्षी गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए गए और चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं। पार्टी ने निर्वाचन आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। निर्वाचन आयोग और सरकार की ओर से इन आरोपों को लेकर अलग पक्ष रखा गया है। राष्ट्रीय नेतृत्व ने इस कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों की उपस्थिति को महत्वपूर्ण माना था। मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के जारी आदेश में भी दिल्ली कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने को कार्रवाई का आधार बताया गया है।
युवा कांग्रेस में संगठनात्मक अनुशासन का संदेश
एक साथ 60 पदाधिकारियों के निलंबन से मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस में संगठनात्मक अनुशासन को लेकर सख्त संदेश गया है। खास बात यह है कि कार्रवाई केवल प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि नौ जिला अध्यक्षों को भी इसमें शामिल किया गया है।
