–ACS मंडलोई का भार हुआ कम, फाइनेंस से जुड़े काम देखेंगे प्रमुख सचिव
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यालय यानि सीएमओ (Chief Minister Office) में एक बार फिर प्रशासनिक स्तर पर कामकाज का बंटवारा किया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में पदस्थ वरिष्ठ IAS अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। इस नई व्यवस्था में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह को विभागों के आय-व्यय और वित्तीय कामकाज की निगरानी से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सीएमओ में अब विभागों के आय-व्यय पर रहेगी नजर
मुख्यमंत्री कार्यालय में पहले अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई के पास कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां थीं। अब कामकाज का नए सिरे से बंटवारा किए जाने के बाद उनका प्रशासनिक बोझ कम किया गया है।
सुखवीर सिंह को विभागों के आय-व्यय से संबंधित जानकारी और निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। पहले यह काम मुख्य रूप से नीरज मंडलोई देखते थे। नई व्यवस्था का उद्देश्य मुख्यमंत्री कार्यालय में जिम्मेदारियों का बेहतर विभाजन करना और प्रशासनिक कामकाज को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
मंडलोई का कम किया गया भार
मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई के पास पहले कई विभागों और प्रशासनिक गतिविधियों से जुड़े काम थे। नई व्यवस्था में कुछ जिम्मेदारियां दूसरे अधिकारियों को सौंप दी गई हैं। इससे मंडलोई को अपने शेष महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्वों पर अधिक ध्यान देने का अवसर मिलेगा।
CMO के पीएस भी देखेंगे महत्वपूर्ण काम
- मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ अधिकारियों के बीच अन्य जिम्मेदारियों का भी बंटवारा किया गया है।
- मुख्यमंत्री की घोषणाएं: घोषणाओं को दर्ज करना, उनकी समीक्षा और निगरानी करना।
- कार्यालय की स्थापना: मुख्यमंत्री कार्यालय की स्थापना और आंतरिक व्यवस्थाओं से जुड़े काम।
- सीएम प्रगति पोर्टल: योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा।
- कैबिनेट फैसले: मंत्रिमंडल के निर्णयों पर विभागों की कार्रवाई और उनके क्रियान्वयन की निगरानी।
- विभागीय रिपोर्टिंग: विभागों से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाएं और रिपोर्ट मुख्यमंत्री तक पहुंचाना।
सीएमओ में 11 IAS अधिकारियों की टीम
मुख्यमंत्री सचिवालय में सुखवीर सिंह की नियुक्ति के बाद यहां 11 IAS अधिकारियों की टीम काम कर रही है। इसमें अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह, सचिव सुधाम खाड़े, कौशलेंद्र विक्रम सिंह, इलैया राजा टी, चंद्रशेखर बालिम्बे सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं।
प्रशासनिक बदलाव के मायने?
मुख्यमंत्री कार्यालय किसी भी राज्य सरकार का सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र होता है। यहां से विभागों की कार्यप्रणाली, सरकारी योजनाओं, मुख्यमंत्री की घोषणाओं और कैबिनेट के फैसलों की निगरानी होती है। ऐसे में जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा होने से कामकाज में जवाबदेही बढ़ने और निर्णयों की निगरानी बेहतर होने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि नई व्यवस्था का असर सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और योजनाओं के क्रियान्वयन पर कितना दिखाई देता है।
