-325 से अधिक आइटम की दरों में भारी अंतर
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भोपाल। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), भोपाल में दवाओं और सर्जिकल सामग्री की खरीदी को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। संस्थान की एक समिति की तुलनात्मक रिपोर्ट में अमृत फार्मेसी से प्राप्त मेडिकल सामग्री की आपूर्ति दरों और एम्स के अन्य आपूर्तिकर्ताओं के अनुबंधित रेट के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, 200 सेंटीमीटर की हाई-प्रेशर एक्सटेंशन ट्यूब की एक अनुबंधित दर 14.27 रुपये थी, जबकि अमृत फार्मेसी की आपूर्ति दर 943.49 रुपये दर्ज की गई। दोनों दरों के बीच 929.22 रुपये का अंतर है। तुलनात्मक दर के मुकाबले यह करीब 6,512 प्रतिशत अधिक है।
रिपोर्ट में 125 से अधिक दवाओं और 200 से ज्यादा सर्जिकल आइटम की दरों में भी बड़ा अंतर दर्ज होने की बात कही गई है। सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि जब खरीद दरों में इतना बड़ा अंतर सामने आया, तो संबंधित खरीद की वित्तीय समीक्षा, जिम्मेदारी तय करने और संभावित अतिरिक्त भुगतान की वसूली के लिए क्या कार्रवाई की गई।
14.27 रुपए की ट्यूब की दर 943.49 रुपए कैसे?
समिति की रिपोर्ट में हाई-प्रेशर एक्सटेंशन ट्यूब का उदाहरण कीमतों के अंतर को स्पष्ट करता है। रिपोर्ट में अन्य अनुबंधित आपूर्तिकर्ता की दर और अमृत फार्मेसी की दर की तुलना की गई थी। यह तुलना अपने आप में जांच की मांग करती है। हालांकि, वास्तविक वित्तीय नुकसान का निर्धारण करने के लिए उत्पाद की समान विशिष्टताओं, गुणवत्ता, पैकेजिंग, कर, आपूर्ति शर्तों और खरीद की मात्रा का मिलान जरूरी होगा।
हाई-प्रेशर एक्सटेंशन ट्यूब, 200 सेंटीमीटर
- तुलनात्मक दर 14.27
- अमृत फार्मेसी की दर 943.49
- प्रति इकाई दर का अंतर 929.22
दवाओं और सर्जिकल आइटम की दरों में भी बड़ा अंतर
रिपोर्ट में कई दवाओं और चिकित्सा सामग्री की दरों में अंतर दर्ज किया गया है।
- दवा या मेडिकल सामग्री तुलनात्मक दर अमृत फार्मेसी की दर दर्ज अंतर
- टेरलिप्रेसिन इंजेक्शन 22.33 649.56 2,809%
- जेंटामाइसिन इंजेक्शन 3.63 64.87 1,687%
- एसाइक्लोविर 19.76 327.60 1,558%
- मेथरजिन 14.00 201.60 1,340%
- नियोस्टिगमीन इंजेक्शन 4.26 44.02 933%
- आयरन सुक्रोज 14.49 144.14 895%
- शिशु फीडिंग ट्यूब 5.95 49.80 737%
- सर्जिकल डिस्पोजेबल गाउन 52.44 420.15 701%
- थायमिन इंजेक्शन 4.75 36.69 672%
- फॉस्फोमाइसिन सोडियम इंजेक्शन 347.20 2,555.28 636%
नोट : ये कुछ उदाहरण हैं, पूरी सूची नहीं।
शिकायतों के बाद अप्रैल 2025 में बनी थी समिति
जानकारी के मुताबिक, दवाओं और मेडिकल सामग्री की खरीद दरों को लेकर शिकायतें मिलने के बाद एम्स भोपाल के तत्कालीन निदेशक प्रो. डॉ. अजय सिंह के निर्देश पर तुलनात्मक जांच की प्रक्रिया शुरू हुई थी।
केंद्रीय मंत्रालय को भेजी गई थी जानकारी
बताया जाता है कि अमृत फार्मेसी की आपूर्ति दरों की तुलना एम्स के अन्य आपूर्तिकर्ताओं के रेट कॉन्ट्रैक्ट से की गई थी। रिपोर्ट केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों को भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई। हालांकि, इस पर कोई अंतिम कार्रवाई हुई या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
दो साल में खरीद बजट 100 करोड़ रुपए बढ़ा
एम्स भोपाल की खरीद का बजट भी चर्चा का विषय है। जानकारी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022-23 में खरीद बजट लगभग 145 करोड़ रुपए था, जो 2024-25 में बढ़कर 245 करोड़ रुपए हो गया। यानी दो वर्षों में करीब 100 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई।
एम्स भोपाल का खरीद बजट
बजट में लगभग 69 प्रतिशत वृद्धि हुई। हालांकि, मरीजों की संख्या, सेवाओं का विस्तार, नई चिकित्सा सुविधाएं और दवाओं की जरूरत जैसे कारण भी खर्च बढ़ा सकते हैं।
अब किन सवालों के जवाब जरूरी?
इस मामले में पारदर्शिता के लिए कुछ बिंदुओं पर आधिकारिक स्थिति सामने आना महत्वपूर्ण है:
- समिति की रिपोर्ट पर एम्स प्रबंधन और स्वास्थ्य मंत्रालय ने क्या निर्णय लिया?
- रिपोर्ट में शामिल वस्तुओं की कितनी मात्रा खरीदी गई और कुल भुगतान कितना हुआ?
- क्या सभी उत्पादों की गुणवत्ता, विशिष्टता और आपूर्ति शर्तों की तुलना की गई?
- क्या किसी अतिरिक्त भुगतान या खरीद प्रक्रिया में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई?
- क्या संबंधित खरीद आदेशों की समीक्षा, वसूली या जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू हुई?
